जमीन-मकान खरीदारों की बल्ले-बल्ले! रजिस्ट्री होते ही 24 घंटे के भीतर अपने आप होगा म्यूटेशन, जेब ढीली करने से मिलेगी मुक्ति

Property Registration: हरियाणा में जमीन, मकान या दुकान की रजिस्ट्री होते ही अब म्यूटेशन ऑटोमोड में अपने आप दर्ज हो जाएगा. इस नई डिजिटल व्यवस्था से अब लोगों को पटवारियों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे.

Haryana Property Registration Auto Mutation System

जमीन-मकान खरीदने वालों को हरियाणा सरकार का तोहफा!

म्यूटेशन सिस्टम की मुख्य जानकारी:

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  • हरियाणा में रजिस्ट्री के साथ ही अब ऑटो म्यूटेशन सिस्टम के जरिए म्यूटेशन अपने आप दर्ज हो जाएगा.
  • मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मंगलवार को इस नए ऑनलाइन और पेपरलेस सिस्टम का उद्घाटन करेंगे.
  • बिना किसी विवाद या अतिरिक्त जांच वाले मामलों में म्यूटेशन को सिर्फ 24 घंटे में मंजूरी मिल जाएगी.
  • पारिवारिक बंटवारे, विरासत और कोर्ट के डिक्री से जुड़े म्यूटेशन मामलों का भी समयबद्ध निपटान होगा.
  • आम नागरिक अब अपने म्यूटेशन की स्थिति ऑनलाइन देखने के साथ डिजिटल कॉपी भी हासिल कर सकेंगे.

Property Registration: हरियाणा में मकान, प्लॉट, जमीन या दुकान खरीदने वाले लोगों के लिए एक बहुत बड़ी राहत की खबर है. अब प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त के बाद म्यूटेशन करवाने के लिए लोगों को पटवारियों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. सरकार अब इस पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन ऑटोमोड में शुरू करने जा रही है. इसका मतलब यह है कि जैसे ही आप तहसील में अपनी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराएंगे, वैसे ही म्यूटेशन अपने आप दर्ज हो जाएगा. आम जनता को अब अलग से म्यूटेशन दर्ज करवाने के लिए आवेदन करने की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बचेगा.

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ऑनलाइन देख सकेंगे स्टेटस

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मंगलवार को तहसीलों में ‘ऑटो म्यूटेशन सिस्टम’ और ‘पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0’ का उद्घाटन करेंगे. जिन मामलों में किसी अतिरिक्त जांच की जरूरत नहीं होगी, उनमें महज 24 घंटे के भीतर म्यूटेशन को मंजूरी दे दी जाएगी. इसके अलावा विरासत, पारिवारिक बंटवारे और कोर्ट के फैसलों से जुड़े म्यूटेशन मामलों का भी समय पर निपटान किया जाएगा. आम लोग अब अपने म्यूटेशन का स्टेटस घर बैठे ऑनलाइन देख सकेंगे और जरूरी दस्तावेजों की कॉपी भी डाउनलोड कर सकेंगे, जिससे सरकारी दफ्तरों की दौड़धूप पूरी तरह खत्म हो जाएगी.

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पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 से आसान हुई प्रक्रिया

नए सिस्टम के लागू होने से आवेदन करने का तरीका बेहद सरल और पारदर्शी हो गया है. अब डीटीपीई से एनओसी लेने के लिए कागजातों की फिजिकल कॉपी जमा करने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि सारा वेरिफिकेशन ऑनलाइन ही हो जाएगा. सुरक्षा और पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए जमीन खरीदने और बेचने वाले दोनों पक्षों के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया गया है. इसके साथ ही इस सिस्टम में क्यूआर कोड आधारित वेरिफिकेशन, ऑनलाइन डेटा मिलान और एक से अधिक अधिकृत व्यक्तियों को जोड़ने जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल की गई हैं.

लंबित मामलों के निपटान के लिए चलेगा विशेष अभियान

जिला उपायुक्त आयुष सिन्हा ने बताया कि इस नई प्रणाली से रजिस्ट्रेशन प्रोसेस अधिक सुरक्षित हो जाएगा, जिससे जमीनी फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी पर पूरी तरह रोक लगेगी. दस्तावेज की प्रामाणिकता बढ़ने से नागरिकों के समय और संसाधनों की बचत होगी. इसके साथ ही राजस्व विभाग द्वारा पुराने और पेंडिंग म्यूटेशन मामलों को खत्म करने के लिए एक विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है. इन बदलावों से राजस्व प्रशासन की कार्यकुशलता और पारदर्शिता बढ़ेगी, जिससे किसानों और जमीन मालिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा.

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नए सिस्टम से होने वाले मुख्य फायदे:

  • जमीन और मकान की रजिस्ट्री के बाद अब पटवारियों के चक्कर काटने और जेब ढीली करने से मुक्ति मिलेगी.
  • आधार आधारित ई-केवाईसी अनिवार्य होने से जमीनी प्रॉपर्टी के कामों में फर्जीवाड़े पर पूरी तरह रोक लगेगी.
  • डीटीपीई से एनओसी के लिए कागजात की फिजिकल कॉपी देने का झंझट खत्म होगा और ऑनलाइन वेरिफिकेशन होगा.
  • क्यूआर कोड और डिजिटल डेटा इंटीग्रेशन से जमीन के रिकॉर्ड बहुत तेजी से अपडेट हो सकेंगे.
  • सालों से अटके म्यूटेशन मामलों को निपटाने के लिए सरकार एक विशेष क्लीयरेंस अभियान भी चला रही है.

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लेखक के बारे में

Raja Alam

Raja Alam

राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में चार वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.
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