पंजाब के कर्मचारी हमारी रीढ़ की हड्डी हैं. उनका भत्ता उन्हें जरूर मिलेगा. हमने जितनी भी स्क्रीमें शुरू की है, उसमें से कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है. हम जब स्कीम बनाते हैं तो सभी के लिए बनाते हैं. हमारे यहां कर्मचारियों के लिए भी बिजली फ्री है.
पंजाब के विकास और भविष्य के रोडमैप पर चर्चा करने के लिए सोमवार, 1 जून को पंजाब कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनके कई मंत्रियों ने न्यूज24 के तीखे सवालों का जवाब दिया. यह सम्मेलन मोहाली के होटल रेडिसन रेड में आयोजित किया गया, जिसमें पंजाब के विकास, शासन, शिक्षा, हेल्थ, उद्योग और भविष्य के रोडमैप पर संवाद करके मंथन किया गया. चीफ गेस्ट प्रदेश के मुख्यमंत्री भगवंत मान के अलावा कई कैबिनेट मंत्री और कई दिग्गज हस्तियां भी बतौर मेहमान पंजाब समिट में शिरकत की.
समिट में मुख्यमंत्री समेत ये मंत्री कर रहे संवाद
- भगवंत सिंह मान (मुख्यमंत्री, पंजाब)
- हरपाल सिंह चीमा, वित्त मंत्री
- बरिंदर कुमार गोयल, खनन एवं जल संसाधन मंत्री
- अमन अरोड़ा, उद्योगी मंत्री और पंजाब आप अध्यक्ष
- डॉ. बलबीर सिंह (स्वास्थ्य मंत्री, पंजाब)
- हरजोत सिंह बैंस, शिक्षा मंत्री
मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनके कई मंत्री News 24 चैनल के साथ भी जुड़ें और पंजाब के लिए सरकारी योजनाओं के बारे में बताया, साथ ही अहम सवालों का जवाब दिया.
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, ED और CBI सिर्फ डराने के लिए है. पीएम मोदी ने 12 वर्षों में एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की. बीजेपी और अकाली दल अपना घर संभालें.
हरभजन सिंह से राज्यसभा के बदले एक रुपये भी नहीं लिए, अगर लिया होता तो वो एक रुपया हमारे लिए गोली की तरह होता- सीएम भगवंत मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान सिंह ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि 2029 के आगामी लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) की तरफ से प्रधानमंत्री का चेहरा अरविंद केजरीवाल होंगे.
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने महिलाओं को भरोसा देते हुए साफ किया है कि रजिस्ट्रेशन की कोई आखिरी तारीख (डेडलाइन) नहीं है. इसलिए महिलाओं को किसी भी तरह की जल्दबाजी करने या घबराने की जरूरत नहीं है.
भगवंत मान ने कहा- हमारा मुकाबला खुद के साथ है. हमने जो काम किया है, हमें उससे बेहतर करना है. पंजाब को फिर से नंबर-1 बनाना हमारे लिए चुनौती है. हमें और आगे मौका मिलेगा तो हम हर क्षेत्र में ऊपर जाएंगे. हमारा मुकाबला किसी पार्टी से नहीं है. आगामी पंजाब चुनाव में 'आम आदमी पार्टी' लगा सकती है 100 सीटों की सेंचुरी.
मजीठिया की एक ही डेजिग्नेशन है 'साला', हम कर देंगे लंबे समय के लिए बंद- CM भगवंत मान
पंजाब की 30-35 प्रतिशत पुलिस बीएसएफ के साथ काम करती है. दुश्मन की पहली गोली पंजाब के सीने पर आएगा. हमें केंद्र का भी सहयोग मिलता है. इसलिए देश बचाना है तो पहले पंजाब बचाओ.- मुख्यमंत्री भगवंत मान सिंह
हमारी स्कीम सिर्फ चुनाव के लिए नहीं, 1 जुलाई से महिलाओं को 1-1 हजार रुपये मिलेंगे- सीएम मान सिंह
पंजाब सरकार ने एक मुहिम चलाई है, जिससे कई युवाओं को नशा से मुक्ति मिल चुकी है. साथ ही सप्लाई चेन भी तोड़ी. रिहैब सेंटर भी बनाए गए.
न्यूज 24 के साथ हमारा बहुत पुराना रिश्ता- भगवंत मान
हरजोत सिंह ने आगे कहा कि अब गरीब से गरीब परिवार का बच्चा भी डिजिटल क्लासरूम, आधुनिक लैब और बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ पढ़ाई कर रहा है. उन्होंने दावा किया कि आज पंजाब के सरकारी स्कूल निजी नामी स्कूलों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं.
पत्रकार गरिमा सिंह के सवालों का जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब सरकार का सबसे बड़ा फोकस राज्य के बच्चों को मुफ्त और बेहतरीन शिक्षा देना है. उन्होंने गर्व से कहा कि ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ की शुरुआत के बाद से पंजाब के सरकारी स्कूलों की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है.
शिक्षा मंत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि नीति आयोग की ताजा रिपोर्ट भी इस बात की गवाह है कि पंजाब आज शिक्षा के चार्ट में सबसे आगे चल रहा है. उन्होंने कहा कि हमारा मकसद सिर्फ चुनाव जीतना नहीं, बल्कि पंजाब के हर बच्चे का भविष्य संवारना है और इस दिशा में काम लगातार जारी रहेगा.
हरजोत सिंह ने इस सवाल के जवाब में कहा कि अगर हमारे मुख्यमंत्री ऐसा कहते हैं तो जरूर मैं भी ये दावा कर सकता हूं.
हर गरीब तक विश्वस्तरीय इलाज पहुंचाने के लिए कॉर्पोरेट और निजी अस्पतालों को भी आगे आना होगा. उन्होंने निजी अस्पतालों के संचालकों से अपील की कि वे अपने यहां कम से कम 20 प्रतिशत बेड सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं (जैसे मुख्यमंत्री सेहत योजना) के तहत आने वाले मरीजों के लिए आरक्षित रखें.
वर्तमान में पंजाब के गांवों में 565 और शहरी व पिछड़े इलाकों में 318 क्लीनिक पूरी तरह सक्रिय हैं, जो जमीनी स्तर पर मुफ्त इलाज और दवाइयां मुहैया करा रहे हैं.
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार स्वास्थ्य को हर नागरिक का बुनियादी अधिकार मानती है. उन्होंने बताया कि राज्य में ग्रामीण और शहरी इलाकों के बीच स्वास्थ्य सुविधाओं के फर्क को मिटाने के लिए ‘आम आदमी क्लीनिक’ का तेजी से विस्तार किया जा रहा है.
अमन अरोड़ा ने कहा कि चाहे दिल्ली चुनाव है, चाहे बंगाल चुनाव है, दोनों ही निष्पक्ष चुनाव नहीं थे। इसकी वजह वोट काटना है। इसी वजह से दिग्गज नेता चुनाव हार गए। 31 सीटों पर बंगाल में बीजेपी की जीत का मार्जिन कम था और वोटें ज्यादा कटी थी। फ्री एंड फेयर इलेक्शन हो तो न बीजेपी टिकेगी न कांग्रेस टिकेगी। अगर लूट-चोरी के साथ चुनाव लड़ना है तो प्रतियोगिता का मतलब ही क्या।
बीजेपी और अकाली दल मिलकर सरकार बना लें पंजाब में यही बड़ी बात है। क्योंकि इन्हें आज तक 60 से 65 से ज्यादा सीटें मिली ही नहीं। आम आदमी पार्टी इससे ज्यादा, बहुमत वाली सीटों तक जीत रही है। बीजेपी 2 से 60 तक कैसे पहुंच जाएगी। कांग्रेस भी अपने बूते पर सरकार नहीं बना सकती।
