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उत्तर प्रदेश / उत्तराखंड

77वें गणतंत्र दिवस परेड में दुनिया देखेगी भारतीय सेना की शक्ति, बैटल एरे फॉर्मेशन और अत्याधुनिक स्वदेशी क्षमताओं का होगा प्रदर्शन

भारतीय सेना कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली 77वें गणतंत्र दिवस परेड में अपनी तरह के पहले बैटल एरे जिसे रणभूमि व्यूह रचना भी कहते है, इस फॉर्मेशन के माध्यम से एक शक्तिशाली और भविष्य के युद्ध के लिए किस तरह से तैयार है इसकी ताकत दुश्मन देश को दिखाएगी. सेना ने युद्ध की बदलती नीति और रणनीति में खुद को कैसे तैयार किया है इसका भी नजारा देशवासियों को देखने को मिलेगा.

Author Written By: Pawan Mishra Updated: Jan 23, 2026 22:44

भारतीय सेना कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली 77वें गणतंत्र दिवस परेड में अपनी तरह के पहले बैटल एरे जिसे रणभूमि व्यूह रचना भी कहते है, इस फॉर्मेशन के माध्यम से एक शक्तिशाली और भविष्य के युद्ध के लिए किस तरह से तैयार है इसकी ताकत दुश्मन देश को दिखाएगी. सेना ने युद्ध की बदलती नीति और रणनीति में खुद को कैसे तैयार किया है इसका भी नजारा देशवासियों को देखने को मिलेगा.

क्या है खास?

बैटल ऐरे: गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार ताकत दिखाएगी

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सेना के एक लेफ्टिनेंट जनरल ने ऑफ कैमरा न्यूज 24 को बताया कि परेड के नियमों के मुताबिक पहली बार, भारतीय सेना के मार्चिंग और आर्म्स की ताकत को जिसे युद्ध के माहौल के समय तैयार किया जाता है, यानी ऑपेरशन के दौरान सुरक्षा बलों को कैसे अटैक करने के लिए ग्राउंड 0 पर अलर्ट रहना है. इतना ही नहीं बैटल एरे एक तैयार, लचीली और उत्तरदायी भारतीय सेना को दर्शाता है, जो खुफिया, निगरानी और टोही को एक साथ रखता है. विमानन संपत्ति, विशेष ताकतें, तोपखाने और एयर सिक्योरिटी को एक साथ कमांड देता है. बैटल एरे ऑपरेशन सिन्दूर की शानदार सफलता के लिए एक श्रद्धांजलि भी है, जो भारतीय सेना की युद्ध कौशल को दिखाता है.

आपको बता दें कि इस बार सेना तेजी से आधुनिकीकरण और तकनीकी परिवर्तन को एक मंच पर साझा करते हुए अपनी गणतंत्र दिवस परेड की शुरुआत करेंगी.

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इनमें शामिल हैं:

  • उन्नत टोड आर्टिलरी गन सिस्टम (एटीएजीएस) – 155 मिमी
  • लंबी दूरी की मारक क्षमता वाला यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम (यूआरएलएस).
  • मानव रहित जमीनी वाहन, रोबोटिक कुत्ते, ड्रोन और लड़ाकू प्लेटफार्मों पर घूमती हुई गोला-बारूद
  • ऊबड़-खाबड़ सामरिक परिवहन प्रणाली (आरटीटीएस)
  • बैक्ट्रियन ऊंट, ज़ांस्कर टट्टू, रैप्टर और प्रशिक्षित कुत्तों सहित विशेषज्ञ सेवा जानवर.
  • भैरव बटालियन, शक्तिबाण रेजिमेंट और दिव्यास्त्र बैटरी

मार्चिंग दल

भारतीय सेना छह मार्चिंग टुकड़ियों को मैदान में उतारेगी, जिनमें शामिल हैं:

  • परिचालन भूमिका में मिश्रित स्काउट्स दल
  • राजपूत रेजिमेंट
  • असम रेजिमेंट
  • जम्मू और कश्मीर लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट
  • तोपखाने की रेजिमेंट
  • भैरव बटालियन टुकड़ी

इन मार्चिंग टुकड़ियों को भारतीय नौसेना, भारतीय वायु सेना, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और दिल्ली पुलिस की टुकड़ियां शामिल रहेगी.

बैटल ऐरे की विशेषता-

  • टी-90 भीष्म और अर्जुन मुख्य युद्धक टैंक
  • BMP-II सारथ और NAMIS-II मिसाइल सिस्टम
  • एएलएच ध्रुव, रुद्र, अपाचे एएच-64ई और एलसीएच प्रचंड सहित विमानन संपत्तियां
  • एटीएजीएस, धनुष, सूर्यास्त्र यूआरएल और ब्रह्मोस सहित लंबी दूरी की तोपखाने और मिसाइल प्रणालियां
  • आकाश और एमआरएसएएम (अभ्रा) वायु रक्षा प्रणाली

विशेष झांकी

भारतीय सेना की झांकी में सुदर्शन चक्र दिखाई देगी.

कमांडर और स्केल

  • परेड में 6,065 प्रतिभागी शामिल होंगे और इसकी कमान लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार संभालेंगे.
  • इस कार्यक्रम में 12 सैन्य बैंड और 8 पाइप बैंड भी शामिल होंगे.

First published on: Jan 23, 2026 10:44 PM

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