Mysterious black dust found on NASA first asteroid samples: तीन दिन पहले यानी 24 सितंबर को अमेरिका के ग्रेट सॉल्ट लेक रेगिस्तान में एक अंतरिक्ष यान लैंड हुआ था। इस यान के कैप्सूल में उल्कापिंड का सैंपल था, जो 159 साल बाद 2182 में धरती से टकराने वाला है। इस उल्कापिंड का नाम बेनू है। यह यान 643 करोड़ किमी की यात्रा कर जमीन पर लौटा है। इसकी जांच नासा के वैज्ञानिकों ने शुरू कर दी है। लेकिन कैप्सूल के अंदर रहस्यमयी काली धूल मिली है। इसके बाद वैज्ञानिकों ने सैंपल पर काम करना बंद कर दिया है। बेनू का मलबा रखने वाला कनस्तर एक अज्ञात तत्व से ढका हुआ है।
https://twitter.com/Astromaterials/status/1706815245216292874
रविवार को यूटा रेगिस्तान पहुंचा सैंपल
दरअसल, नासा के ओएसआईआरआईएस-आरईएक्स मिशन के हिस्से के रूप में 2020 में बेनू की सतह से नमूने एकत्र किए गए थे और हाल ही में रविवार को यूटा रेगिस्तान में पहुंचे। वैज्ञानिकों ने बुधवार को कनस्तर को खोला और एवियोनिक्स डेक के शीर्ष पर टच एंड गो सैंपल एक्विजिशन मैकेनिज्म (TAGSAM) पर अज्ञात तत्व पाए।
नासा ने कहा कि अब इस बात की जांच की जाएगी कि क्या यह धूल उल्कापिंड बेनू का हिस्सा है। अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि टैग्सैम को आने वाले हफ्तों में सावधानीपूर्वक खोला जाएगा।
ओएसआईआरआईएस-आरईएक्स मिशन से एकत्र किए गए डेटा से वैज्ञानिकों को उन उल्कापिंडों को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी जो पृथ्वी को प्रभावित कर सकते हैं।
https://twitter.com/NASA/status/1706051060563918981
2016 में लॉन्च किया था मिशन
नासा ने यह मिशन 2016 में 1 बिलियन डॉलर की खर्च से लॉन्च किया था। अंतरिक्ष यान दो साल बाद बेनू तक पहुंचा और 2020 में एक लंबी छड़ी वैक्यूम का उपयोग करके छोटे, गोल अंतरिक्ष चट्टान से सैंपल जुटाए। जब यह वापस लौटा, तो अंतरिक्ष यान 4 अरब मील (6.2 अरब किलोमीटर) की दूरी तय कर चुका था।
यह भी पढ़ें: Audi से टक्कर के बाद बाइक से निकला आग का फव्वारा, VIDEO में देखें कैसे बची खिलाड़ी की जान
Mysterious black dust found on NASA first asteroid samples: तीन दिन पहले यानी 24 सितंबर को अमेरिका के ग्रेट सॉल्ट लेक रेगिस्तान में एक अंतरिक्ष यान लैंड हुआ था। इस यान के कैप्सूल में उल्कापिंड का सैंपल था, जो 159 साल बाद 2182 में धरती से टकराने वाला है। इस उल्कापिंड का नाम बेनू है। यह यान 643 करोड़ किमी की यात्रा कर जमीन पर लौटा है। इसकी जांच नासा के वैज्ञानिकों ने शुरू कर दी है। लेकिन कैप्सूल के अंदर रहस्यमयी काली धूल मिली है। इसके बाद वैज्ञानिकों ने सैंपल पर काम करना बंद कर दिया है। बेनू का मलबा रखने वाला कनस्तर एक अज्ञात तत्व से ढका हुआ है।
रविवार को यूटा रेगिस्तान पहुंचा सैंपल
दरअसल, नासा के ओएसआईआरआईएस-आरईएक्स मिशन के हिस्से के रूप में 2020 में बेनू की सतह से नमूने एकत्र किए गए थे और हाल ही में रविवार को यूटा रेगिस्तान में पहुंचे। वैज्ञानिकों ने बुधवार को कनस्तर को खोला और एवियोनिक्स डेक के शीर्ष पर टच एंड गो सैंपल एक्विजिशन मैकेनिज्म (TAGSAM) पर अज्ञात तत्व पाए।
नासा ने कहा कि अब इस बात की जांच की जाएगी कि क्या यह धूल उल्कापिंड बेनू का हिस्सा है। अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि टैग्सैम को आने वाले हफ्तों में सावधानीपूर्वक खोला जाएगा।
ओएसआईआरआईएस-आरईएक्स मिशन से एकत्र किए गए डेटा से वैज्ञानिकों को उन उल्कापिंडों को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी जो पृथ्वी को प्रभावित कर सकते हैं।
2016 में लॉन्च किया था मिशन
नासा ने यह मिशन 2016 में 1 बिलियन डॉलर की खर्च से लॉन्च किया था। अंतरिक्ष यान दो साल बाद बेनू तक पहुंचा और 2020 में एक लंबी छड़ी वैक्यूम का उपयोग करके छोटे, गोल अंतरिक्ष चट्टान से सैंपल जुटाए। जब यह वापस लौटा, तो अंतरिक्ष यान 4 अरब मील (6.2 अरब किलोमीटर) की दूरी तय कर चुका था।
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