Gujarat riots: सामूहिक हत्याओं और दुष्कर्म मामले में सभी 26 आरोपी बरी, 20 साल 4 महीने बाद आया फैसला
Edited By Rakesh Choudhary

Edited By Rakesh Choudhary

पंचमहल से भूपेंद्र सिंह की रिपोर्टः हलोल सत्र अदालत ने 20 साल पुराने मामले में सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के सभी 26 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। 2002 के दंगों में कलोल अंबिका नहर के पास एक टेंपो को जला दिया गया था इस घटना में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को निशाना बनाया गया था।
नवंबर 2002 में गोधरा कोर्ट में मामला दायर किया गया था। मामला बीस साल और चार महीने तक चला। इन घटनाओं में कुल 39 लोगों को अभियुक्त बनाया गया था। इनमें से 13 लोगों की मामले के लंबित रहने के दौरान मृत्यु हो गई। पंचमहल जिले के हलोल के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश लीलाभाई चुडासमा की अदालत ने शुक्रवार को सबूतों के अभाव में हत्या, सामूहिक दुष्कर्म और दंगा करने के अपराध में 26 लोगों को बरी कर दिया।
इन घटनाओं में कुल 39 लोगों को आरोपी बनाया गया था। जिनमें से 13 व्यक्तियों की उनके मामलों के लंबित रहने के दौरान मृत्यु हो गई। पंचमहल जिले के हलोल के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश लीलाभाई चुडास्मा की अदालत ने साक्ष्य के अभाव में 39 लोगों को हत्या, सामूहिक बलात्कार और दंगा के आरोपों से बरी कर दिया। पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की धारा 302, 143, 147, 376, 323, 324, 504, 506(2), 427, 341, 120बी, 295,395 के तहत मामला दर्ज किया था।
पीएसआई आरजेएस पाटिल ने अपने अपराध रजिस्टर में 20 से 27 तक की एक ही प्राथमिकी में इन सभी अपराधों को दर्ज किया था, इसलिए उन्हें भी आरोपी बनाया गया था। इन 39 लोगों में प्रोफेसर, नगर पार्षद, बीजेपी के लोग, डॉक्टर, व्यापारी और नामजद लोग इस मामले में शामिल थे।
न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on: