---विज्ञापन---

दिल्ली angle-right

दिल्लीवालों को लग सकता है महंगाई का एक और झटका, बिजली बिल बढ़ाने का रोडमैप मंजूर

Delhi Electricity Bills: दिल्ली में करोड़ो लोग रहते हैं, वो पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे हैं अब इलेट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों अपने कंज्यूमर्स को बिजली का झटका दे सकती है, क्योंकि इन कंपनियों को 8 फीसदी सरचार्ज बढ़ाने की इजाजत मिल चुकी है.

---विज्ञापन---

मुख्य बिंदु

  • दिल्ली के इलेक्ट्रिसिटी कंज्यमर्स के मंथली बिजली बिल में और बढ़ोतरी हो सकती है.
  • DERC ने लगातार दूसरे महीने एडिशनल ‘फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज’ को मंजूरी दी है.
  • डिस्कॉम की बिजली खरीद की लागत बढ़ने के कारण ये सरचार्ज लगाने की इजाजत दी गई है.
  • BRPL, BYPL और TPDDL के ग्राहकों के लिए सरचार्ज की दरें अलग-अलग होंगी.
  • ये व्यवस्था अगले आदेश तक हर महीने के आधार पर लागू रहेगी.

Delhi Electricity Bills May Increase: दिल्ली में रहने वाले लोगों को एक बार फिर ज्यादा मंथली बिजली बिल देना पड़ सकता है, क्योंकि दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (DERC) ने लगातार दूसरे महीने एक्सट्रा ‘फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज’ (FPPAS) को मंजूरी दे दी है. शहर की 3 बिजली वितरण कंपनियों की गुजारिश के बाद ये सरचार्ज लगाने की इजाजत दी गई है; इन कंपनियों ने बिजली खरीदने की लागत में बढ़ोतरी का हवाला दिया था.

---विज्ञापन---

इन कंपनियों ने मांगी थी इजाजत

अधिकारियों के मुताबिक, डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों- BSES राजधानी पावर लिमिटेड (BRPL), BSES यमुना पावर लिमिटेड (BYPL), और टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (TPDDL) ने जून और जुलाई में रेगुलेटर से संपर्क किया था. उन्होंने मई 2026 के दौरान उम्मीद से ज्यादा बिजली खरीद खर्च के कारण राहत की मांग की थी.

कितना सरचार्ज बढ़ेगा?

पिछले महीने, DERC ने अप्रैल के लिए एडिशनल FPPAS को मंजूरी दी थी, जिससे BRPL को कंज्यूमर्स से 7.94%, BYPL को 7.43% और TPDDL को 6% वसूलने की इजाजत मिली थी. मई के लिए बिजली खरीद लागत की समीक्षा के बाद, कमीशन ने एक बार फिर एक्सट्रा सरचार्ज की इजाजत दी है.

---विज्ञापन---

क्या कहता है नियम?

मौजूदा DERC नियमों के तहत, डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियां आम तौर पर एक बिलिंग साइकल में अधिकतम 10% FPPAS वसूल सकती हैं. ये सरचार्ज हर महीने कंज्यूमर्स के फिक्स्ड और एनर्जी चार्ज के पर्सेंटेज के तौर पर कैलकुलेट किया जाता है, जो असल बिजली खरीद लागत में बदलाव पर निर्भर करता है.

आदेश में क्या कहा गया?

10 जुलाई के अपने आदेश में DERC ने बताया कि मई के लिए कैलकुलेट किया गया FPPAS BRPL के लिए 25%, BYPL के लिए 19.91% और TPDDL के लिए 12.21% था, जो बिजली खरीद खर्च में भारी बढ़ोतरी को दिखाता है. कंपनियों को इन लागतों का उचित हिस्सा वसूलने में मदद करने के लिए, रेगुलेटर ने स्टैंडर्स लिमिट से ज्यादा एक्सट्रा सरचार्ज को मंजूरी दी.

---विज्ञापन---

बढ़कर आएगा बिजली का बिल?

नतीजतन BRPL से बिजली लेने वाले कंज्यूमर एक्सट्रा 7.94% का भुगतान करेंगे, BYPL के तहत आने वाले कंज्यूमर 7.43% का भुगतान करेंगे, जबकि TPDDL के कंज्यूमर को एक्सट्रा 2.21% सरचार्ज देना होगा. इससे मई के लिए कुल वसूलने लायक FPPAS BRPL के लिए 17.94%, BYPL के लिए 17.43% और TPDDL के लिए 12.21% हो जाता है.

गर्मी के मौसम में बढ़ेगा प्रेशर

कमीशन ने साफ किया कि ये छूट अगले आदेश तक हर महीने के आधार पर जारी रहेगी. लगातार दूसरे महीने सरचार्ज को मंजूरी मिलने के बाद, दिल्ली में कई घरों और कमर्शियल ग्राहकों के बिजली बिल में और बढ़ोतरी हो सकती है, खासकर गर्मियों के मौसम में जब बिजली की मांग ज्यादा होती है.

---विज्ञापन---

निष्कर्ष

DERC के इस ताजा फैसले का मकसद दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियों को बिजली खरीदने की बढ़ती लागत की भरपाई करने में मदद करना है. जहां एक तरफ इस कदम से डिस्कॉम को आर्थिक राहत मिलती है, वहीं दूसरी तरफ घरेलू और कमर्शियल ग्राहकों के लिए बिजली का खर्च भी बढ़ जाता है. चूंकि एक्सट्रा सरचार्ज आगे की रेगुलेटरी समीक्षा तक जारी रहेगा, इसलिए ग्राहकों को अपने मंथली बिजली बिल में संभावित उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए. फ्यूचर में होने वाले बदलाव बिजली खरीदने की लागत और दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (DERC) के फैसलों पर निर्भर करेंगे.

Frequently Asked Questions

ये बढ़ोतरी DERC की तरफ मंजूर किए गए एक्सट्रा 'फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज' (FPPAS) के कारण हो सकती है.
ये आदेश BRPL, BYPL और TPDDL के ग्राहकों पर लागू होता है.
FPPAS एक सरचार्ज है जो बिजली वितरण कंपनियों को ईंधन और बिजली खरीदने की एक्सट्रा की भरपाई करने की अनुमति देता है.
हां. DERC ने कहा है कि ये व्यवस्था अगले आदेश तक हर महीने के आधार पर जारी रहेगी.
इसकी कैलकुलेशन बिजली खरीदने की असल लागत में बदलाव के आधार पर ग्राहक के फिक्स्ड चार्ज और एनर्जी चार्ज के प्रतिशत के रूप में की जाती है.
First published on: Jul 13, 2026 06:13 PM

End of Article

About the Author

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 के डिजिटल सेक्शन में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. उन्हें नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स ट्रैवल, टेक, हेल्थ, लाइफस्टाइल और रिलेशनशिप सेक्शन का बेहतरीन तजुर्बा है, वो साल 2008 से पत्रकारिता कर रहे हैं. एजुकेशनल क्वालिफिकेशन की बात करें तो उन्होंने बैंगलौर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म, और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.

Read More

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 के डिजिटल सेक्शन में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. उन्हें नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स ट्रैवल, टेक, हेल्थ, लाइफस्टाइल और रिलेशनशिप सेक्शन का बेहतरीन तजुर्बा है, वो साल 2008 से पत्रकारिता कर रहे हैं. एजुकेशनल क्वालिफिकेशन की बात करें तो उन्होंने बैंगलौर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म, और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola