Who Is Jagriti Mishra: पिछले कुछ दिनों से दिल्ली जागृति मिश्रा का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ, जिसके बाद सीएम रेखा गुप्ता ने भी मुलाकात की. दरअसल ये पशु कल्याण कार्यकर्ता तब चर्चा में आईं जब उनकी देखरेख में चलने वाले एक एनिमल शेल्टर को तोड़ा गया. इस घटना ने जानवरों को रेस्क्यू करने वालों के सामने आने वाली चुनौतियों और घायल-बेसहारा जानवरों की देखभाल के लिए सुविधाओं की जरूरत पर बहस छेड़ दी है.
कौन हैं जागृति मिश्रा?
जागृति मिश्रा एनिमल वेलफेयर के काम से जुड़ी हैं और खास तौर से आवारा, बेसहारा और घायल जानवरों की मदद करती हैं. ‘स्ट्रीट वर्ल्डज़ ट्रस्ट’ के जरिए वो जानवरों को मेडिकल सुविधा, सुरक्षा और एक सेफ शेल्टर देने का काम कर रही हैं. उनकी हाल की पहल दिल्ली में ऐसे जानवरों के लिए एक स्पेशनल सेंटक बनाना था, जिन्हें देखभाल की जरूरत है, जैसे कि गंभीर रूप से घायल जानवर या वे जो खुद से चल-फिर नहीं सकते. इस शेल्टर का मकसद एक ऐसा सुरक्षित माहौल देना था, जहां ऐसे जानवरों का इलाज हो सके और वो ठीक हो सकें.
उनका एनिमल शेल्टर क्यों तोड़ा गया?
जागृति मिश्रा तब चर्चा में आईं जब उनके निर्माणाधीन केंद्र के कुछ हिस्सों को, जिसमें बाउंड्री वॉल भी शामिल थी, जेसीबी मशीन से तोड़ दिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि ये कार्रवाई बिना किसी पूर्व सूचना के की गई. उन्होंने इस तोड़फोड़ के पीछे की हालात पर भी सवाल उठाए और दावा किया कि इसमें स्थानीय दबाव या रिश्वत की मांग का हाथ हो सकता है. सोशल मीडिया पर इस घटना और उस पर मिश्रा की प्रतिक्रिया के वीडियो काफी वायरल हुए, जिससे यह मामला लोगों के सामने आया.
CM रेखा गुप्ता ने किा 5 लाख की मदद का ऐलान
दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने 25 अक्टूबर, 2026 को मिश्रा से मुलाकात की और उन्हें हर संभव सरकारी मदद का भरोसा दिलाया. उन्होंने ‘मुख्यमंत्री राहत कोष’ से 5 लाख रुपये देने का ऐलान किया और इस घटना में शामिल जूनियर इंजीनियर के खिलाफ जांच के आदेश दिए.
जागृति का काम क्यों अहम है?
जागृति मिश्रा का मामला उन मुश्किलों को उजागर करता है जिनका सामना पशु कल्याण में लगे लोगों को बचाव कार्यों के लिए फंड, जमीन और बुनियादी ढांचा जुटाने में करना पड़ता है. घायल जानवरों को इलाज, भोजन और सुरक्षा मुहैया कराने में एनिमल शेल्टर बहुत अहम रोल निभा सकते हैं. उम्मीद है कि जांच में तोड़फोड़ के हालात का पता चलेगा और जिम्मेदारी तय की जाएगी, जबकि अभी सबसे बड़ी प्राथमिकता ज़रूरतमंद जानवरों की उचित देखभाल को सुनिश्चित करना है.