मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में रविवार दोपहर एक बड़ा दर्दनाक हादसा हो गया. बरेला थाना इलाके के अंतर्गत एकता चौक के पास एक बेकाबू कार ने सड़क किनारे काम कर रहे मजदूरों को बुरी तरह रौंद दिया. यह हादसा उस वक्त हुआ जब मजदूर सड़क के डिवाइडर पर रेलिंग लगाने का काम कर रहे थे और दोपहर करीब 2:00 बजे खाना खाने के लिए ब्रेक पर बैठे थे. अचानक आई तेज रफ्तार कार ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया जिससे वहां चीख-पुकार मच गई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दो मजदूरों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया जबकि 11 लोग घायल हैं.
मंडला जिले के रहने वाले हैं सभी मजदूर
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक इस हादसे में कुल 11 मजदूर घायल हुए हैं जिन्हें इलाज के लिए तुरंत जबलपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है. अस्पताल में भर्ती घायलों में से एक की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है. ये सभी मजदूर पड़ोसी जिले मंडला के रहने वाले हैं और रोजी-रोटी की तलाश में जबलपुर आए थे. एडिशनल एसपी पल्लवी शुक्ला ने बताया कि हादसे की खबर मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया. मजदूरों के परिवारों को इस दुखद घटना की सूचना दे दी गई है जिससे उनके गांव में मातम पसरा हुआ है.
यह भी पढ़ें: इंदौर दूषित पानी कांड, पीड़ितों से मिलने भागीरथपुरा पहुंचे राहुल गांधी, मृतकों के परिजनों को सौंपे चेक
बिना नंबर प्लेट की कार लेकर फरार हुआ ड्राइवर
हैरान करने वाली बात यह है कि जिस कार से यह एक्सीडेंट हुआ उस पर कोई रजिस्ट्रेशन नंबर या नंबर प्लेट नहीं लगी थी. हादसे को अंजाम देने के बाद कार चालक मौके से फरार होने में कामयाब रहा. पुलिस ने बताया कि फरार ड्राइवर की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं और आसपास के इलाकों की घेराबंदी कर दी गई है. बिना नंबर की गाड़ी होने की वजह से पुलिस के लिए आरोपी तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण है लेकिन पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य सूत्रों की मदद से कार की पहचान करने की कोशिश कर रही है. बरेला थाना पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.
मजदूरों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क किनारे काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कार की रफ्तार बहुत ज्यादा थी और ड्राइवर ने मजदूरों को देखते ही नियंत्रण खो दिया था. सिग्मा कॉलोनी के बाहर हुए इस हादसे ने स्थानीय लोगों को भी झकझोर कर रख दिया है. लोगों का कहना है कि व्यस्त सड़कों पर काम के दौरान सुरक्षा घेरा होना जरूरी है ताकि इस तरह के बेकाबू वाहन मासूम लोगों की जान न ले सकें. फिलहाल पुलिस फरार आरोपी ड्राइवर को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है.
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में रविवार दोपहर एक बड़ा दर्दनाक हादसा हो गया. बरेला थाना इलाके के अंतर्गत एकता चौक के पास एक बेकाबू कार ने सड़क किनारे काम कर रहे मजदूरों को बुरी तरह रौंद दिया. यह हादसा उस वक्त हुआ जब मजदूर सड़क के डिवाइडर पर रेलिंग लगाने का काम कर रहे थे और दोपहर करीब 2:00 बजे खाना खाने के लिए ब्रेक पर बैठे थे. अचानक आई तेज रफ्तार कार ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया जिससे वहां चीख-पुकार मच गई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दो मजदूरों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया जबकि 11 लोग घायल हैं.
मंडला जिले के रहने वाले हैं सभी मजदूर
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक इस हादसे में कुल 11 मजदूर घायल हुए हैं जिन्हें इलाज के लिए तुरंत जबलपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है. अस्पताल में भर्ती घायलों में से एक की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है. ये सभी मजदूर पड़ोसी जिले मंडला के रहने वाले हैं और रोजी-रोटी की तलाश में जबलपुर आए थे. एडिशनल एसपी पल्लवी शुक्ला ने बताया कि हादसे की खबर मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया. मजदूरों के परिवारों को इस दुखद घटना की सूचना दे दी गई है जिससे उनके गांव में मातम पसरा हुआ है.
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बिना नंबर प्लेट की कार लेकर फरार हुआ ड्राइवर
हैरान करने वाली बात यह है कि जिस कार से यह एक्सीडेंट हुआ उस पर कोई रजिस्ट्रेशन नंबर या नंबर प्लेट नहीं लगी थी. हादसे को अंजाम देने के बाद कार चालक मौके से फरार होने में कामयाब रहा. पुलिस ने बताया कि फरार ड्राइवर की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं और आसपास के इलाकों की घेराबंदी कर दी गई है. बिना नंबर की गाड़ी होने की वजह से पुलिस के लिए आरोपी तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण है लेकिन पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य सूत्रों की मदद से कार की पहचान करने की कोशिश कर रही है. बरेला थाना पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.
मजदूरों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क किनारे काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कार की रफ्तार बहुत ज्यादा थी और ड्राइवर ने मजदूरों को देखते ही नियंत्रण खो दिया था. सिग्मा कॉलोनी के बाहर हुए इस हादसे ने स्थानीय लोगों को भी झकझोर कर रख दिया है. लोगों का कहना है कि व्यस्त सड़कों पर काम के दौरान सुरक्षा घेरा होना जरूरी है ताकि इस तरह के बेकाबू वाहन मासूम लोगों की जान न ले सकें. फिलहाल पुलिस फरार आरोपी ड्राइवर को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है.