---विज्ञापन---

खुल गया ब्रह्मांड का राज! 24 लाख साल से धरती और मंगल की है ‘दोस्‍ती’

Earth And Mars Connection: अंतरिक्ष और समुद्र दोनों ही कितने ही अनसुलझे रहस्यों से भरे हुए हैं। अब वैज्ञानिकों ने एक रिसर्च की है जिसमें पता चला है कि मंगल यानी मार्स और धरती यानी अर्थ के बीच बेहद खास कनेक्शन है। यह कनेक्शन धरती के जलवायु को भी प्रभावित करता है। इस रिपोर्ट में जानिए क्या है यह कनेक्शन और इसका धरती पर क्या असर पड़ता है।

Edited By : Gaurav Pandey | Updated: Mar 15, 2024 11:33
Share :
Earth Mars Connection
Representative Image (Pixabay)

Connection Between Mars And Earth Revealed : हमारी धरती और मंगल गृह यानी मार्स के बीच की दूरी भले ही 14 करोड़ मील की हो, लेकिन वैज्ञानिकों ने इन दोनों गृहों के बीच एक खास कनेक्शन ढूंढ निकाला है। यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी के शोधार्थियों ने हमारे ग्रह के गहरे समुद्रों में चल रहे 24 लाख साल पुराने विशाल व्हर्लपूल के साइकिल का पता लगाया है।

रिसर्चर्स की मानें तो ये साइकिल 4 करोड़ साल से भी ज्यादा समय से चल रहे हैं। इस अंडरवाटर सर्कुलेशन का कनेक्शन धरती और मंगल के बीच होने वाले ग्रेविटेशनस इंटरैक्शंस से जुड़ा हुआ है। यह ग्रह हमारी धरती को हर कुछ करोड़ साल में सूर्य के पास खींचता है।

रिसर्च के लिए समुद्र के तल पर किए 370 छेद

दोनों गृहों के बीच का यह तालमेल धरती के क्लाइमेट को प्रभावित करने के लिए काफी है। रिसर्चर्स को पता चला है कि इन साइकिल्स के दौरान सोलर एनर्जी में इजाफा हुआ है और मौसम में गर्मी बढ़ी है। धरती और मंगल के बीच कनेक्शन का पता लगाने के लिए रिसर्चर्स की टीम ने धरती पर मौजूद विभिन्न समुद्रों में 370 गहरे छेद किए थे।

समुद्र तल के सैंपल में सामने आई ये जानकारी

समुद्र के तल पर सेडिमेंट्स (तल छट) का विश्लेषण करने के लिए लिए गए सैंपल्स ने साइकिल्स का कमजोर और मजबूत होना दिखाया। इससे संकेत मिला कि गहराई में कितने विशाल सर्कुलेशन चल रहे हैं। रिसर्च की लीड डॉ. एड्रियाना ने कहा कि हम इसे देखकर हैरान थे।

उन्होंने कहा कि इसे एक्सप्लेन करने का केवल एक रास्ता है, ये मार्स और अर्थ के सूर्य की परिक्रमा करने की परस्पर क्रिया के चक्रों से जुड़े हुए हैं। दोनों ग्रहों के बीच इस क्रिया को ‘रेजोनेंस’ कहते हैं। इसका मतलब है सूर्य की परिक्रमा कर रहे दो ऑब्जेक्ट्स का गुरुत्वाकर्षण बल का इस्तेमाल करते हुए एक दूसरे को खींचना।

किसी गृह से कनेक्शन का पहली बार पता चला

बता दें कि चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण बल के चलते होने वाले खिंचाव से ज्वार-भाटा उठता है। लेकिन इस स्टडी में यह पहली बार पता चला है कि किसी ग्रह का गुरुत्वाकर्षण बल भी धरती को प्रभावित कर रहा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि ये नई खोज कई रहस्य सुलझाने में मदद करेगी। शोधार्थियों के अनुसार पुराने समय में समुद्रों के गर्म होने के पीछे इन व्हर्लपूल्स का बड़ा हाथ था।

ये भी पढ़ें: जूपिटर के चांद पर ऑक्सीजन है मगर… क्या कहती है रिसर्च?

ये भी पढ़ें: इस ग्रह के चंद्रमा के नीचे 2.5 करोड़ साल से बह रहा है समुद्र

ये भी पढ़ें: क्या है ब्लैक होल्स की स्टडी करने भेजा गया मिशन XPoSat?

First published on: Mar 15, 2024 11:15 AM

Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 on Facebook, Twitter.

संबंधित खबरें