दिल्ली में अब कमर्शियल वाहनों की एंट्री महंगी होगी। नगर निगम दिल्ली (MCD) ने पर्यावरण मुआवजा शुल्क (ECC) में 53% तक की बढ़ोतरी कर दी है। नए आदेश के मुताबिक 19 अप्रैल से हल्के कमर्शियल वाहनों और दो-एक्सल ट्रकों के लिए ECC ₹1400 से बढ़ाकर ₹2000 कर दिया गया है। वहीं तीन-एक्सल और उससे अधिक एक्सल वाले वाहनों पर यह शुल्क ₹2600 से बढ़ाकर ₹4000 हो गया है। यह शुल्क हल्के और भारी कमर्शियल दोनों वाहनों पर लागू होगा।
MCD ने ECC यानी Environment Compensation Charge में बदलाव किया है। MCD ने व्यावसायिक मालवाहक वाहनों पर ECC में मिलने वाली छूट खत्म कर दी है। अब दिल्ली के 156 टोल नाकों पर सभी कमर्शियल वाहनों से ECC वसूला जाएगा। बता दें कि सब्जी, दूध जैसी जरूरी वस्तुएं लाने वाले वाहनों को ECC में 100% छूट थी दिल्ली में खाली आने वाले मालवाहक वाहनों को 50% की रियायत मिलती थी।
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इसके पीछे की वजह टोल नाकों पर जाम खत्म करना बताया जा रहा है। पहले जरूरी सामान वाले वाहन का दावा चेक करने के लिए वीडियोग्राफी होती थी, जिससे पीछे गाड़ियों की कतार लग जाती थी। अब जांच नहीं होगी तो जाम कम होगा।
दरअसल, MCD ने यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन में लिया है, ताकि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को दिल्ली में आने से रोका जा सके। पर्यावरण मुआवजा शुल्क बढ़ाने का मकसद सिर्फ कमाई बढ़ाना नहीं, बल्कि दिल्ली की हवा को साफ करना और प्रदूषण पर काबू पाना भी है। अधिकारियों के मुताबिक शुल्क बढ़ने से भारी वाहन अब दिल्ली के अंदर से गुजरने के बजाय ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का रास्ता चुनेंगे। इससे राजधानी में ट्रैफिक और प्रदूषण दोनों में कमी आएगी।
आम आदमी पर क्या होगा असर?
ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री ने इस फैसले पर आपत्ति जताई है। ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन का कहना है कि बढ़ा हुआ शुल्क ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर सीधा आर्थिक बोझ डालेगा, जिसका असर आम जनता पर महंगाई के रूप में दिखेगा। इंडस्ट्री का मानना है कि पहले से ही बढ़ती लागत और टैक्स के बोझ के बीच यह फैसला परिवहन कारोबार के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकता है।
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