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दिल्ली में ई-रिक्शा को लेकर नई पॉलिसी की तैयारी, रजिस्ट्रेशन और निगरानी होगी सख्त

दिल्ली सरकार ई-रिक्शा के लिए नई पॉलिसी लाने की तैयारी में है. इस नीति के तहत रजिस्ट्रेशन, निगरानी और सुरक्षा नियमों को सख्त किया जाएगा, ताकि ट्रैफिक और सड़क सुरक्षा बेहतर हो सके.

Author Written By: Varsha Sikri Updated: Feb 21, 2026 18:28
Delhi E Rickshaw Policy
Credit: Social Media

राजधानी दिल्ली में ई-रिक्शा के बढ़ते चलन को देखते हुए दिल्ली सरकार एक नई ई-रिक्शा पॉलिसी लाने की तैयारी कर रही है. इस नीति का मकसद ई-रिक्शा के रजिस्ट्रेशन, निगरानी और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाना है. सरकार का कहना है कि ई-रिक्शा लोगों के लिए सस्ता और आसान सफर का साधन है, लेकिन अनियमित ऑपरेशन से ट्रैफिक और सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में लाखों ई-रिक्शा चल रहे हैं. इनमें से बड़ी तादाद में व्हीकल बिना रजिस्ट्रेशन या अधूरे कागजात के सड़कों पर दौड़ रहे हैं. इससे ना सिर्फ ट्रैफिक जाम बढ़ता है, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है. नई पॉलिसी के तहत सभी ई-रिक्शा का पंजीकरण अनिवार्य किया जाएगा.

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नई पॉलिसी में क्या होगा खास?

नई नीति में ये भी प्रस्ताव है कि ई-रिक्शा ड्राइवर्स के लिए ड्राइविंग लाइसेंस और जरूरी ट्रेनिंग को अनिवार्य बनाया जाए. इससे चालक ट्रैफिक नियमों को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे और दुर्घटनाओं में कमी आएगी. इसके अलावा, ई-रिक्शा की फिटनेस जांच पर भी खास ध्यान दिया जाएगा, ताकि खराब हालत वाले वाहन सड़कों पर ना चलें. सरकार ई-रिक्शा की निगरानी के लिए एक मजबूत सिस्टम बनाने पर भी काम कर रही है. इसके तहत ई-रिक्शा के रूट, पार्किंग और ऑपरेशन के लिए तय नियम बनाए जाएंगे. भीड़भाड़ वाले इलाकों में बिना नियम के ई-रिक्शा चलाने पर कार्रवाई की जा सकती है. साथ ही, यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी नए मानक तय किए जाएंगे.

दिल्ली सरकार का क्या कहना है?

दिल्ली सरकार का कहना है कि इस पॉलिसी का मकसद ई-रिक्शा चालकों का रोजगार छीनना नहीं, बल्कि इसे सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है. इसलिए बिना रजिस्ट्रेशन वाले ई-रिक्शा चालकों को एक निश्चित समय दिया जा सकता है, ताकि वो अपने वाहन के कागजात पूरे कर सकें. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह नीति सही तरीके से लागू होती है, तो दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होगी और दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी. ई-रिक्शा आम लोगों के लिए जरूरी साधन हैं, इसलिए इन्हें बंद करने के बजाय नियमों के दायरे में लाना जरूरी है. पंजीकरण, निगरानी और सुरक्षा नियमों के जरिए ई-रिक्शा को एक सुरक्षित और भरोसेमंद ट्रांसपोर्ट सोर्स बनाने की दिशा में ये एक बड़ा कदम माना जा रहा है.

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First published on: Feb 21, 2026 06:28 PM

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