वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक करण सोनकवडे का कहना है कि कांदिवली साइबर पुलिस ने भारतीय सेना में तैनात एक जवान के साथ हुई ऑनलाइन ठगी का सफलतापूर्वक समाधान किया और उसे रुपये 7,25,000 की पूरी रकम वापस दिलाई. यह मामला कांदिवली पश्चिम के साईनगर निवासी मनोज पाल का है, जो वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के ऊंचे इलाकों में देश की सेवा में तैनात हैं.
जानकारी के अनुसार, अप्रैल 2025 में मनोज पाल ऑनलाइन निवेश के नाम पर ठगी का शिकार हुए. ठगों ने उन्हें अधिक रिटर्न का झांसा देकर रुपये 7,25,000 रुपये अलग-अलग किस्तों में ठग लिए. घटना के बाद जवान ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई.
शिकायत मिलते ही कांदिवली साइबर सेल सक्रिय हो गया. सहायक पुलिस निरीक्षक दीपक कादबाने और उनकी टीम ने तुरंत ठगी की रकम जिन-बैंक खातों में ट्रांसफर हुई थी, उनका पता लगाया. टीम ने संबंधित बैंकों से संपर्क कर पैसे को होल्ड करवा दिया.
इसके बाद बोरिवली के प्रथम श्रेणी न्यायालय से आदेश प्राप्त कर पूरे रुपये 7,25,000 रुपये सीधे मनोज पाल के खाते में जमा कर दिए गए. इस कार्रवाई को पुलिस उपायुक्त संदीप जाधव और सहायक पुलिस आयुक्त नीता पाडवी के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया. वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक करण सोनकवडे और पुलिस निरीक्षक (क्राइम) शेखर शिंदे की निगरानी में टीम ने उत्कृष्ट कार्य किया.
पुलिस ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि ऑनलाइन निवेश या उच्च रिटर्न के लालच में आने से बचें. यदि किसी को ठगी का सामना करना पड़ता है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें. समय पर कार्रवाई करने से ठगी गए पैसे को वापस दिलाया जा सकता है.
यह मामला पुलिस की तत्परता और डिजिटल अपराधों के प्रति गंभीरता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है.
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक करण सोनकवडे का कहना है कि कांदिवली साइबर पुलिस ने भारतीय सेना में तैनात एक जवान के साथ हुई ऑनलाइन ठगी का सफलतापूर्वक समाधान किया और उसे रुपये 7,25,000 की पूरी रकम वापस दिलाई. यह मामला कांदिवली पश्चिम के साईनगर निवासी मनोज पाल का है, जो वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के ऊंचे इलाकों में देश की सेवा में तैनात हैं.
जानकारी के अनुसार, अप्रैल 2025 में मनोज पाल ऑनलाइन निवेश के नाम पर ठगी का शिकार हुए. ठगों ने उन्हें अधिक रिटर्न का झांसा देकर रुपये 7,25,000 रुपये अलग-अलग किस्तों में ठग लिए. घटना के बाद जवान ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई.
शिकायत मिलते ही कांदिवली साइबर सेल सक्रिय हो गया. सहायक पुलिस निरीक्षक दीपक कादबाने और उनकी टीम ने तुरंत ठगी की रकम जिन-बैंक खातों में ट्रांसफर हुई थी, उनका पता लगाया. टीम ने संबंधित बैंकों से संपर्क कर पैसे को होल्ड करवा दिया.
इसके बाद बोरिवली के प्रथम श्रेणी न्यायालय से आदेश प्राप्त कर पूरे रुपये 7,25,000 रुपये सीधे मनोज पाल के खाते में जमा कर दिए गए. इस कार्रवाई को पुलिस उपायुक्त संदीप जाधव और सहायक पुलिस आयुक्त नीता पाडवी के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया. वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक करण सोनकवडे और पुलिस निरीक्षक (क्राइम) शेखर शिंदे की निगरानी में टीम ने उत्कृष्ट कार्य किया.
पुलिस ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि ऑनलाइन निवेश या उच्च रिटर्न के लालच में आने से बचें. यदि किसी को ठगी का सामना करना पड़ता है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें. समय पर कार्रवाई करने से ठगी गए पैसे को वापस दिलाया जा सकता है.
यह मामला पुलिस की तत्परता और डिजिटल अपराधों के प्रति गंभीरता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है.