अमिताभ ओझा, पटना
बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले वक्फ बिल लोकसभा में पारित हो गया है। आज राज्यसभा से भी इसके पारित होने की संभावना है। वक्फ बिल पर एनडीए के सपोर्ट में उतरे नीतीश कुमार की जेडीयू अब दो फाड़ हो गई है। पहले नीतीश के करीबी और जेडीयू एमएलसी गुलाम गौस इस मामले में पार्टी को कठघरे में खड़ा कर चुके हैं। अब एक और वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद गुलाम रसूल बलियावी ने भी पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
सभी लोग नंगे हो गए
गुलाम रसूल ने कहा कि कल लोकसभा में सभी लोग नंगे हो गए। उन्होंने कहा कि सीएम नीतीश कुमार और चंदबाबू नायडू के अलावा जेपीसी के मेबंर्स के सामने हमने अपनी समस्याएं वक्फ बिल को लेकर बताई थी। लोकसभा में कल यह स्पष्ट हो गया कि जो लोग सेकुलर थे वे अब सांप्रदायिक हो गए हैं। अब दोनों में कोई फर्क नहीं रहा। गुलाम रसूल ने सीएम नीतीश का नाम लिए बिना उन्हें सांप्रदायिक बता दिया है।
गुलाम रसूल ने आगे कहा कि जल्द ही एक मीटिंग होगी और हम लोग सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और प्रजातांत्रिक तरीके से कोशिश करेंगे कि इन लोगों ने जो ये बिल बनाया है उसे अंसवैधानिक घोषित किया जाए।
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गुलाम गौस जता चुके असहमति
बता दें कि नीतीश कुमार वक्फ बिल के समर्थन में हैं। बीजेपी ने बिल में नीतीश कुमार और नायडू की आपत्तियों के आधार पर कई संशोधन किए हैं जिसमें जमीन से जुड़े मुद्दे और पुरानी मस्जिदों और दरगाहों से जुड़े मामले शामिल हैं। इससे पहले ईद के मौके पर जेडीयू के एमएलसी गुलाम गौस अपना विरोध जता चुके हैं। वे इस मामले को लेकर आरजेडी प्रमुख लालू यादव से भी मुलाकात कर चुके हैं। ऐसे में बिहार चुनाव से पहले जेडीयू के मुस्लिम नेताओं का वक्फ बिल के विरोध में एकजुट होना सीएम नीतीश कुमार की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं।
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