पंजाब सरकार के पूरे हुए 5 महीने, पेश किया रिपोर्ट कार्ड
Edited By Yashodhan Sharma

पंजाब सरकार
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पंजाब सरकार
चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के पांच महीने पूरे होने के मौके पर बुधवार को इसके पांच कैबिनेट मंत्रियों ने सांझा प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान अपनी कारगुजारी संबंधी रिपोर्ट कार्ड पेश किया। इन मंत्रियों में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस, स्वास्थ्य मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा, कृषि मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल और बिजली और लोक निर्माण मंत्री हरभजन सिंह ई. टी. ओ. शामिल थे।
प्रेस कॉन्फ़्रेंस की शुरुआत करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने पांच महीनों के दौरान ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने इस वित्तीय साल के लिए 9 प्रमुख विभागों के लिए रखे कुल बजट का 35.06 प्रतिशत हिस्सा 5 महीनों के अंदर ही जारी कर दिया है। बता दें इन विभागों में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, मैडीकल शिक्षा और अनुसंधान, शिक्षा (स्कूल और उच्च), तकनीकी शिक्षा, गृह मामले, सहकारिता, कृषि और किसान कल्याण और सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग शामिल हैं।
राज्य की वित्तीय सेहत को सुधारने के लिए मान सरकार द्वारा ईमानदारी से किये जा रहे प्रयासों का जिक्र करते हुए चीमा ने कहा कि 6349 करोड़ रुपए के मूल कर्ज़े और कर्ज़े पर लगे ब्याज के 5989 करोड़ रुपए समेत पंजाब सरकार ने कर्जे पर कर्ज वापस कर दिया है जबकि इस समय के दौरान 10729 करोड़ रुपए का कर्ज लिया।
चीमा ने आगे कहा कि मान सरकार ने पंजाब राज कृषि सहकारी बैंक (पी. एस. ए. सी. बी.) को संकट में से निकालने के लिए 525 करोड़ रुपए, पी. एस. ए. सी. बी. के पैंशनरों को भुगतान करने के लिए 188.01 करोड़ रुपए, गन्ना किसानों को अदायगी के लिए 200 करोड़ रुपए, पनसप को राहत देने के लिए खाद्य और सिविल सप्लाइज को 350 करोड़ रुपए में से 100 करोड़ रुपए, मूंगी दाल की काश्त को उत्साहित करने के लिए कृषि और किसान कल्याण विभाग को 100 करोड़ (मार्कफैड्ड को गैप फंडिंग) में से 66.56 करोड़ रुपए और बिजली सब्सिडी की अदायगी के लिए बिजली विभाग को 15843.63 करोड़ रुपए में से 5341.34 करोड़ रुपए पी. एस. पी. सी. एल के लिए जारी किये हैं।
वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने राजस्व में सुधार करने के साथ-साथ इसका प्रयोग सिर्फ़ राज्य के लोगों की भलाई करने पर ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने कहा कि वित्तीय साल 2022-23 के लिए जीएसटी कलेक्शन में 27 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य रखा गया था, पहले चार महीनों के दौरान राज्य ने 7243 करोड़ रुपए की जीएसटी की वसूली के साथ 24.15 प्रतिशत विस्तार प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि यह प्राप्ति निर्धारित गए लक्ष्य के बहुत पास है और आगे त्यौहार का सीजन आ रहा है जिस दौरान जीएसटी की वसूली में विस्तार होगा।
नई आबकारी नीति की सफलता के बारे जानकारी सांझा करते हुये वित्त मंत्री ने कहा कि नयी आबकारी नीति से मान सरकार ने 3108.17 करोड़ रुपए इकठ्ठा किये हैं जबकि पिछली सरकार ने वित्तीय साल 2021-22 के दौरान इसी समय दौरान 2166.48 रुपए इकठ्ठा किये थे। उन्होंने कहा कि आम आदमी सरकार ने शराब माफिया पर पूरी तरह लगाम लगा कर 43.47 प्रतिशत का एक्साईज विस्तार दर्ज किया है।
