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what is UPCOS Benefit 11 lakh contractual employees: उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के 11 लाख कर्मचारियों को खुशखबरी देते हुए कैबिनेट मीटिंग में उत्तरप्रदेश आउटसोर्स सर्विस कार्पोरेशन (UPCOS) का तोहफा दे दिया। पिछले दो महीने से योगी सरकार इसपर काम कर रही थी। बीती 3 जुलाई भी लखनऊ में हुई हाई लेवल की मीटिंग में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारियों के अधिकारों और उनके न्यूनतम वेतनमान को लेकर उत्तरप्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम बनाने पर प्रशासन को उचित दिशा निर्देश दिए थे। साथ ही, उत्तरप्रदेश आउटसोर्स सर्विस कार्पोरेशन के गठन को मंजूरी दी थी।
VIDEO | Uttar Pradesh CM Yogi (@myogiadityanath) Adityanath holds cabinet meeting in Lucknow.
— Press Trust of India (@PTI_News) September 2, 2025
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/NnRMQFsuFa
आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती से लेकर उनकी जॉब सिक्योरिटी, उनकी कंट्रेक्ट भर्ती प्रक्रिया में एससी, एसटी और ओबीसी के लिए आरक्षण को सुनिश्चित करना भी यूपीसीओएस के दायरे में आएगा। यूपीसीओएस के गठन के बाद आउटसोर्स कर्मचारियों का कोई अधिकारी शोषण नहीं कर पाएगा। इससे पहले तक आउटसोर्स कर्मचारियों की सुनवाई के लिए कोई भी ऐसा विभाग नहीं था। इस मीटिंग में ही उत्तरप्रदेश आउटसोर्स सर्विस कार्पोरेशन के गठन के प्रस्ताव को कैबिनेट मीटिंग में रखने की बात तय हुई थी। आज इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई।
मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी महाराज ने आज लखनऊ में आयोजित बैठक में आउटसोर्स सेवा निगम की कार्यप्रणाली, संरचना और दायरे पर विस्तृत समीक्षा कर वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए एवं उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) के गठन को मंजूरी प्रदान की। pic.twitter.com/gvJbC1aACS
— Yogi Adityanath Office (@myogioffice) July 3, 2025
उत्तरप्रदेश के 93 सरकारी विभागों में करीब 11 लाख से करीब आउटसोर्स कर्मचारी काम कर रहे हैं। गीते 3 जुलाई की मीटिंग में सीएम योगी ने बताया था कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से बहुत शिकायतें मिलती थीं। किसी को वेतन समय पर नहीं मिल रहा तो किसी के वेतन में कटौती हो रही है। किसी को ईपीएफ-ईएसआई का लाभ नहीं मिल रहा था। आउटसोर्सिंग एजेंसियों की चयन प्रक्रिया भी बिखरी हुई थी। आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की दिक्कतों को देखते हुए उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) बनाने की बहुत जरूरत महसूस हो रही थी। अब इस बोर्ड का उद्देश्य ही इन आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन, श्रम अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।
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कंपनी एक्ट के तहत उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम काम करेगा और एजेंसियों के काम की निगरानी करेगा। नियमों के उल्लंघन पर एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट, डिबार या पेनाल्टी की सज़ा मिलेगी। मुख्य सचिव के नेतृत्व में एक बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और एक महानिदेशक (DG) इस निगम की निगरानी करेंगे। मंडल और जिला स्तर पर समितियां बनेंगी। एजेंसियों का चयन GeM पोर्टल से न्यूनतम 3 साल के लिए होगा। मौजूदा कर्मचारियों की नौकरी पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्हें तो एक्सपीरियंस के हिसाब से प्राथमिकता मिलेगी।
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