नोएडा, गाजियाबाद और पूर्वी दिल्ली से साउथ दिल्ली आने-जाने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज बहुप्रतीक्षित बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर और उत्तर दिल्ली स्थित मुकरबा चौक अंडरपास का उद्घाटन करेंगे. इसके अलावा, दक्षिण दिल्ली में लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए दो नए फ्लाईओवरों का शिलान्यास भी किया जाएगा. इस नए मार्ग का सबसे बड़ा लाभ नोएडा और गाजियाबाद से दिल्ली आने-जाने वाले कामकाजी लोगों को मिलेगा. अब उन्हें दक्षिण दिल्ली, नेहरू प्लेस, एम्स या लाजपत नगर जाने के लिए सड़कों पर घंटों रेंगना नहीं पड़ेगा.
60 मिनट का सफर अब मात्र 20 मिनट में
दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री प्रवेश वर्मा ने अपने एक्स अकाउंट पर जानकारी देते हुए बताया कि बारापुला फेज-3 कॉरिडोर के चालू होने से मयूर विहार फेज-1 से सीधे एम्स तक सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी मिलेगी. यह नया फ्लाईओवर सराय काले खां के पास मौजूदा बारापुला फ्लाईओवर से जुड़ेगा, जिससे करीब 9 किलोमीटर लंबा सीधा स्ट्रेच तैयार हो जाएगा. इससे आश्रम चौक और डीएनडी लूप पर लगने वाले भीषण जाम से राहत मिलेगी और एक घंटे के सफर का समय घटकर करीब 15 से 20 मिनट रह जाएगा. इस रास्ते पर वाहन चालकों को एक भी रेड लाइट का सामना नहीं करना पड़ेगा, जिससे सफर में लगने वाले समय में भारी कमी आएगी.
2015 में शुरू हुआ था काम, 1635 करोड़ आई लागत
इस बड़े प्रोजेक्ट को साल 2014 में मंजूरी मिली थी और 2015 में निर्माण कार्य शुरू किया गया था. शुरुआत में इसे 2017 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन विभिन्न अड़चनों के कारण इसमें कई साल की देरी हुई. देरी के चलते लागत भी बढ़ी और अब इस प्रोजेक्ट की कुल संशोधित लागत लगभग 1,635 करोड़ रुपये पहुंच गई है.
मुकरबा चौक अंडरपास और दो नए फ्लाईओवर
गृह मंत्री आउटर रिंग रोड पर हैदरपुर बादली मोड़ के पास बने मुकरबा चौक अंडरपास का भी लोकार्पण करेंगे. इससे रोहिणी, बादली, जहांगीरपुरी और आजादपुर की ओर जाने वाले मुसाफिरों को हाईवे के हैवी ट्रैफिक में फंसे बिना सुरक्षित रास्ता मिलेगा. साथ ही, साउथ दिल्ली के लिए दो बड़े प्रोजेक्ट्स की नींव रखी जाएगी. इसमें पहला मोदी मिल से कालकाजी फ्लाईओवर तक विस्तार होगा, इससे आगे चलकर आईआईटी गेट तक सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी मिलेगी. सावित्री सिनेमा हाफ फ्लाईओवर के बनने से नेहरू प्लेस, ग्रेटर कैलाश और ओखला की तरफ जाने वाले रास्ते पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा.
मंत्री प्रवेश वर्मा के अनुसार, ये प्रोजेक्ट्स विकसित दिल्ली के संकल्प को साकार करने और पूरी दिल्ली के अलग-अलग कोनों को आपस में जोड़कर राजधानी को जाम-मुक्त और प्रदूषण-मुक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे.