दिल्ली में 426058 बुजुर्गों को समय पर नहीं मिल पा रही पेंशन, यह है बड़ी वजह
Edited By Amit Kasana

सौरभ भारद्वाज
Edited By Amit Kasana

सौरभ भारद्वाज
नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा अपना हिस्सा नहीं देने और वित्त विभाग की मनमानी से दिल्ली में 4,26,058 बुजुर्गों को समय पर पेंशन नहीं मिल पा रही है। ऐसे में दिल्ली विधानसभा की याचिका समिति ने समाज कल्याण विभाग और वित्त विभाग के अधिकारियों को बुलाकर फटकार लगाई।

विधानसभा की याचिका समिति के सदस्य सौरभ भारद्वाज ने कहा कि कमेटी के सामने आया कि बुजुर्गों को दी जाने वाली 2 हजार रुपये की पेंशन में से कुछ 1,11,361 लोगों का 200 रुपये केंद्र सरकार की तरफ से आता है और 1800 रुपये दिल्ली सरकार देती है। पिछले डेढ़ साल से बुजुर्गों की पेंशन का 200 रुपये केंद्र सरकार नहीं दे रही है। इस 200 रुपये को लेकर वित्त विभाग की तरफ से बुजुर्गों की पेंशन में 2-3 महीने की देरी हो रही है। ऐसे में विधान सभा की याचिका समिति ने वित्त विभाग और समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को बुलाया। पेंशन में देरी की समस्या का स्थायी हल निकालने के निर्देश दिए हैं।
और पढ़िए – अब ‘चौरी-चौरा’ के नाम जाना जाएगा गोरखपुर का ये कस्बा, UP सरकार को मिली गृह मंत्रालय की NOC
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि कई महीनों से हमारे विधायक शिकायत कर रहे थे कि बुजुर्गों को दी जाने वाली पेंशन 3-4 महीने की देरी से आ रही है। दिवाली से पहले भी याचिका समिति ने बैठक कर विभागों से बुजुर्गों को समय पर पेंशन देने के लिए कहा था। तब दो या तीन महीने की रुकी पेंशन दिवाली से पहले दी गई थी। आज फिर से इसी विषय को लेकर संबंधित विभागों को बुलाया गया था। इस दौरान समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बुजुर्गों को दी जाने वाली 2 हजार रुपये की पेंशन में से कुछ लोगों का 200 रुपये केंद्र सरकार की तरफ से आता है और 1800 रुपया दिल्ली सरकार का होता है। क्योंकि केंद्र सरकार पिछले डेढ़ साल से 200 रुपये नहीं दे रहा है, इसलिए समाज कल्याण विभाग और फाइनेंस डिपार्टमेंट के बीच में इस 200 रुपये को लेकर हर बार 2-3 महीने की देरी हो रही है।
और पढ़िए – देश से जुड़ी खबरें यहाँ पढ़ें
न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on: