लेह हादसे में बलिदान आर्मी जवान तरनदीप को गमगीन माहौल में अंतिम विदाई; बचपन को याद कर फूट पड़े पिता
Edited By Balraj Singh

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फतेहगढ़ साहिब: पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में आज आर्मी जवान तरनदीप सिंह का बेहद गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस मौके पर इलाके के सैकड़ों लोगों ने बलिदानी को नमन किया, वहीं प्रशासनिक और सैन्य अधिकारियों डीसी परनीत कौर शेरगिल, एसएसपी डॉ. रवजोत कौर ग्रेवाल, एसडीएम खमाणों संजीव कुमार, विधायक रूपिंदर सिंह हैप्पी के अलावा अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। उधर, बेटे को अंतिम विदाई देते जब उसके बचपन को याद करके पिता केवल सिंह भावुक हो गए तो वहां मौजूद हर शख्स के नैनों से अश्रुधारा फूट पड़ी।
बता दें कि दो दिन पहले जम्मू-कश्मीर के लेह रोड पर एक सड़क दुर्घटना में आर्मी के 9 जवान बलिदान हो गए थे। इनमें चार हरियाणा के थे तो एक पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले के गांव गांव कमाली के 23 वर्षीय तरनदीप सिंह भी शामिल थे। तरनदीप सिंह दिसंबर 2018 में सेना में भर्ती हुआ था। तरनदीप के घर में अब माता-पिता के अलावा एक बड़ी बहन है। बीते दिन फूलों से सजे आर्मी ट्रक में बलिदानी तरनदीप का पार्थिव शरीर उसके पैतृक गांव में पहुंचा। इसके बाद उसे रिश्तेदारों और अन्य लोगों के अंतिम दर्शनार्थ रखा गया था। आज बलिदानी को बेहद गमगीन माहौल में अंतिम विदाई दे दी गई। मुखाग्नि पिता केवल सिंह ने दी।
वह शुरू से ही बेटे को फौज में भेजने का मन रखते थे। इसके लिए उन्होंने उसे अच्छी परवरिश दी। वह एक अच्छा क्रिकेटर भी था, वहीं गांव के हर धार्मिक कार्य में आगे रहता था। हर छुट्टी पर फतेहगढ़ साहिब में माथा टेकने जाता था। याद है वो दिन जब, मैं उसे दौड़ के लिए लेकर जाता था। मैं साइकल पर होता था तो बेटा पैदल ही मुझसे आगे निकल जाता था। उधर, इलाके के समाजसेवी सोही, समाजसेवी गुरविंदर सिंह सोही ने बताया कि तरनदीप सिंह अकसर युवाओं को नशे से दूर रहने और फौज में भर्ती होने की प्रेरणा देता था। अब ग्रामीणों ने बलिदानी बेटे की याद में गांव में एक अस्पताल बनाने की मांग प्रशासन के समक्ष रखी है।
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