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मुंबई

महाराष्ट्र के राज्यपाल बोले, छत्रपति शिवाजी महाराज अब पुराने आदर्श, इन्हें बताया नया

महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी अकसर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। कई बार बयान देने के बाद विपक्षी पार्टियों द्वारा घेरे जाने पर वह स्पष्टीकरण भी दे चुके हैं। इस बार वह छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर एक बयान पर सोशल मीडिया पर चर्चा का कारण हैं। If someone asks […]

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Edited By : Amit Kasana Updated: Nov 21, 2022 17:57
राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी

महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी अकसर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। कई बार बयान देने के बाद विपक्षी पार्टियों द्वारा घेरे जाने पर वह स्पष्टीकरण भी दे चुके हैं। इस बार वह छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर एक बयान पर सोशल मीडिया पर चर्चा का कारण हैं।

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दरअसल, सोमवार को एक कार्यक्रम में उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए उनसे कहा अगर कोई आपसे पूछता है कि आपका आदर्श कौन है, तो आपको उसे खोजने के लिए कहीं बाहर जाने की जरूरत नहीं है वे आपको यहीं महाराष्ट्र में मिल जाएंगे।

राज्यपाल का बयान

आगे वह बोले छत्रपति शिवाजी महाराज अब एक पुराने आदर्श, पुरानी मूर्ति बन गए हैं। अब आप बाबासाहेब अंबेडकर से लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी तक नए आदर्श चुने। राज्यपाल के इस बयान के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। उनके इस बयान पर शिवसेना नेता सांसद संजय राउत ने कहा राज्यपाल को क्या हो गया है? आज उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान किया। उन्होंने राज्यपाल उनके पद से हटाने की मांग की।

पहले हो चुका है यह विवाद 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इससे पूर्व राज्यपाल ने अपने एक बयान में कहा था कि अगर महाराष्ट्र से गुजरातियों और राजस्थानियों को हटा दिया जाता है, तो महाराष्ट्र के पास कोई पैसा नहीं बचेगा और मुंबई को भारत की आर्थिक राजधानी नहीं कहा जाएगा। उनके इस बयान पर विपक्षी पार्टियों द्वारा विरोध जताने पर राज्यपाल ने सफाई देते हुए कहा था कि मुंबई महाराष्ट्र की शान है। यह देश की आर्थिक राजधानी भी है। मुझे गर्व है कि मुझे एक राज्यपाल के रूप में छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमि और मराठी लोगों की सेवा करने का अवसर मिला। इस वजह से मैंने बहुत कम समय में मराठी भाषा सीखने की कोशिश की। मैंने जो बयान दिया, उसमें मेरा मराठी आदमी को कम करके आंकने का कोई इरादा नहीं था। मैंने केवल गुजराती और राजस्थानी मंडलों द्वारा व्यापार में किए गए योगदान पर बात की थी।

First published on: Nov 21, 2022 05:57 PM

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