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मध्य प्रदेश

इंदौर दूषित पानी कांड, पीड़ितों से मिलने भागीरथपुरा पहुंचे राहुल गांधी, मृतकों के परिजनों को सौंपे चेक

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 24 मौतों के बाद राहुल गांधी पीड़ितों से मिले. उन्होंने मृतकों के परिजनों को 1-1 लाख के चेक दिए और स्मार्ट सिटी में इस बदहाली के लिए सरकार को घेरा.

Author Written By: Raja Alam Updated: Jan 17, 2026 19:22
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इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई 24 मौतों के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पीड़ितों का हाल जानने पहुंचे. उन्होंने अपने दौरे की शुरुआत बॉम्बे हॉस्पिटल से की जहां उन्होंने दूषित पानी की वजह से भर्ती बीमार मरीजों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली. इसके बाद राहुल गांधी सीधे भागीरथपुरा की तंग गलियों में पैदल चलकर मृतकों के घर पहुंचे. वे सबसे पहले मृतक गीता बाई और फिर जीवनलाल के परिवार से मिले. राहुल गांधी ने शोक संतप्त परिवारों को ढांढस बंधाया और निजी तौर पर प्रत्येक परिवार को 1-1 लाख रुपये की राहत राशि के चेक सौंपे ताकि उन्हें इस दुख की घड़ी में थोड़ी आर्थिक मदद मिल सके.

संस्कार गार्डन में शोक उपवास

परिजनों से व्यक्तिगत मुलाकात के बाद राहुल गांधी भागीरथपुरा के संस्कार गार्डन पहुंचे जहां बड़ी संख्या में पीड़ित परिवार मौजूद थे. यहां उन्होंने मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और पीड़ितों के साथ कुछ देर का मौन शोक उपवास भी रखा. राहुल गांधी ने वहां मौजूद हर एक परिवार की आपबीती सुनी और उनके साथ जमीन पर बैठकर दुख साझा किया. इस दौरान माहौल काफी गमगीन रहा और कई परिजनों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए न्याय की गुहार लगाई. राहुल गांधी ने उन्हें विश्वास दिलाया कि वे इस लड़ाई में उनके साथ खड़े हैं और उनकी आवाज को संसद तक लेकर जाएंगे.

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स्मार्ट सिटी के दावों पर सवाल

दूषित पानी कांड को लेकर राहुल गांधी ने राज्य सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि इंदौर जैसे स्मार्ट सिटी होने का दावा करने वाले शहर में लोगों को साफ पानी तक नहीं मिल पा रहा है. दूषित पानी के कारण पूरे-पूरे परिवार बीमार पड़ गए और कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी जो बेहद शर्मनाक है. उन्होंने जोर देकर कहा कि नागरिकों को साफ पानी देना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है जिसमें वह पूरी तरह नाकाम रही है. राहुल गांधी ने मांग की कि इस लापरवाही के लिए जो भी अधिकारी जिम्मेदार हैं उनकी जवाबदेही तय होनी चाहिए और सभी पीड़ितों को उचित इलाज के साथ-साथ सरकारी मुआवजे का लाभ मिलना चाहिए.

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पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की मांग

न्यूज 24 से बातचीत के दौरान मृतक गीता बाई और जीवनलाल के परिजनों ने अपना दर्द बयां किया. उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से उन्हें अभी तक कोई ठोस न्याय या मदद नहीं मिली है. परिजनों का कहना है कि मुआवजा देने से उनके खोए हुए लोग वापस नहीं आएंगे लेकिन सरकार को दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी और के साथ ऐसा न हो. उन्होंने यह भी शिकायत की कि इतनी बड़ी त्रासदी के बाद भी इलाके में साफ पानी की सप्लाई सुनिश्चित नहीं की गई है. राहुल गांधी ने इन परिवारों को भरोसा दिया कि वे विपक्ष के नेता के तौर पर अपना कर्तव्य निभाते रहेंगे और सरकार को जवाबदेही के लिए मजबूर करेंगे.

First published on: Jan 17, 2026 06:48 PM

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