NASA Closer To Finding Life On Mars Scientists Discover Ancient River: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA मंगल ग्रह पर जीवन खोजने के करीब पहुंच रहा है। वैज्ञानिकों ने मंगल ग्रह पर एक प्राचीन नदी के अवशेष खोजे जाने का दावा किया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ये नदी 100 मील चौड़ी है और इसके आसपास का इलाका कभी मानव के रहने योग्य था।
मंगल ग्रह एक उजाड़ बंजर भूमि है, लेकिन वैज्ञानिकों ने प्राचीन नदी के अवशेष खोजे हैं जिनमें कभी जीवन के लिए उपयुक्त परिस्थितियां थीं। पेंसिल्वेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने गेल क्रेटर में नासा के क्यूरियोसिटी रोवर की ओर से एकत्र किए गए डेटा का विश्लेषण किया, जिसमें पाया गया कि यहां नदी थी। वैज्ञानिकों की टीम ने ऊंची और छोटी दोनों तरह की चट्टानों की खोज की और दावा किया कि इनके बीच नदी होने का संकेत मिलता है।

ऐसा माना जाता है कि ये नदी पृथ्वी पर मौजूद नदियों की तरह ही थी, जिनमें जीवन, रासायनिक चक्र, पोषक चक्र मौजूद थे। पेन स्टेट यूनिवर्सिटी में भूविज्ञान के सहायक प्रोफेसर और मुख्य लेखक बेंजामिन कर्डेनस ने कहा कि हम इस बात के सबूत ढूंढ रहे हैं कि मंगल ग्रह पर कभी नदियां हुआ करती थीं। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे ग्रह पर नदियों के संकेत दिखते हैं।
मिट्टी के कटान वाले मानचित्र की भी स्टडी की
वैज्ञानिकों के मुताबिक, उपग्रह डेटा पर प्रशिक्षित एक कंप्यूटर मॉडल का उपयोग करके मंगल ग्रह की मिट्टी के कटान वाले का मानचित्रण की भी स्टडी की गई। उन्होंने कहा कि क्यूरियोसिटी और स्ट्रेटा नाम की चट्टान की परतों के 3डी स्कैन से ये स्टडी सामने आई है। कर्डेनस ने कहा कि पता चलता है कि ग्रह पर कहीं और अनदेखे नदी भंडार हो सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि स्टडी में सामने आई हर चीज मंगल ग्रह पर इन नदियों के समान व्यवहार की ओर इशारा कर रही है।
https://www.youtube.com/watch?v=odcS72pRx7w
NASA Closer To Finding Life On Mars Scientists Discover Ancient River: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA मंगल ग्रह पर जीवन खोजने के करीब पहुंच रहा है। वैज्ञानिकों ने मंगल ग्रह पर एक प्राचीन नदी के अवशेष खोजे जाने का दावा किया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ये नदी 100 मील चौड़ी है और इसके आसपास का इलाका कभी मानव के रहने योग्य था।
मंगल ग्रह एक उजाड़ बंजर भूमि है, लेकिन वैज्ञानिकों ने प्राचीन नदी के अवशेष खोजे हैं जिनमें कभी जीवन के लिए उपयुक्त परिस्थितियां थीं। पेंसिल्वेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने गेल क्रेटर में नासा के क्यूरियोसिटी रोवर की ओर से एकत्र किए गए डेटा का विश्लेषण किया, जिसमें पाया गया कि यहां नदी थी। वैज्ञानिकों की टीम ने ऊंची और छोटी दोनों तरह की चट्टानों की खोज की और दावा किया कि इनके बीच नदी होने का संकेत मिलता है।

ऐसा माना जाता है कि ये नदी पृथ्वी पर मौजूद नदियों की तरह ही थी, जिनमें जीवन, रासायनिक चक्र, पोषक चक्र मौजूद थे। पेन स्टेट यूनिवर्सिटी में भूविज्ञान के सहायक प्रोफेसर और मुख्य लेखक बेंजामिन कर्डेनस ने कहा कि हम इस बात के सबूत ढूंढ रहे हैं कि मंगल ग्रह पर कभी नदियां हुआ करती थीं। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे ग्रह पर नदियों के संकेत दिखते हैं।
मिट्टी के कटान वाले मानचित्र की भी स्टडी की
वैज्ञानिकों के मुताबिक, उपग्रह डेटा पर प्रशिक्षित एक कंप्यूटर मॉडल का उपयोग करके मंगल ग्रह की मिट्टी के कटान वाले का मानचित्रण की भी स्टडी की गई। उन्होंने कहा कि क्यूरियोसिटी और स्ट्रेटा नाम की चट्टान की परतों के 3डी स्कैन से ये स्टडी सामने आई है। कर्डेनस ने कहा कि पता चलता है कि ग्रह पर कहीं और अनदेखे नदी भंडार हो सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि स्टडी में सामने आई हर चीज मंगल ग्रह पर इन नदियों के समान व्यवहार की ओर इशारा कर रही है।