गिरगिट तो यूं ही बदनाम है, रंग चांद भी कुछ नहीं बदलता; फोटोग्राफी की शौकीन टीचर ने कैमरे में कैद की 48 शेड्स

Italian Photographer Marcella Giulia Pace shows Moon’s Color: अमावस को चांद नहीं निकलता। इसके अलावा महीने में 29 दिन यह अलग-अलग रंग और आकार में दिखाई देता है, लेकिन यह बात बहुत कम लोग जानते होंगे कि चांद के कितने रंग हैं।

Moon Colors

Moon Changes Color Just Like a Chamaeleon: यह बात हर कोई जानता है कि अमावस को चांद नहीं निकलता। इसके अलावा महीने में 29 दिन यह अलग-अलग रंग और आकार में दिखाई देता है, लेकिन यह बात बहुत कम लोग जानते होंगे कि चांद के कितने रंग हैं। हाल ही में एक फोटोग्राफर के कैमरे की कलेक्शन से निकली एक तस्वीर से चांद की अलग-अलग 48 शेड्स सामने आई हैं। सोशल मीडिया पर वायल हो रही इस तस्वीर को लेकर यूजर्स की तरफ से तरह-तरह के कमेंट्स किए जा रहे हैं। कुछ ने तो यहां तक भी लिखा है, ‘गिरगिट तो यूं ही बदनाम है, रंग चांद भी कुछ नहीं बदलता…’।

विज्ञापन

इस अनोखी तस्वीर को इटली की फोटोग्राफर मार्सेला गिउलिया पेस ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट Marcella_Giulia_Pace पर शेयर किया है। असल में पेशे से टीचर मार्सेला नेचर फोटोग्राफी का भी शौक रखती हैं। अपने इसी शौक के चलते मार्सेला ने चांद की बहुत सारी फोटोज अपने कैमरे से ली हैं। पता चला है कि चांद के बदलते रंगों को सहेजने की चाहत में मार्सेला पिछले करीब 10 साल से चांद पर लगातार नजर रखे हुए हैं। उन्हीं में से कुछ तस्वीरों को कंपाइल करके एक कोलाज के रूप में उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर किया है।

विज्ञापन

<

विज्ञापन
विज्ञापन

इस बात में कोई दो राय नहीं, अक्सर हम छत पर टहलते-टहलते चांद को निहार रहे होते हैं तो यह सफेद ही नजर आता है। हालांकि कभी-कभार यह लाल या नारंगी भी दिखाई पड़ता है, लेकिन इस तस्वीर में प्रकृति प्रेमी मार्सेला ने दुनिया को चांद के 48 रंग दिखाए हैं। इन शेड्स में देखा जा सकता है कि कभी-कभी चांद बैंगनी रंग का भी हो जाता है। अब मार्सेला की तरफ से शेयर की इस तस्वीर को देखकर लोगों को यकीन ही नहीं हो रहा। यही वजह है कि लोग इस पर तरह-तरह के कमेंट्स कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा है, ‘ऐसा लग रहा है कि यह कोई कलर पैलेट है’। एक शख्स ने सवालिया लहजे में लिखा है, ‘ये चांद है या गिरगिट?’। एक यूजर ने लिखा है कि अब तक उसे लगता था-चांद सिर्फ सफेद है, लेकिन अब ये भ्रम दूर हो गया है। इसके अलावा कई ने यहां तक भी लिखा है, ‘गिरगिट तो यूं ही बदनाम है, रंग चांद भी कुछ नहीं बदलता…’।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