Delhi Assembly Elections: दिल्ली में चुनावी शोर थम चुका है, कुछ ही घंटों बाद वोटिंग शुरू हो जाएगी। दिल्ली में इस बार त्रिकोणीय मुकाबले के आसार हैं। आप संयोजक अरविंद केजरीवाल दावा कर चुके हैं कि उनकी पार्टी 55 सीटों पर जीत हासिल करेगी। बीजेपी और कांग्रेस भी अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। विपक्ष का दावा है कि आप इस बार हारेगी। उन फैक्टर्स की बात करते हैं, जो दिल्ली चुनाव में हार-जीत की दिशा तय करेंगे।
Voting Percentage: दिल्ली में 2015 में 67.13 फीसदी और 2020 में 62.59 फीसदी वोटिंग हुई थी। दोनों बार शनिवार को वोटिंग हुई थी। माना जा रहा है कि वीकेंड की वजह से लोग बाहर चले गए, इसलिए कम मतदान हुआ। इस बार बुधवार को वोटिंग है। पहले से वोटिंग ज्यादा हो सकती है। इसका फायदा किसे मिलेगा, देखने वाली बात होगी?
Split Voter: 2004 के आम चुनावों के बाद स्प्लिट वोटिंग का पैटर्न दिखा था, यानी लोकसभा और विधानसभा में वोटरों ने अलग-अलग पार्टियों का साथ दिया। स्प्लिट वोटिंग में वोटर चुनाव का स्तर देखकर तय करते हैं। पार्टी के बजाय चेहरे को देखकर वोटिंग होती है। दिल्ली में काफी ऐसे लोग हैं, जो पीएम मोदी और केजरीवाल दोनों को लाइक करते हैं।
Cadre: बीजेपी को अंतिम समय तक बाजी पलटने में माहिर माना जाता है। हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनाव में RSS की मदद से भाजपा ने अंतिम समय में अपने पक्ष में माहौल कर लिया था। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली चुनाव में संघ ने पूरी ताकत झोंक रखी है। उसका टारगेट 50 सीटें जीतने का है। आम आदमी पार्टी का कैडर भी काफी मजबूत माना जाता है।
योजनाएं: इस चुनाव में वोटरों को आकर्षित करने के लिए जीत के बाद बीजेपी और आप ने कई योजनाएं लागू करने का ऐलान कर रखा है। आप पहले ही मुफ्त बिजली, पानी का लाभ लोगों को दे रही है। महिला सम्मान योजना के नाम पर आप ने 2100 और बीजेपी ने 2500 रुपये देने का ऐलान किया है। देखने वाली बात होगी कि जनता किस पार्टी की योजनाओं पर भरोसा करेगी?
जाति-धर्म: जाति और धर्म भी दिल्ली चुनाव में मुद्दा हैं। बीजेपी को हिंदू वोटरों से उम्मीद है। वहीं, आप अल्पसंख्यक वोटरों से उम्मीद लगाए बैठी है। कांग्रेस कहीं न कहीं इसमें सेंधमारी कर सकती है। कई सीटें ऐसी हैं, जहां त्रिकोणीय मुकाबला माना जा रहा है। अगर अल्पसंख्यक वोटर बंटे तो इसका फायदा बीजेपी को होगा।
Women Voters: महिला वोटर्स इस चुनाव में निर्णायक साबित होंगी। आप हर महीने महिलाओं को 2100 और बीजेपी 2500 रुपये देने का वादा कर चुकी है। शराब ठेकों के खिलाफ महिलाओं ने अपनी आवाज बुलंद की थी। बीजेपी इस मुद्दे को भुना रही है। अब महिलाएं किस पार्टी को अपना साथ देंगी, यह 8 फरवरी को नतीजों के बाद ही पता लगेगा?
व्यवसाय: आप ने ऑटो वालों को सुविधाएं देने का ऐलान किया है। बीजेपी ने कारोबारियों को कई प्रकार की छूट देने की बात कही है। बजट में भी इस बार केंद्र सरकार ने 12 लाख की कमाई को टैक्स फ्री कर दिया है। दिल्ली में काफी लोगों को इसका लाभ मिला है। नौकरीपेशा, ऑटो वाले और कारोबारियों का रुख नतीजों पर सीधा असर डालेगा।
ग्रामीण वोटर्स: बीजेपी का ध्यान इस बार दिल्ली के ग्रामीण इलाकों की तरफ रहा है। पार्टी ने पिछले 6 महीने में यहां संगठन मजबूत करने पर फोकस किया है। वहीं, आप को उम्मीद है कि 2020 की तरह इस बार भी झुग्गी बस्तियों में रहने वाले वोटर्स का साथ मिलेगा। बीजेपी भी लगातार झुग्गी वालों के मुद्दे उठाती रही है।