नई दिल्ली: भारतीय मुक्केबाज नीतू घनघास और स्वीटी बूरा ने शनिवार को दिल्ली में आयोजित हो रही आईबीए विश्व महिला मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में धमाकेदार प्रदर्शन कर भारत को गौरवान्वित किया। बूरा ने चीन की वांग लीना के खिलाफ 75-81 किलोग्राम फाइनल में उन्होंने शानदार जीत दर्ज कर गोल्ड मेडल जीता। लाइट हैवीवेट मुक्केबाज ने अपने चीनी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ शानदार प्रदर्शन कर 4-3 से मुकाबला जीता।
पीएम मोदी ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के इस शानदार प्रदर्शन पर मुक्केबाजों को बधाई दी है। स्वीटी ने पहले दौर की शुरुआत शानदार अंदाज में की। इसके बाद उन्होंने मैच पर पकड़ बनाए रखी और इसे 3-2 से जीत लिया। भारतीय मुक्केबाज ने दूसरे दौर की शुरुआत भी इसी तरह से की, वांग लीना पर हमला करने से पहले शुरुआत का इंतजार किया। उन्हें इस दौरान को भी एक स्ट्रेट जैब मिला, लेकिन परिणाम स्वीटी के पक्ष में रहा। इसके बाद उन्होंने समान स्कोरलाइन के साथ दूसरा राउंड जीत लिया।
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वांग लीना ने अंतिम दौर में कुछ पलटवार दिखाया, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने अपनी ताकत बरकरार रखी और आखिरी मिनट में अपनी ऊर्जा का भरपूर उपयोग किया। इसके बाद अधिकारियों ने भारत के पक्ष में बाउट की घोषणा की। स्वीटी को 9 साल पहले रजत पदक से संतोष करना पड़ा था, जब उन्होंने विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने से पहले कई बड़ी खिलाड़ियों को शिकस्त दी। इस बार उन्होंने 2018 विश्व चैंपियन वांग लीना के खिलाफ कोई कसर नहीं छोड़ी।
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नीतू घनघास बनीं विश्व चैंपियन
इससे पहले नीतू घनघास 48 किग्रा वर्ग में विश्व चैंपियन बनीं। उन्होंने विश्व महिला मुक्केबाजी चैंपियनशिप के फाइनल में मंगोलिया की लुत्साइखानी अल्तांसेटसेग को 5-0 से हराकर अपने करियर का सबसे बड़ा खिताब जीता। उन्हें सेमीफाइनल में कजाकिस्तान की अलुआ बाल्किबेकोवा के खिलाफ कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा। जिसके बाद विभाजित निर्णय के आधार पर 5-2 से हराया। बाल्किबेकोवा ने पिछले साल विश्व चैम्पियनशिप के क्वार्टर फाइनल में नीतू को बाहर कर दिया था।
इस जीत के साथ स्वीटी विश्व चैंपियन बनने वाली सातवीं भारतीय मुक्केबाज बन गईं। छह बार की चैंपियन मैरी कॉम (2002, 2005, 2006, 2008, 2010 और 2018), सरिता देवी (2006), जेनी आरएल (2006), लेखा केसी (2006), निखत ज़रीन (2022), नीतू (2023) हैं अन्य मुक्केबाज जिन्होंने विश्व खिताब जीता है। वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप के आखिरी दिन निखत और लवलीना फाइनल में भिड़ेंगी।
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नई दिल्ली: भारतीय मुक्केबाज नीतू घनघास और स्वीटी बूरा ने शनिवार को दिल्ली में आयोजित हो रही आईबीए विश्व महिला मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में धमाकेदार प्रदर्शन कर भारत को गौरवान्वित किया। बूरा ने चीन की वांग लीना के खिलाफ 75-81 किलोग्राम फाइनल में उन्होंने शानदार जीत दर्ज कर गोल्ड मेडल जीता। लाइट हैवीवेट मुक्केबाज ने अपने चीनी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ शानदार प्रदर्शन कर 4-3 से मुकाबला जीता।
पीएम मोदी ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के इस शानदार प्रदर्शन पर मुक्केबाजों को बधाई दी है। स्वीटी ने पहले दौर की शुरुआत शानदार अंदाज में की। इसके बाद उन्होंने मैच पर पकड़ बनाए रखी और इसे 3-2 से जीत लिया। भारतीय मुक्केबाज ने दूसरे दौर की शुरुआत भी इसी तरह से की, वांग लीना पर हमला करने से पहले शुरुआत का इंतजार किया। उन्हें इस दौरान को भी एक स्ट्रेट जैब मिला, लेकिन परिणाम स्वीटी के पक्ष में रहा। इसके बाद उन्होंने समान स्कोरलाइन के साथ दूसरा राउंड जीत लिया।
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वांग लीना ने अंतिम दौर में कुछ पलटवार दिखाया, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने अपनी ताकत बरकरार रखी और आखिरी मिनट में अपनी ऊर्जा का भरपूर उपयोग किया। इसके बाद अधिकारियों ने भारत के पक्ष में बाउट की घोषणा की। स्वीटी को 9 साल पहले रजत पदक से संतोष करना पड़ा था, जब उन्होंने विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने से पहले कई बड़ी खिलाड़ियों को शिकस्त दी। इस बार उन्होंने 2018 विश्व चैंपियन वांग लीना के खिलाफ कोई कसर नहीं छोड़ी।
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नीतू घनघास बनीं विश्व चैंपियन
इससे पहले नीतू घनघास 48 किग्रा वर्ग में विश्व चैंपियन बनीं। उन्होंने विश्व महिला मुक्केबाजी चैंपियनशिप के फाइनल में मंगोलिया की लुत्साइखानी अल्तांसेटसेग को 5-0 से हराकर अपने करियर का सबसे बड़ा खिताब जीता। उन्हें सेमीफाइनल में कजाकिस्तान की अलुआ बाल्किबेकोवा के खिलाफ कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा। जिसके बाद विभाजित निर्णय के आधार पर 5-2 से हराया। बाल्किबेकोवा ने पिछले साल विश्व चैम्पियनशिप के क्वार्टर फाइनल में नीतू को बाहर कर दिया था।
इस जीत के साथ स्वीटी विश्व चैंपियन बनने वाली सातवीं भारतीय मुक्केबाज बन गईं। छह बार की चैंपियन मैरी कॉम (2002, 2005, 2006, 2008, 2010 और 2018), सरिता देवी (2006), जेनी आरएल (2006), लेखा केसी (2006), निखत ज़रीन (2022), नीतू (2023) हैं अन्य मुक्केबाज जिन्होंने विश्व खिताब जीता है। वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप के आखिरी दिन निखत और लवलीना फाइनल में भिड़ेंगी।
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