फिलहाल कांग्रेस के साथ गठबंधन की जरूरत महसूस नहीं है। पंजाब में कांग्रेस बंटी हुई है। नवजोत सिद्धू, कैप्टन अमरिंदर सिंह, प्रताप सिंह बाजवा, सुखपाल खैहरा, चरणजीत सिंह चन्नी जितने भी कांग्रेसी लीडर हैं, आपस में गठबंधन कर ले, यही बड़ी बात है।
सवाल के जवाब में अमन अरोड़ा ने कहा कि अमन ने कुछ नहीं किया है? ईडी ले जाना चाहे तो ले जाए, सीबीआई ले जान चाहे तो ले जाए। आम आदमी पार्टी डर के दबाव में कोई चुनाव नहीं लड़ती।
अमन अरोड़ा ने कहा कि गौरव धीर दोस्त-भाई है और रहेगा। उसके बिजनेस के लिए मैं जिम्मेदार नहीं हूं। मैं न गौरव का प्रवक्ता हूं और न ही ईडी का प्रवक्ता हूं।
अमन अरोड़ा ने कहा कि राघव और अशोक मित्तल जिस पार्टी में गए हैं, वो अंबानी-अडाणी की पार्टी है। चलन बनता जा रहा है कि जिसकी सरकार इडी, सीबीआई, चुनाव आयोग उसी के होंगे। बीजेपी ने उन्हें धमकाया और वे डरकर आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में चल गई।
राघव चड्ढा इतने लोगों को लेकर चले गए। क्या अरविंद केजरीवाल, भगवंत मान और आपको समझा नहीं आया कि ऐसा होने वाला है। इसके जवाब में अमन अरोड़ा ने कहा कि अगर इतना मान सम्मान मिलने के बाद भी लोग साथ छोड़कर चलते जाते हैं तो क्या कर सकते हैं। मुझे वजह समझ आएगी तो आप लोगों को बता देंगे। राघव अगर उपनेता रहते हुए भी बीजेपी की लाइन टो करेंगे तो क्यों न हटाया जाए। पहले हटा देते तो पहले चले जाते। न हटाते तो शायद नहीं जाते। जहां इतना मान-सम्मान मिला हो वहां ऐसा करना शोभा नहीं देता। राघव का तो डेढ़ साल से चल रहा था। अशोक मित्तल के साथ क्या हुआ था जो चले गए। बीजेपी ने किसी के उसूल छोड़े, न किसी की आंख की शर्म छोड़ी।
अमन अरोड़ा ने कहा कि फ्रीबीज अगर फेल मॉडल है तो कामयाब मॉडल है। बंगाल और दिल्ली में फेल हुआ तो क्या। फ्रीबीज की ओर लोग ज्यादा भागते हैं। इसलिए पार्टियां चुनाव जीत जाती हैं।
अमर अरोड़ा ने कहा कि तीखी धार पर पंजाब चल रहा है। अगर 4 लाख करोड़ के कर्ज और मंदी के बीच भी देश को चला रहे हैं तो यह बड़ी बात है। सरकार को होने वाली कमाई सैलरी, पेंशन और कर्ज का ब्याज देने में चली जाती है।
अमन अरोड़ा ने कहा कि सब्सिडी भी देनी पड़ेगी और कमाई भी करनी पड़ेगी। 600 यूनिट बिजली फ्री देने पर 23000 करोड़ सब्सिडी पहुंच गई थी, जिसे घटाकर 13000 करोड़ पर ले आए। अगर सुविधाएं दे रहे हैं तो फ्रीबीज पर सब्सिडी का बोझ कम हुआ है।
70 साल में पंजाब का एक्साइज रेवेन्यू 6000 करोड़ था। 4 साल में हमने 13000 करोड़ तक पहुंचा दिया। जीएसटी की कलेक्शन भी बढ़ी है। सरकार के खजाने पर उसका हक है, जो सबसे ज्यादा जरूरतमंद है।
बरिंदर गोयल ने कहा कि बीजेपी वालों ने 42000 वोट काटकर दिल्ली में आम आदमी पार्टी को हराया। पंजाब में भी ऐसा ही करने की कोशिश है। कांग्रेस और बीजेपी पंजाब में फेल हैं। दोनों के पास पंजाब में वोट नहीं हैं। 750 किसान शहीद कराए। 2-4 सीटें दोनों को मिल जाएंगी, लेकिन जनता आप को लेकर काम के आधार पर जिताएगी।जनता ही अर्श पर बिठाएगी, जनता ही फर्श पर बिठाएगी।









