Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

उत्तर प्रदेश / उत्तराखंड

‘रामभद्राचार्य के खिलाफ सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो हटाएं…’, हाई कोर्ट ने टेक कंपनियों को दिया आदेश

Rambhadracharya Video High Court: रामभद्राचार्य के खिलाफ सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो को लेकर कोर्ट ने नाराजगी जताई. इसके साथ ही हाई कोर्ट ने टेक कंपनियों को ऐसे वीडियो को हटाने का आदेश दिया. आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है.

Author
Written By: News24 हिंदी Updated: Sep 20, 2025 00:22
rambhadracharya
रामभद्राचार्य।

Rambhadracharya Video High Court: उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट ने रामभद्राचार्य को लेकर चल रहे वीडियोज को लेकर नाराजगी जाहिर की है. हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने टेक कंपनियों को रामभद्राचार्य के खिलाफ सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो हटाने का आदेश दिया है. हाई कोर्ट ने फेसबुक, इंस्टाग्राम, गूगल और यूट्यूब के अधिकारियों को ये निर्देश दिया. इस मामले में कोर्ट ने टेक कंपनियों को नोटिस भी जारी किया है. स्वामी रामभद्राचार्य के वीडियोज को लेकर शरद चंद्र श्रीवास्तव और अन्य की ओर से याचिका दाखिल की गई थी, जिस पर हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने ये आदेश दिया.

की जाए ये कार्रवाई

हाई कोर्ट ने कहा कि इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के अधिकारियों को एक हफ्ते के अंदर स्वामी रामभद्राचार्य के खिलाफ चलाए जा रहे वीडियो के खिलाफ प्रत्यावेदन या काउंटर स्टेटमेंट दिया जाए. इसके साथ ही तत्काल कार्रवाई करते हुए वीडियो हटाने की कार्यवाही की जाए.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश में 121 राजनीतिक दलों की मान्यता रद्द, क्यों हुआ एक्शन?

स्टेट कमिश्नर को कार्रवाई का आदेश

कोर्ट ने बेधड़क खबर के नाम से फेसबुक और इंस्टाग्राम चैनल चलाने वाले संपादक शशांक शेखर से स्पष्टीकरण मांगते हुए दिव्यांगाें के लिए काम करने वाले स्टेट कमिश्नर को भी उचित कार्रवाई का आदेश दिया. शशांक शेखर पर स्वामी रामभद्राचार्य के खिलाफ अपमानजनक वीडियो चलाने का आरोप है. उनपर रामभद्राचार्य की दिव्यांगता को लेकर अपमानजनक कंटेंट वाला वीडियो चलाने का आरोप है. इस वीडियो पर रोक लगाने की भी मांग की गई थी.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें: Greater Noida News: शारदा यूनिवर्सिटी की छात्रा आत्महत्या मामला, CM योगी से सीबीआई जांच की मांग

8 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

दाखिल याचिका में मांग की गई थी कि केंद्र और राज्य सरकार विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगाम लगाने के लिए नियम बनाएं. इसके साथ ही इन नियमों का सख्ती से पालन भी कराएं. सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि इस कंटेंट के खिलाफ दिव्यांगों के लिए कार्य करने वाले स्टेट कमिश्नर की ओर से कार्रवाई करने का मामला बनता है. मामले में अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को तय की गई है.

First published on: Sep 19, 2025 11:16 PM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.