पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल पंचतत्व में विलीन, पैतृक गांव में बेटे सुखबीर ने दी मुखाग्नि, कई नेता श्रद्धांजलि देने पहुंचे
Edited By Bhola Sharma

Parkash Singh Badal (File Photo)
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Parkash Singh Badal (File Photo)
Parkash Singh Badal Last Rites: पंजाब के पांच बार मुख्यमंत्री रहे प्रकाश सिंह बादल गुरुवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। मुक्तसर जिले के पैतृक गांव बादल में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। बेटे सुखबीर बादल ने उन्हें मुखाग्नि दी। इससे पहले उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। यहां पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित, मुख्यमंत्री भगवंत मान, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, एनसीपी नेता शरद पवार और प्रफुल्ल पटेल, एनसी नेता उमर अब्दुल्ला, अकाल और तख्त के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने अकाली पितामह को श्रद्धांजलि दी।
उनके बेटे और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित, मुख्यमंत्री भगवंत मान, उनके राजस्थान समकक्ष अशोक गहलोत, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, राष्ट्रवादी सहित कई गणमान्य लोगों की उपस्थिति में चिता को मुखाग्नि दी।

पंजाब की राजनीति के सबसे बुजुर्ग प्रकाश सिंह बादल पहली बार 1970 में मुख्यमंत्री बने थे।
कांग्रेस पार्टी के नेता शरद पवार और प्रफुल्ल पटेल, नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला, भाजपा नेता हंस राज हंस और तरुण चुघ, अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, पंजाब भाजपा प्रमुख अश्विनी शर्मा और पंजाब के पूर्व मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा।
#WATCH श्री मुक्तसर साहिब: शिरोमणि अकाली दल के सरंक्षक प्रकाश सिंह बादल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। pic.twitter.com/seMdGJPRDm
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 27, 2023
प्रकाश सिंह बादल का मंगलवार की रात मोहाली के एक प्राइवेट अस्पताल में निधन हुआ था। गुरुवार को चंडीगढ़ से अंतिम दर्शन के बाद प्रकाश सिंह बादल के पार्थिव शरीर को काफिले की शक्ल में उनके पैतृक गांव बादल ले जाया गया। जहां श्रद्धांजलि देने आए नेताओं का सुखबीर सिंह बादल ने हाथ जोड़कर आभार जताया। पार्थिव शरीर को फूलों से सजी ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखा गया। अंतिम यात्रा में सुखबीर के चचेरे भाई और पूर्व मंत्री मनप्रीत सिंह बादल और हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला शामिल थे। लोग प्रकाश सिंह बादल अमर रहें के नारे लगाते हुए फूलों से उन्हें अंतिम विदाई दे रहे थे।
इसके बाद किन्नू के बाग में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। पंजाब की राजनीति के सबसे बुजुर्ग प्रकाश सिंह बादल पहली बार 1970 में मुख्यमंत्री बने थे। इसके बाद उन्होंने 1977-80, 1997-2002, 2007-12 और 2012-2017 में मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया।
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