ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) द्वारा वक्फ (संशोधन) विधेयक के खिलाफ आयोजित विरोध प्रदर्शन पर दिल्ली राज्य हज समिति की अध्यक्ष कौसर जहां ने आपत्ति जताई है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि विरोध करने का कोई मतलब नहीं है।
कुछ लोग समुदाय को कर रहे गुमराह
अगर किसी को कोई आपत्ति है तो वे वक्फ (संशोधन) विधेयक के संसद में अपनी बात रखे। उन्होंने कहा कि सबकी राय जानने के बाद ही सरकार ने विधेयक पर काम किया है। केवल वे लोग वक्फ (संशोधन) विधेयक का विरोध कर रहे हैं जो समुदाय को गुमराह करना चाहते हैं और भ्रम पैदा करना चाहते हैं।
#WATCH | Delhi | On the protest organised by All India Muslim Personal Law Board (AIMPLB) against the Waqf (Amendment) Bill, Chairperson of Delhi State Haj Committee, Kausar Jahan says, “There is no point in protesting…They should put forth their views in Parliament. Everything… pic.twitter.com/TWlWEc0oVR
— ANI (@ANI) March 26, 2025
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विधेयक निष्पक्षता और पारदर्शिता की तरफ सरकार का बड़ा कदम
कौसर जहां ने कहा कि सड़कों पर धरना प्रदर्शन करने का कोई मतलब नहीं है। वक्फ संशोधन विधेयक को पेश करने से पहले इस बारे में सभी पार्टियों के जनप्रतिनिधियों की राय ली गई थी। उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे पर कुछ लोग मुसलमानों में भ्रम फैला रहे हैं। यह विधेयक निष्पक्षता और पारदर्शिता की तरफ सरकार का एक बड़ा कदम है।
32 लाख मुसलमानों को खाद्य पदार्थ और कपड़े दिए जाएंगे
कौसर जहां ने आगे कहा कि वक्फ की प्रॉपर्टी का फायदा जरूरतमंद लोगों के लिए होना चाहिए। यह विधेयक मुसलमानों के लाभ के लिए लाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ईद के मौके पर पर केंद्र सरकार ने ‘सौगात ए मोदी’ कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस योजना के तहत जरूरतमंद करीब 32 लाख मुसलमानों को खाद्य पदार्थ और कपड़े दिए जाएंगे।
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