Paris Olympics 2024 में खिलाड़ियों व कोचिंग स्टाफ को ठहराने के लिए तैयार किए गए ओलंपिक गांव से एक बुरी खबर सामने आई है। ओलंपिक गांव में एक कोच की मौत हो गई है। इस कोच के निधन की खबर बाहर आई तो ओलंपिक गांव में तमाम तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि अब इस मौत की वजह भी सामने आ गई है।
किसकी हुई मौत
ये मौत समोआ के मुक्केबाजी कोच लियोनेल एलिका फतुपैतो की हुई है। लियोनेल एलिका का शुक्रवार की देर रात निधन हो गया था। उन्होंने पेरिस ओलंपिक-2024 के उद्घाटन समारोह के दिन ही ओलंपिक गांव में आखिरी सांस ली। फतुपाइतो पेरिस ओलंपिक-2024 में शीर्ष वरीयता प्राप्त हेवीवेट मुक्केबाज और समोआ के एकमात्र मुक्केबाज एटो प्लोड्जिकी फाओगाली को कोचिंग दे रहे थे।
क्यों हुई मौत
ओलंपिक से जुड़े अधिकारियों ने समोआ के मुक्केबाजी कोच के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि लियोनेल एलिका फतुपैतो (60) का निधन ओलंपिक गांव में दिल का दौरा पड़ने से हुआ है। उनके निधन के बाद उनके परिवार, मित्र व सहकर्मियों के प्रति ओलंपिक आयोजन समिति ने अपनी संवेदना जाहिर की। स्थानीय प्रशासन ने जानकारी दी कि आपातकालीन सेवाओं के तहत उनका उपचार कराया गया, लेकिन उन्हें बचाने में असमर्थ रहे।
क्या बोले एटो प्लोड्जिकी फाओगाली
अपने कोच लियोनेल एलिका फतुपैतो के निधन के बाद एटो प्लोड्जिकी फाओगाली ने उनसे अपनी पहली मुलाकात को याद किया। कहा ‘मैं पहली बार कोच लियोनेल से तब मिला था जब मैं 15 साल का था और समोआ की युवा टीम के लिए ट्रायल दे रहा था। वह एक दयालु और उदार कोच थे। न केवल अपने समय बल्कि अपने ज्ञान के साथ भी वह लोगों के लिए उपलब्ध रहते थे। मैं आपको बहुत याद करूंगा कोच, आपका सपना मेरे और पिताजी के साथ ओलंपिक में आने का था। अब आप बहुत जल्दी चले गए हैं। हम ओलंपिक में अपनी पहली लड़ाई में भी नहीं उतर पाए हैं। हमने अच्छी योजना बनाई थी। आपकी कमी हमेशा खलेगी।’
वहीं, इंटरनेशनल मुक्केबाजी संघ ने एक बयान में कहा कि ‘खेल के प्रति लियोनेल के समर्पण और जुनून ने मुक्केबाजी समुदाय पर एक अमिट छाप छोड़ी है। उनकी विरासत भावी पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी। हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं समोआ और उनकी टीम के साथ है।’