Monday, September 26, 2022
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Punjab: कराधान विभाग की प्रवर्तन शाखा द्वारा वसूली में 63.7 प्रतिशत वृद्धि दर्ज: हरपाल सिंह चीमा

मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि कराधान विभाग की प्रवर्तन शाखा (स्टेट जी.एस.टी.) ने चालू वित्तीय वर्ष के पहले पाँच महीनों में 63.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।

चंडीगढ़: पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी और कराधान मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां बताया कि कराधान विभाग की प्रवर्तन शाखा (स्टेट जी.एस.टी.) ने चालू वित्तीय वर्ष के पहले पाँच महीनों में 101.38 करोड़ रुपए की वसूली के साथ 63.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है, जबकि पिछले साल की इसी समय-सीमा के दौरान 61.92 करोड़ रुपए की वसूली की गई थी।

यह प्रगटावा करते हुए आबकारी और कराधान मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा ईमानदार करदाताओं के प्रति सकारात्मक पहुँच अपनाते हुए उनकी शिकायतों का जल्द से जल्द निपटारा करना सुनिश्चित बनाया जा रहा है, जबकि कर चोरी करने वालों के विरुद्ध सख़्त कदम उठाए गए हैं।

मौजूदा वित्तीय वर्ष में किए गए मुख्य सुधारों के बारे में और जानकारी देते हुए एडवोकेट चीमा ने कहा कि कराधान विभाग द्वारा लोगों को जीएसटी का समय पर भुगतान करने के लिए जागरूक करने के लिए अलग- अलग गतिविधियां की जा रही हैं, जबकि प्रवर्तन शाखा ने कर चोरी करने वालों पर पैनी नजऱ रखी हुई है।

उन्होंने आगे कहा कि शाखा ने अब तक फील्ड रेकी और डेटा माइनिंग की मदद से केवल निरीक्षण में 11 करोड़ रुपए की वसूली की है। पिछले साल की इसी समय-सीमा के दौरान विभाग द्वारा केवल 4.67 लाख रुपए की ही वसूली की गई थी।

मंत्री ने आगे बताया कि प्रवर्तन शाखा कर चोरी करने वालों के प्रति और अधिक सतर्क रहने के कारण सामान की ढुलाई के दौरान पकड़े गए मामलों में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि प्रवर्तन शाखा ने अब तक सामान की ढुलाई सम्बन्धी 3191 मामलों में जुर्माना किया है, जिसके नतीजे के तौर पर इस वित्तीय वर्ष के दौरान 90.40 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष की इसी समय-सीमा के दौरान 2235 मामलों में 61.80 करोड़ रुपए की आमदन हुई थी।

कराधान आयुक्त कमल किशोर यादव ने बताया कि राज्य और केंद्रीय जीएसटी अथॅरिटी के बीच बेहतर तालमेल के नतीजे के तौर पर प्रवर्तन मामलों की तेज़ी से जांच हुई है। उन्होंने कहा कि विभाग के पास पहले वाहनों की कमी थी, परन्तु अब सरकार ने आसान पहुँच के लिए और वाहन मंज़ूर किए हैं, जिससे प्रवर्तन शाखा द्वारा राज्य के कोने-कोने में कर चोरी के मामलों पर नकेल कसी जा सके।

श्री यादव ने कहा कि विभाग मुख्य कार्यालय, पटियाला में एक टैक्स इंटेलिजेंस यूनिट स्थापित करने की योजना बना रहा है, जिससे बड़े चोरों पर नकेल कसी जा सके। इसके साथ ही विभाग द्वारा राज्य के राजस्व को सुरक्षित करने के लिए शुरू में ही फर्जी करदाताओं की पहचान करने के लिए तकनीकी और अन्य उपकरण खरीदने की योजना बनाई जा रही है।

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