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Rajasthan: CHA प्रतिनिधिमंडल की सरकार से वार्ता फैल, किरोड़ीलाल मीणा के नेतृत्व में होगा महापड़ाव

जयपुर: राजस्थान में कोविड स्वास्थ्य सहायकों द्वारा लम्बे समय से आंदोलन किया जा रहा है। कोविड-19 महामारी के दौरान अस्पतालों में सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य सहायक ने सोमवार को डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के नेतृत्व में जयपुर-अजमेर रोड को जाम कर दिया। जिससे पूरा ट्रैफिक ठप हो गया। बता दें कि स्वास्थ्य सहायक सोमवार को […]

Edited By : Nirmal Pareek | Updated: Sep 5, 2022 18:01
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Kirodi Lal Meena arrived to support the CHA movement
Kirodi Lal Meena arrived to support the CHA movement

जयपुर: राजस्थान में कोविड स्वास्थ्य सहायकों द्वारा लम्बे समय से आंदोलन किया जा रहा है। कोविड-19 महामारी के दौरान अस्पतालों में सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य सहायक ने सोमवार को डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के नेतृत्व में जयपुर-अजमेर रोड को जाम कर दिया। जिससे पूरा ट्रैफिक ठप हो गया। बता दें कि स्वास्थ्य सहायक सोमवार को जयपुर में पैदल मार्च निकालने वाले थे और मुख्यमंत्री निवास कूच करने वाले थे लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया।

जानकारी के मुताबिक किरोड़ीलाल मीणा का काफिला मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करना चाहता था। लेकिन उन्हें पुलिस ने अजमेर रोड़ पर महापुरा के पास रोक दिया। पुलिस ने कानून व्यवस्था की स्थिति का हवाला देते हुए कोविड स्वास्थ्य सहायकों को जयपुर कूच करने से मना किया जिसके बाद सरकार की ओर से एक बार फिर बातचीत की पहल की गई।

सरकार से वार्ता रही विफल

वहीं अब जानकारी मिली है कि सांसद किरोड़ी लाल मीणा और 11 सदस्यीय CHA प्रतिनिधिमंडल की सचिवालय में चिकित्सा सचिव डॉ. पृथ्वी के साथ वार्ता विफल रही है जिसके बाद CHA का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। बताया जा रहा है कि अब सहायकों से अगले दौर की बातचीत कल होगी।

किरोड़ी लाल मीणा ने दिया ये बयान

इस दौरान मीडिया से बातचीत करने हुए किरोड़ी मीणा ने कहा कि जिस कांग्रेस सरकार ने दिल्ली में बेरोजगारी के लिए रैली की थी, उनको यह भी देखना होगा कि बेरोजगारी राजस्थान में भी चरम पर है। सांसद ने कहा कि जब तक सरकार स्वास्थ्य सहायकों को इनका हक नहीं देती तो धरना जारी रहेगा।

ये है मुद्दा

राजस्थान में कोरोना काल में प्रदेशभर में 28 हजार CHO और CHA वर्कर्स की नियुक्ति की थी। जिन्हें कोरोना मरीजों के उपचार के साथ घर-घर जाकर दवाई लेने की जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन 31 मार्च को वर्कर्स का कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो गया। जिसके बाद सरकार ने सभी को नौकरी से हटाने का आदेश जारी कर दिया।

First published on: Sep 05, 2022 06:01 PM
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