Gujarat Re-Invest Summit: गुजरात में आयोजित री-इन्वेस्ट समिट को दो दिन हो गए हैं। इन दो दिनों में समिट के जरिए भारत को रिन्यूबल एनर्जी सेक्टर में 32.45 लाख करोड़ रुपये का इंवेस्टमेंट मिला है। इस समिट में कुल 4 MoU साइन हुए हैं। जिसमें एक 5 हजार करोड़ रुपये का MoU गुजरात सरकार के GSEC और GUVNL के साथ PGCIL ने साइन किया है। दूसरा 59 हजार करोड़ रुपये का MoU खवाड़ा एनर्जी और GPCL के बीच साइन हुआ। तीसरा 85 हजार करोड़ रुपये का MoU जुनिपर ग्रीन एनर्जी और GEDA के बीच साइन किया गया। इस बात की जानकारी केंद्रीय अक्षय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने दूसरे दिन के प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी है। उन्होंने बताया कि गुजरात रिन्यूबल एनर्जी सेक्टर में ‘फ्यूचर एंट्री गेट’ के साथ देश में लीडिंग भूमिका निभा रहा है।
‘गुजरात ऊर्जा विजन 2047’
गुजरात की भूप्रेन्द्र पटेल सरकार अपने ‘गुजरात ऊर्जा विजन 2047’ के साथ रिन्यूबल एनर्जी सेक्टर में तेजी के साथ आगे बढ़ रही है। राज्य में ‘रिन्यूबल एनर्जी मिशन 100 गीगावॉट’ लॉन्च किया गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि गुजरात के ‘रिन्यूबल एनर्जी मिशन 100 गीगावॉट’ के लिए री-इन्वेस्ट समिट काफी लाभदायक साबित होगा। रिन्यूबल एनर्जी की टेक्नोलॉजी के लिए गुजरात सबसे स्मार्ट विकल्प था। इसके साथ ही उम्मीद जताई कि गुजरात में आयोजित री-इन्वेस्ट समिट काफी सफल होने वाला है। इस दौरान उन्होंने बताया कि रिन्यूबल एनर्जी के सेक्टर में भारत को इस समिट के जरिए 32.45 लाख करोड़ का निवेश मिला है।
गुजरात में विकास की संभावनाएं
इस समिट में जर्मनी, डेनमार्क से काफी बड़ा प्रतिनिधिमंडल आएं हैं, इसके अलावा 250 वक्ता, 250 अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने भी इसमें भाग लिया। इसके साथ ही 500 B2B मीटिंग, 60 B2G मीटिंग, 7000 से अधिक पंजीकृत विजिटर समिट में आए हैं। गुजरात में 300 दिनों की प्रचुर धूप के साथ सौर ऊर्जा क्षमता बढ़ाने की कई संभावनाएं हैं। इसके अलावा गुजरात में देश की सबसे लंबी तटरेखा है, जिससे यहां पवन ऊर्जा की भी काफी संभावनाएं हैं।