Nitish Kumar Reddy: भारत के युवा ऑलराउंडर नितीश कुमार रेड्डी ने इंडियन प्रीमियर लीग 2024 में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया। उन्होंने पूरे सीजन में 13 मैचों में 33.67 की औसत से 303 रन बनाए। उन्होंने 142.92 की स्ट्राइक रेट से तीन विकेट भी चटकाए। उन्हें जल्द ही इस खास प्रदर्शन का इनाम भी मिला, जहां उन्हें बांग्लादेश के खिलाफ टी-20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया। यही नहीं उन्होंने छह अक्टूबर को अपना पहला इंटरनेशनल मैच भी खेला। यह खिलाड़ी हार्दिक पांड्या के अलावा एक तेज गेंदबाज ऑलराउंडर की तलाश कर रही टीम के लिए एक अच्छा विकल्प है। उन्हें नवंबर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम में भी शामिल किया गया है। इस पर अब उनका रिएक्शन सामने आया है।
21 साल का के इस खिलाड़ी ने कहा कि उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 18 सदस्यीय टीम में चुने जाने की उम्मीद थी। उन्होंने यह भी कहा वह टेस्ट सीरीज से पहले भारत ए के लिए भी खेलने के लिए तैयार हैं। उन्होंने अपने हालिया प्रदर्शन पर भरोसा जताते हुए इस बात की भी उम्मीद की कि उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जाएगा। रेड्डी ने ‘द टेलीग्राफ’ से बात करते हुए कहा, ‘बातचीत चल रही थी। मुझे उम्मीद थी कि मेरे नाम की घोषणा हो जाएगी, लेकिन इंडिया ‘ए’ के मैचों से पहले नहीं। मुझे लगा कि यह इन ‘ए’ मैचों में मेरे प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। लेकिन ऐसा लगता है कि मैं उन्हें कुछ उम्मीदें दिखाने में सफल रहा। इसलिए मुझे लगता है कि टीम मैनेजमेंट को उम्मीद है कि मैं अच्छा प्रदर्शन करूंगा।’
नितीश रेड्डी ने जताई अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद
ऑस्ट्रेलियाई परिस्थितियों को तेज गेंदबाजों के अनुकूल माना जाता है, जहाँ बल्लेबाजों को संघर्ष करना पड़ता है। तेज और बाउंसी विकेटों पर बल्लेबाजों को अलग-अलग लेवल के संयम की जरूरत होती है। पिछले कुछ सालों को देखा जाए तो यहां पर भारतीय उपमहाद्वीप के बल्लेबाजों को बैटिंग में संघर्ष करना पड़ता है। नीतीश ने इन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से निपटने के लिए अपनी माइंडसेट की झलक दिखाई और उम्मीद जताई कि अगर उन्हें मौका मिला तो वे अच्छा प्रदर्शन करेंगे।
मैं दोनों काम कर सकता है- नितीश रेड्डी
नीतीश ने कहा, ‘मैं अपनी भूमिका पर कायम रहूंगा। जहां तक अन्य ऑलराउंडरों की बात है, तो मुझे उनकी गेंदबाजी और बल्लेबाजी का तरीका पसंद है। इसका मतलब यह नहीं है कि मैं उनकी तरह खेलूंगा। मैं बस स्थिति के हिसाब से खेलूंगा। अगर स्थिति की मांग होगी कि मैं बड़ा शॉट खेलूं, तो मैं खेलूंगा। अगर स्थिति की मांग होगी कि मैं क्रीज पर टिककर खेलूं तो मैं इसके लिए भी तैयार रहूंगा। मैं दोनों काम कर सकता है।’