अरुण कुमार/अररिया
बिहार के अररिया जिले में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। पलासी से इंटेग्रेटेड चेक पोस्ट जोगबनी जाने वाली फोर-लेन सड़क के लिए परमान नदी पर एक पुल बनाया गया था, लेकिन महज चार साल में ही इसका एक पिलर क्षतिग्रस्त हो गया है। पिलर संख्या B-2 का पाइलकैप पूरी तरह से टूट चुका है, और पिलर से छड़ टूटकर पानी में समा गए हैं।
भारत और नेपाल के बीच व्यापार के लिए इंटेग्रेटेड चेक पोस्ट तक जाने का यह प्रमुख सड़क मार्ग है। यदि यह पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो इस सड़क पर आवागमन बाधित हो जाएगा। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पुल का यह हिस्सा मात्र चार वर्षों में ही क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे संबंधित अधिकारियों की लापरवाही उजागर होती है।
गृह मंत्री अमित शाह ने किया था उद्घाटन
16 सितंबर 2023 को भारत सरकार के गृह मंत्री अमित शाह ने इंटेग्रेटेड चेक पोस्ट का उद्घाटन किया था, ताकि भारत और नेपाल के बीच व्यापार को गति मिल सके। लेकिन अब पुल के पिलर के क्षतिग्रस्त होने के बावजूद, NHAI के अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है। इस लापरवाही को देखते हुए NHAI की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
NHAI अक्सर सड़कों और पुलों की नियमित निगरानी करने का दावा करता है। इस मार्ग से रोजाना हजारों भारी वाहन भारत और नेपाल के बीच आते-जाते हैं, फिर भी NHAI और कंस्ट्रक्शन कंपनी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। इस पुल का निर्माण दिल्ली की JKM कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा किया गया था।
प्रोजेक्ट डायरेक्टर का बयान
प्रोजेक्ट डायरेक्टर सौरभ कुमार ने कहा कि यह मामला संज्ञान में आया है और इसे ठीक करने के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि मरम्मत का कार्य जल्द ही शुरू करवाया जाएगा।
यह भी पढ़ें : बिहार की ‘लेडी सिंघम’ काम्या मिश्रा ने क्यों दिया था इस्तीफा? 8 महीने बाद सरकार ने दी मंजूरी
उन्होंने आगे कहा कि एक जांच टीम पुल की स्थिति का आकलन करेगी और प्राथमिकता यह होगी कि इसे जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि संवेदक (कॉन्ट्रैक्टर) की यह जिम्मेदारी थी कि यदि कोई खराबी आती है, तो उसे ठीक किया जाए। प्रोजेक्ट डायरेक्टर के अनुसार, अधिक पानी आने की वजह से पुल क्षतिग्रस्त हुआ हो सकता है, लेकिन इसकी गहन जांच कर आवश्यक सुधार कार्य किया जाएगा।