Om Pratap
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विपिन श्रीवास्तव, भोपाल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से ठीक पहले मध्य प्रदेश में महाकाल कॉरिडोर का श्रेय लेने की सियासत तेज हो गई है। मोदी जिस महाकाल कॉरिडॉर का लोकार्पण करने के लिए मंगलवार को उज्जैन आ रहे हैं, उसे कांग्रेस ने कमलनाथ का प्रोजेक्ट बताया है तो वहीं बीजेपी ने कांग्रेस के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है।
उज्जैन के श्री महाकाल लोक (महाकाल कॉरिडोर) के लोकार्पण से पहले अब उसका श्रेय लेने की होड़ मच गई है। मध्य प्रदेश कांग्रेस का दावा है कि महाकाल कॉरिडोर की योजना तत्कालीन कमलनाथ सरकार में बनी थी जिसका श्रेय अब शिवराज सरकार ले रही है। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने अपने ट्विटर हैंडल से बकायदा दो पोस्ट भी की हैं और उसमें बताया है कि महाकाल प्रोजेक्ट कमलनाथ की देन है।
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धर्मप्रेमी कमलनाथ,
विकास आस्था के साथ;कमलनाथ जी मध्यप्रदेश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हुये हैं जिन्होंने महाकाल परिसर को संवारने की योजना बनाई, स्वीकृति प्रदान की और बजट जारी कर कार्य प्रारंभ कराया।
“जय बाबा महाकाल” pic.twitter.com/G9ZuiezoZD
— MP Congress (@INCMP) October 10, 2022
कांग्रेस का दावा है कि कमलनाथ ने साल 2019 में इस प्रोजेक्ट के लिए 300 करोड़ रूपए मंजूर किए थे। दूसरी तरफ कमलनाथ ने बयान दिया है कि शिवराज झूठा श्रेय ले रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मैंने जो किया था महाकाल के लिए वो रिकार्ड पर है, ये (शिवराज सिंह चौहान) आज इसका श्रेय लेना चाह रहे हैं। ये तो सब चीजों का श्रेय ले लेते हैं। अब ये कहने न लगें कि हमने किसानों का कर्जा माफ किया था। जनता सब जानती है और वो अब भाजपा की भावनाओं में नहीं बहने वाली है। मुझे दुख है कि मैंने जिन चीजों की शुरुआत की थी, उन्हें पूरा नहीं कर पाया।
मध्यप्रदेश को मिली अनेकों सौग़ात,
श्रद्धा-भक्ति की मिसाल कमलनाथ। pic.twitter.com/AWhxgO7McA— MP Congress (@INCMP) October 9, 2022
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कांग्रेस के इस दावे पर मध्य प्रदेश के परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने आपत्ति जताई और कहा कि कांग्रेस पका पकाया खाने आ जाती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का ये सफेद झूठ है।
गोविंद सिंह राजपूत ने News24 से बात करते हुए कहा कि वह खुद कमलनाथ सरकार में भी मंत्री थे और उन्हें इस बात का पता ही नहीं है कि कमलनाथ सरकार ने कॉरिडोर के लिए 300 करोड़ रुपये कब जारी किए।
परिवहन मंत्री ने कहा कि महाकाल प्रोजेक्ट पूरी तरह से शिवराज सरकार का है जिसके लिए 700 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकारों में ही काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बना, अयोध्या का बहुप्रतीक्षित फैसला आया और अब महाकाल कॉरिडोर बनकर तैयार है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 11 अक्टूबर को उज्जैन में तैयार हुए महाकाल कॉरिडोर का लोकार्पण करने आ रहे हैं। करीब 750 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट का पहला चरण लगभग 350 करोड़ रुपए लागत का है।
राज्य सरकार ने कॉरिडोर का नाम ‘महाकाल लोक’ रखा है। मंदिर परिसर विस्तार परियोजना की शुरुआत 2017 में की गई थी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी से इस ऐतिहासिक क्षण को देखने का अनुरोध किया है।
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया था जिसमें नवनिर्मित कॉरिडोर की झलक दिख रही थी। उन्होंने लिखा था कि भारत की कालजयी संस्कृति के परिचायक श्रीमहाकाल लोक को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 अक्टूबर को बाबा महाकाल को समर्पित करेंगे।
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