Julana Vidhan Sabha Chunav Result 2024: जुलाना विधानसभा सीट से कांग्रेस की उम्मीदवार विनेश फोगाट ने बीजेपी के योगेश कुमार 6015 वोटों से हरा दिया। विनेश फोगाट को BJP के पूर्व पायलट कैप्टन योगेश बैरागी से कड़ी टक्कर मिली। वहीं, चुनाव में जीत हासिल करने के बाद उन्होंने अपने फ्यूचर को लेकर एक भी बड़ा अपडेट दिया है। विनेश फोगाट ने पेरिस ओलंपिक में डिस्क्वालीफाई होने के बाद पहलवानी से संन्यास ले लिया था। इसके बाद वो कांग्रेस में शामिल हो गई थी।
चुनाव जीतने के बाद कही ये बात
जुलाना निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल करने के बाद कांग्रेस उम्मीदवार विनेश फोगाट ने कहा, “ये लड़ाई हर उस लड़की और महिला की है, जो संघर्ष के रास्ते को चुनती है। इस देश के लोगों ने जितना प्यार दिया है, मैं हमेशा उसके लिए आभारी रहूंगी। राजनीति में आने के बाद अब मैं यहीं रहूंगी।” उनके इस बयान के बाद साफ है कि वो अब रेसलिंग से दूर रहेंगी। इससे पहले अगस्त में उन्होंने कहा था, “मेरे देश, मेरे गांव और मेरे परिवार के लोगों के जो प्यार मिला है, उससे मुझे इस सदमे से उभरने में मदद मिलेगी। मैंने फिर पहलवानी में वापस लौट सकती हूं।
उन्होंने आगे कहा था, “ओलंपिक में पदक से चूकना मेरे लिए सबसे बड़ा झटका था। मुझे नहीं पता है कि मुझे उससे उबरने में कितना समय लगेगा। मुझे नहीं पता है कि मैं कभी वापसी करूंगी भी या नहीं, लेकिन मुझे जो साहस मिला है, उसका मैं सही दिशा में इस्तेमाल करूंगी। इससे पहले विनेश के ताऊ महावीर फोगाट ने उन्हें रिटायरमेंट वापस लेकर ओलंपिक 2028 की तैयारी करने को कहा था।
बता दें कि विनेश फोगाट ने इस बार पेरिस ओलंपिक में 50 किग्रा वर्ग में लड़ते हुईं नजर आईं थी। इस वर्ग में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया था। हालांकि, फाइनल में विनेश फोगाट को तय मानक से ज्यादा वजन होने पर बाहर कर दिया गया था।
फैसले के खिलाफ की थी अपील
भारतीय ओलंपिक संघ ने उनके डिस्क्वालीफाई होने के बाद उन्हें संयुक्त पदक दिलाने की गुहार लगाई थी। हालांकि, सीएएस ने सुनवाई के बाद उनकी अपील को खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया था।
भारत में हुआ था विनेश का जोरदार स्वागत
सीएएस के फैसले के बाद विनेश फोगाट 17 अक्टूबर को भारत लौटी थी। भारत वापस आने के बाद विनेश फोगाट का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उनके घर तक जोरदार स्वागत हुआ था। उन्हें खाप पंचायत ने गोल्ड मेडल भी पहनाया था।