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Teej 2024: क्या ‘हरियाली’ और ‘हरितालिका’ तीज एक ही हैं? जानें अंतर, तिथि, पूजा मुहूर्त और महत्व

Teej 2024: हिन्दू धर्म में 5 तीज पर्व महत्वपूर्ण माने गए हैं। इनमें से हरियाली और हरितालिका तीज को लेकर अक्सर लोगों में कन्फ्यूजन रहता है कि क्या ये दोनों एक ही हैं या अलग-अलग? आइए जानते हैं, इन दोनों में क्या अंतर है, साल 2024 में कब मनाई जाएगी और पूजा मुहूर्त क्या है?

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Teej 2024: हिन्दू पंचांग के अनुसार, हिन्दू धर्म में पूरे साल में पांच तीज बहुत महत्व रखती हैं। इनमें अक्षय तृतीया यानी आखा तीज समेत अन्य तीज हैं- गणगौर तीज, हरियाली तीज, कजरी तीज और हरितालिका तीज। इसमें हरियाली और हरितालिका तीज को लेकर लोगों में बहुत कन्फ्यूजन रहता है कि क्या ये दोनों एक ही हैं या अलग-अलग? आइए जानते हैं, कौन-सी तीज कब मनाई जाती है, ‘हरियाली’ और ‘हरितालिका’ में क्या अंतर है, साल 2024 में ये कब हैं?

कौन-सी तीज कब मनाई जाती है?

  • गणगौर तीज: यह हिन्दू नववर्ष की पहली तीज है, जो चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। पश्चिम और मध्य भारत में यह तीज बहुत लोकप्रिय पर्व है।
  • आखा तीज: यह तीज अक्षय तृतीया के नाम से अधिक प्रसिद्ध है, जो वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। इस दिन सोना खरीदना बहुत शुभ माना गया है।
  • हरियाली तीज: इस तीज का उत्सव पवित्र सावन महीने में शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है। सावन के हरे-भरे महीने में मनाए जाने इस तीज को ‘श्रावणी तीज’ भी कहते है।
  • कजरी तीज: यह तीज भाद्रपद यानी भादो महीने में कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। इसे कुंवारी लड़कियां भी करती हैं।
  • हरितालिका तीज: तीज का यह त्योहार भाद्रपद माह की शुक्ल तृतीया को मनाया जाता है। इसे गौरी तृतीया व्रत भी कहते हैं।

‘हरियाली’ और ‘हरितालिका’ तीज में अंतर

जहां तक हरियाली और हरितालिका तीज में अंतर की बात है, तो दोनों तीज अलग-अलग महीने में मनाई जाती हैं। हरियाली तीज जहां सावन महीने में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है, वहीं हरितालिका भादो महीने में शुक्ल तृतीया को पड़ती है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, हरितालिका तीज का व्रत पहली बार मां पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए किया था, जबकि हरियाली तीज 100 सालों के बाद देवी पार्वती और भगवान के पुनर्मिलन के उपलक्ष्य में मनाई जाती है।

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बता दें, हरियाली तीज का त्योहार उत्तर भारत में खासकर राजस्थान, मध्य प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा में अधिक मनाया जाता है, जबकि हरितालिका तीज पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में विशेष रूप से मनाया जाता है। हरितालिका तीज का उत्सव गणेश चतुर्थी पर्व से एक दिन पहले होने के कारण यह महाराष्ट्र में भी होता है। वहीं, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु में इसे गौरी हब्बा पर्व कहते हैं।

हरियाली और हरितालिका तीज कब है?

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साल 2024 में हरियाली तीज बुधवार 7 अगस्त, 2024 को पड़ रही है, वहीं हरितालिका तीज शुक्रवार 6 सितम्बर को मनाई जाएगी। इन दोनों तीज के पूजा मुहूर्त को आप नीचे देख सकते हैं:

क्र.सं. तीज तिथि पूजा मुहूर्त
1 हरियाली तीज 7 अगस्त, 2024 ब्रह्म मुहूर्त- 04:20 AM से 05:03 AM

विजय मुहूर्त- 02:39 PM से 03:33 PM

2 हरितालिका तीज 6 सितम्बर, 2024 06:02 AM से 08:33 AM

तीज पर्व का महत्व

अक्षय तृतीया को छोड़कर सभी माता पार्वती और भगवान से संबंधित हैं। इस त्योहार को सुहागिन महिलाएं अपने अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए करती हैं। मान्यता है कि तीज व्रत रखने और भगवान शिव-पार्वती की पूजा करने से निसंतान महिलाओं को संतान प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है। घर के सदस्य निरोग रहते हैं, पारिवारिक एकता में बढ़ोतरी होती है और साथ ही सुख, शांति और सौभाग्य में भी वृद्धि होती है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं और केवल जानकारी के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: Jul 17, 2024 04:59 PM

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श्यामनंदन पिछले 20 से अधिक वर्षों से पत्रकारिता और कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में सक्रिय हैं। वर्तमान में वे News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जहां उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों को सटीक, सरल और उपयोगी जानकारी मिल सके। उन्होंने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से पत्रकारिता की पढ़ाई की है और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से ज्योतिष का सांगोपांग अध्ययन किया है। साल 2015 से वे धर्म और ज्योतिष विषय पर लगातार लिख रहे हैं और इस क्षेत्र में गहरी विशेषज्ञता रखते हैं। धार्मिक परंपराओं, वैदिक ज्योतिष, ग्रह-गोचर, राशिफल, अंक ज्योतिष, वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र, व्रत-त्योहार, पूजा-पद्धति और आध्यात्मिक विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पहचान है। डिजिटल मीडिया, SEO और कंटेंट रणनीति की उन्हें गहरी और अच्छी समझ है।

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