राज्य के कृषि, ग्रामीण विकास और एन. आर. आई मामले मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने भगवंत मान सरकार के पाँच महीनों का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुये अपने अधीन आते विभागों संबंधी जानकारी सांझा करते हुये बताया कि पंजाब सरकार ने प्राईवेट शुगर मिलों में गन्ने की आवक और कितनी चीनी बनाई गई के बारे पूरे विवरण इकट्ठे करने के लिए प्राइवेट शुगर मिलों का ऑडिट करवाने का फ़ैसला लिया है।
उन्होंने बताया कि प्रवासी पंजाबी बड़े स्तर पर राज्य के विकास में अपना योगदान डालने के लिए उनके साथ संपर्क कर रहे हैं। प्रवासी पंजाबियों की सुविधा के लिए अगले हफ्ते नयी नीति जारी की जायेगी, पंजाब सरकार की तरफ से एक विशेष ट्रस्ट सरकार की तरफ से बनाया जायेगा, जिसमें एन. आर. आई भाई योगदान डाल सकेंगे। इस बोर्ड का सारा पैसा स्वास्थ्य और शिक्षा सहूलतों को बेहतर बनाने के लिए ख़र्च किया जायेगा।
कृषि मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की तरफ से नकली कीटनाशकों की बिक्री राज्य में बिल्कुल नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इसको रोकने के लिए अब तक 6 बड़े स्टोरों पर छापेमारी करके कार्यवाही की गई है। उन्होंने साथ ही बताया कि राज्य सरकार की तरफ से बासमती की गुणवत्ता पर बुरा प्रभाव डालने वाली 10 कीटनाशक दवाओं पर पाबंदी लगाई गई है जो निर्यात गुणवत्ता में बड़ी रुकावट थीं।
कुलदीप सिंह धालीवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा राज्य भर में पंचायती ज़मीन से नाजायज कब्ज़े छुड़वाने के लिए व्यापक मुहिम चलाई गई है, अब तक 9053 एकड़ नाजायज कब्ज़े पंचायती ज़मीनों से छुड़वाए गए हैं, जिसमें मोहाली और दूसरे शहरों के नजदीक बहु कीमती करोड़ों रुपए की ज़मीन भी शामिल है। इस मुहिम के अंतर्गत बहुत से रसूखदारों से भी कई सौ एकड़ जमीन छुड़वाई।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग ने 7000 एकड़ शामलात पंचायती ज़मीन अब तक लोकेट की गई है, जिसका मालिक पंचायत विभाग है, परन्तु यह ज़मीन का कोई अता-पता नहीं था न ही इसकी वार्षिक बोली की जाती थी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का सबसे ऐतिहासिक कदम यह है कि पहली बार 12000 गांवों में ग्राम सभाएं करवाई गई हैं। उन्होंने बताया कि मंडी बोर्ड के अधीन आती लिंक सड़कों की मरम्मत और मजबूती पर 4500 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे और पशु मंडियों की रैनोवेशन मॉडर्नाइजेशन किया जाएगा।
कुलदीप सिंह धालीवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की पहलकदमी पर 1760 करोड़ रुपए केंद्र सरकार की तरफ से आर. डी. एफ के जारी किये गए हैं। राज्य सरकार की तरफ से यह फ़ैसला लिया गया है कि पैसा सिर्फ़ गांवों के सर्वपक्षीय विकास के लिए ही खर्चा जायेगा।
उन्होंने साथ ही बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की तरफ से किसानों को रिवायती गेहूँ धान के फ़सलीय चक्र से बाहर निकालने और पानी बचाने के लिए की पहल के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा मूंगी दाल पर पहली बार एम. एस. पी दिया गया है और जिस के नतीजे के तौर पर 1.29 लाख एकड़ के करीब मूँगी बीजी गई। पहले की अपेक्षा दोगुना क्षेत्र में हुई मूंगी की खेती इस साल बीजी गई। मुख्यमंत्री ने 200 करोड़ रुपए गन्ने के बकाया किसानों को जारी कर दिए हैं, 7 सितम्बर तक सभी बकायों का भुगतान कर दिया जाएगा।
कृषि मंत्री ने बताया कि किसानी आंदोलन के दौरान जानें गंवाने वाले किसानों के 300 पारिवारिक सदस्यों को सरकार की तरफ से नौकरियाँ दीं गई हैं और हर परिवार को 5-5 लाख रुपए मुआवज़ा दिया गया है। पंजाब के बिजली और लोक निर्माण मंत्री स. हरभजन सिंह ई. टी. ओ. ने पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए कहा कि बिजली विभाग की पिछले पांच महीनों की प्राप्तियों संबंधी बताते हुए कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान जी ने पंजाब के लोगों के साथ किये वायदे को पूरा करते हुये 1 जुलाई, 2022 से हर घर में प्रति महीना 300 यूनिट बिजली मुफ़्त देनी शुरू कर दी है।
उन्होंने बताया कि लोगों को मुफ़्त बिजली की सुविधा देने के लिए लगभग 5629 करोड़ का अतिरिक्त भार पंजाब सरकार पर पड़ेगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने 8 किलोवाट लोड तक 3 रुपए प्रति यूनिट वाली स्कीम को जारी रखने का फ़ैसला किया है, इससे 1278 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पंजाब सरकार पर पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि सरकार ने एक और अहम फ़ैसला करते हुये 31 दिसंबर, 2021 तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं के बिल माफ किये हैं, जिससे पंजाब सरकार 2996 करोड़ की अतिरिक्त सब्सिडी पी. एस. पी. सी. एल. को देगी। उन्होंने बताया कि इन सभी सब्सिडियों की कुल राशि 18137 करोड़ रुपए की बनती है। बिजली मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने हमारे किसान भाइयों के लिए बी. डी. एस. स्कीम के अंतर्गत प्रति हार्स पावर 4750 लोड घटा कर 2500 रुपए किया है, जिससे 1 लाख 59 हज़ार किसानों को 147 करोड़ रुपए का फ़ायदा हुआ है। उन्होंने बताया कि इस बार धान के सीजन के दौरान निर्विघ्न सप्लाई की गई और बिजली की अतिरिक्त माँग को पूरा किया।
उन्होंने बताया कि 29 जून, 2022 को बिजली सप्लाई 14 हज़ार 207 मेगावाट की मांग पूरी की गई है, जोकि एक रिकार्ड है। उन्होंने बताया कि बिजली विभाग ने 1000 मेगावाट सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए टैंडर किये हैं, जबकि 1000 मेगावाट सोलर प्लांट के लिए पंजाब से बाहर किये टैंडर किये जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि पिछले पांच महीनों के दौरान पी. एस. पी. सी. एल. द्वारा 284 नौजवानों को रोज़गार दिया गया है, जबकि 86 वेलदारों/वारिसों को तरस के आधार पर और 727 जे. ईज़ को नियुक्ति दी गई है। उन्होंने बताया कि 776 और उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र देने और 1690 असिस्टेंट लाइनमैनों की भर्ती प्रक्रिया जारी है।
लोक निर्माण विभाग की प्राप्तियों के बारे बताते हुये स. हरभजन सिंह ई. टी. ओ. ने बताया कि पंजाब में कुल सड़कों का 76500 किलोमीटर का नैटवर्क है, जिसमें 3686 किलोमीटर राष्ट्रीय मार्ग, 1133 किलोमीटर राज मार्ग, 1826 मिलोमीटर मेजर ज़िला मार्ग, 5022 किलोमीटर हसर ज़िला मार्ग और 64878 लिंक रोड हैं। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग के पास 38 हज़ार 890 किलोमीटर और मंडी बोर्ड के पास 32 हज़ार किलोमीटर की सड़कें हैं, जिनकी समय-समय पर ज़रूरत अनुसार मुरम्मत की जाती है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने पिछले 4 महीनों में 13 सड़कों को मुकम्मल किया है और 124 किलोमीटर सड़कों की मुकम्मल मरम्मत की गई है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा संगरूर में मेडीकल कॉलेज के निर्माण के लिए 345 करोड़ रुपए की सैधांतिक मंजूरी और नरसिंग कॉलेज के लिए लगभग 7.75 करोड़ रुपए की लागत वाले टैंडर मांगे जा चुके हैं। लोक निर्माण विभाग में भर्ती के बारे बताते हुए उन्होंने कहा कि विभाग में 22 उप-मंडल इंजीनियरों की भर्ती की गई है, 210 जे. ईज़ को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं, जबकि 78 सीनियर सहायक के पद भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया जारी है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की तरफ से राज्य के लोगों को बेहतर सेहत सहूलतें मुहैया कराने की वचनबद्धता के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाते हुये आज़ादी दिवस पर 75 आम आदमी क्लीनिक खोलने के वायदे में 25 और क्लीनिक खोल दिए गए हैं। इससे आम आदमी क्लीनिकों की कुल संख्या 100 हो गई। यह जानकारी पंजाब के स्वास्थ्य एवं मेडीकल शिक्षा मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने बुधवार को पंजाब भवन में बुलाई प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान राज्य सरकार के पांच महीनों के थोड़े से समय में किये कामों के विवरण देते हुए दी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री की तरफ से लुधियाना में इसकी शुरुआत की गई। यह क्लीनिक राज्य में हर तरफ़ खोले गए हैं जो कि राज्य भर के लोगों को बेहतरीन सेहत सेवाएं मुफ़्त में मुहैया करेंगे। हर आम आदमी क्लीनिक में मरीज़ों के इलाज और बीमारियों का पता लाने के लिए एम. बी. बी. एस. डाक्टर, फार्मासिस्ट, नर्स और अन्य समेत स्टाफ के 4-5 व्यक्ति होंगे।
जौड़ामाजरा ने दोहराया कि सेहत क्षेत्र राज्य सरकार की मुख्य प्राथमिकता हैं। राज्य में हर पाँच किलोमीटर के घेरे में नशा मुक्ति केंद्र स्थापित किये गये हैं। इसी तरह ओट क्लीनिकों की संख्या 208 से बड़ा कर 537 की गई है। इन केन्द्रों में 7.05 लाख के करीब मरीज़ रजिस्टर्ड हो चुके हैं। भर्ती के बारे जानकारी देते हुये स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 253 कम्यूनिटी सेहत अफ़सर, माहिर डॉक्टर और अन्य की भरती हो चुकी है और मोहल्ला क्लीनिकों के लिए 296 स्टाफ को ऐमपैनल्ड किया गया है।
कोविड के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग निरंतर काम कर रहा है। 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों को पहली डोज़ का 96 प्रतिशत और दूसरी डोज़ का 83 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया है। टेस्टिंग बाकायदा चल रही है। सेहत बुनियादी ढांचा मज़बूत किया जा रहा है जिसके अंतर्गत 3 जच्चा-बच्चा अस्पताल, अमृतसर में रेडियो थेरेपी सेंटर, नाभा में फायर फाइटिंग सिस्टम लगाने का काम, 31 कम्यूनिटी हैल्थ सैंटरों में ई. टी. पी. प्लांट लगाने का काम, तीन ज़िला और 10 सब डिवीज़न अस्पतालों में रिपेयर और नवीनीकरण का काम जारी है।
जौड़ामाजरा जिनके पास मेडीकल शिक्षा और अनुसंधान विभाग भी है, ने बताया कि अगले पांच सालों में हर ज़िले में मेडीकल कॉलेज होगा क्योंकि 11 ज़िले ऐसे हैं जिनमें कोई भी मेडीकल कॉलेज नहीं है। होशियारपुर और कपूरथला में मेडीकल कॉलेजों के लिए भारत सरकार से मंजूरी मिल गई है और टैंडर किये जा रहे हैं। मसतूआना साहिब (संगरूर) में मुख्यमंत्री जी की तरफ से मेडीकल कालेज का नींव पत्थर रखा गया। मालेरकोटला में एक मेडीकल कालेज अल्पसंख्यक मंत्रालय के पास विचाराधीन है। मेडीकल शिक्षा बजट 659.66 करोड़ से बड़ा कर 1033.06 करोड़ रुपए किया गया।
रेजिडेंट डॉक्टरों का बढ़ाया मेहनताना
रेजिडेंट डॉक्टरों का मेहनताना बढ़ाने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है। जूनियर रैज़ीडैंट को 52 हज़ार से बढ़ाकर 67968 रुपए और सीनियर रैज़ीडैंट को 65 हज़ार से बड़ा कर 81562 रुपए किया जा रहा है। पिछले पाँच महीनों के दौरान 842 स्टाफ नर्सों और 8 विशेषताओं के पैरामैडिकस के 81 पदों की नयी नियुक्तियाँ की गई और पैरामैडिकस के 52 पद और मेडीकल फेकल्टी के 184 पदों की भर्ती भी की जा रही है।
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