दिल्ली धमाके के दोषी दविंदर पाल भुल्लर का मानसिक संतुलन बिगड़ा; 8 हफ्ते की पैरोल पर आया जेल से बाहर
Edited By Balraj Singh

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1993 Delhi Bomb Blast Convict Davinder Pal Bhullar, अमृतसर: पंजाब के अमृतसर से बड़ी खबर आई है। यहां उम्रकैद की सजा काट रहे 1993 के दिल्ली धमाके के दोषी दविंदर पाल सिंह भुल्लर की मानसिक स्थिति कुछ ठीक नहीं है। इसी के चलते उसे 8 हफ्ते की पैरोल दी गई है। फिलहाल दिल्ली धमाके का दोषी दविंदर पाल सिंह भुल्लर अमृतसर के स्वामी विवेकानंद नशामुक्ति केंद्र में रखा गया है। उधर, इससे एक दिन पहले शुक्रवार को ही पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के दोषी शमशेर सिंह को भी जेल से आजादी मिली है।
बता देना जरूरी है कि 11 सितंबर 1993 को दिल्ली के रायसीना रोड पर युवा कांग्रेस के मुख्यालय के पास एक बम धमाका हुआ था। उस घटना में नौ लोग मारे गए थे, वहीं 30 अन्य घायल भी हुए थे। धमाके के लिए जिम्मेदार मानते हुए पंजाब के अमृतसर जिले के गांव दयालपुर निवासी दविंदर पाल सिंह भुल्लर को 2011 में सजा-ए-मौत (फांसी) का हुक्म दिया गया था। बाद में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) और अन्य सिख संगठनों के प्रयासों के बाद सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई में देरी और स्वास्थ्य कारणों के चलते भुल्लर की फांसी को 2014 में उम्रकैद में बदल दिया गया। पहले वह दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद था, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से एक विशेष व्यवस्था के तहत 2015 में उसे अमृतसर जेल में शिफ्ट कर दिया गया। तब से यह वहीं सजा काट रहा है।
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उधर, दविंदर पाल सिंह भुल्लर उन 8 सिख बंदियों में से एक है, जिन्हें श्री गुरु नानक देव की 550वीं जयंती के उपलक्ष्य में विशेष छूट देने का फैसला देश की सरकार कर चुकी है। इसकी जानकारी 29 सितंबर 2019 को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्ली के मुख्य सचिव को लिखे पत्र में दी थी। केंद्र ने दिल्ली के मुख्य सचिव को भुल्लर की रिहाई के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया था, लेकिन दिल्ली सरकार के सजा समीक्षा बोर्ड ने दविंदर पाल सिंह भुल्लर की समयपूर्व रिहाई पर कोई निर्णय नहीं लिया। उसने प्री-मैच्योर रिहाई के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रखी है।
हालांकि दविंदर पाल सिंह भुल्लर की समयपूर्व रिहाई पर तो अभी कोई फैसला नहीं हुआ है, लेकिन मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के चलते फिलहाल उसे 21 सितंबर से 17 नवंबर तक की 8 हफ्ते की पैरोल कोर्ट ने दे दी है। सूत्रों के मुताबिक इसके बाद जेल से बाहर आ चुका कथित आतंकवादी दविंदर पाल सिंह भुल्लर कड़ी सुरक्षा के बीच अमृतसर के स्वामी विवेकानन्द नशामुक्ति केंद्र में उपचाराधीन है। माना जा रहा है कि यहां से छु़ट्टी मिलने के बाद भुल्लर पैरोल पूरी होने तक अमृतसर के रणजीत एवेन्यू में सी ब्लॉक स्थित अपने घर पर ही रहेगा।
जांच में पता चला कि यह युवा कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष मनिंदरजीत सिंह बिट्टा को निशाना बनाकर किया गया था, लेकिन संयोग से बिट्टा बच गए थे। राजनीति छोड़ चुके मनिंदरजीत सिंह बिट्टा मौजूदा स्थिति में अखिल भारतीय आतंकवाद विरोधी मोर्चे के अध्यक्ष हैं। वह कारगिल युद्ध और संसद पर हुए हमले में शहीद हुए जवानों के परिवारों की देखभाल का जिम्मा उठाए हुए हैं। इससे पहले वह युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पंजाब में बेअंत सिंह की सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। शहीद-ए-आजम भगत सिंह से प्रभावित मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने 9 मई 1992 में अमृतसर में एक बम धमाके में बिट्टा ने अपना एक पैर खो दिया था। बड़ी बात यह है कि उस घटना में 13 लोग मारे गए थे। इसके बाद नई दिल्ली में एक जानलेवा हमले में बिट्टा बाल-बाल बच गए, वहीं उनके बॉडीगार्ड की मौत हो गई थी।
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