Saturday, 20 April, 2024

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PM मोदी का गांव वडनगर, मोढेरा का सूर्य मंदिर UNESCO विश्व धरोहर स्थलों की अस्थायी सूची में शामिल

UNESCO World Heritage Sites: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ( Archaeological Survey of India) ने मंगलवार को कहा कि यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर स्थलों (World Heritage Sites) की अस्थायी सूची में भारत के तीन नए सांस्कृतिक स्थलों को जोड़ा गया है, जिनमें मोढेरा में प्रतिष्ठित सूर्य मंदिर (Sun Temple at Modhera), गुजरात में पीएम मोदी का जन्मस्थान […]

Edited By : Om Pratap | Updated: Dec 21, 2022 15:23
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UNESCO World Heritage Sites: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ( Archaeological Survey of India) ने मंगलवार को कहा कि यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर स्थलों (World Heritage Sites) की अस्थायी सूची में भारत के तीन नए सांस्कृतिक स्थलों को जोड़ा गया है, जिनमें मोढेरा में प्रतिष्ठित सूर्य मंदिर (Sun Temple at Modhera), गुजरात में पीएम मोदी का जन्मस्थान ऐतिहासिक वडनगर शहर (Vadnagar Town) और त्रिपुरा में उनाकोटी जिले की उनाकोटी श्रृंखला में पत्थरों पर उकेरी गई मूर्तियां (Rock-Cut Sculptures) शामिल हैं।

बता दें कि यूनेस्को की अस्थायी विरासत सूची उन संपत्तियों की सूची है, जिन पर प्रत्येक राज्य की पार्टी नामांकन के लिए विचार करना चाहता है। किसी भी सांस्कृतिक, प्राकृतिक या मिश्रित विरासत स्थल को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल करने के लिए अस्थायी सूची में किसी साइट को जोड़ना एक आवश्यक शर्त है, लेकिन अस्थायी सूची में इसका स्थान इस बात की गारंटी नहीं देता है कि इसे सूची में शामिल किया जाएगा।

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केंद्रीय मंत्री ने ASI को दी बधाई

केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी ने विश्व विरासत सूची के लिए अधिक स्मारकों और स्थानों की लगातार पहचान करने के लिए ASI को बधाई दी।

बता दें कि भारत के पास अब यूनेस्को की अस्थायी सूची में 52 स्थल हैं। पिछले साल, भारत ने सूची में छह साइटों को जोड़ने का प्रस्ताव पेश किया था। इनमें सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, वाराणसी के ऐतिहासिक शहर के प्रतिष्ठित रिवरफ्रंट, हायर बेनकल के महापाषाण स्थल, महाराष्ट्र में मराठा सैन्य वास्तुकला, नर्मदा घाटी-जबलपुर में भेड़ाघाट-लमेटाघाट और कांचीपुरम के मंदिर शामिल हैं।

रेड्डी ने कहा कि वडनगर नगरपालिका एक बहुस्तरीय ऐतिहासिक शहर है, जिसका इतिहास लगभग 8वीं शताब्दी ईसा पूर्व तक फैला हुआ है। उन्होंने कहा, “शहर में अभी भी बड़ी संख्या में ऐतिहासिक इमारतें हैं जो मुख्य रूप से धार्मिक और आवासीय प्रकृति की हैं।”

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First published on: Dec 21, 2022 02:47 PM
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