Kaalchakra: हर दुख को सुख में बदल देगा सुंदरकांड का पाठ, पंडित सुरेश पांडेय से जानें नियम और लाभ

Kaalchakra Today 24 June 2025: हनुमान भक्तों के लिए सुंदरकांड के पाठ का खास महत्व है, जिसे वो नियमित रूप से पढ़ते हैं। आज प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको सुंदरकांड पाठ के महत्व, नियम और लाभ के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।

Kaalchakra Today 24 June 2025

सांकेतिक फोटो, Credit- News24 Graphics

Kaalchakra Today 24 June 2025: हनुमान जी को राम जी का परम भक्त माना जाता है, जिनकी पूजा करने से साधक को भय, डर, क्रोध, लालच, मोह और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है। हनुमान जी को खुश करने के लिए कई लोग सुंदरकांड का भी पाठ करते हैं, जिसमें उनकी लंका यात्रा, देवी सीता की खोज, लंका दहन और लंका से वापसी के बारे में बताया गया है। मान्यता है कि जो लोग रोजाना सुंदरकांड का पाठ करते हैं, उन्हें हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। लेकिन इसका पाठ करते समय कई नियमों का पालन करना जरूरी होता है। नहीं तो साधक को पाप लग सकता है।

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आज के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको सुंदरकांड के पाठ से जुड़े नियम और लाभ के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।

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कैसे करें सुंदरकांड का पाठ?

सुंदरकांड का पाठ करने से पहले एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर उस पर हनुमान जी की मूर्ति को रखें। हनुमान जी के चरणों को जल से धोएं। उनके माथे पर तिलक लगाएं, शुद्ध वस्त्र धारण कराएं, फूलों की माला पहनाएं, जल रखें और फल, गुड़-चना, लड्डू का भोग लगाएं। अब कपूर और घी या चमेली के तेल का दीपक जलाएं। राम जी का आह्वान करें और फिर शांत मन से सुंदरकांड पढ़ना शुरू करें।

सुंदरकांड का पाठ समाप्त होने पर हनुमान जी को भोग लगाएं। फिर हनुमान जी के मंदिर जाएं और वहां बजरंग बली की 3 बार परिक्रमा करें। दोपहर के समय हनुमान जी को गुड़, घी और गेहूं के आटे की रोटी के चूरमे का भोग लगाएं। शाम को हनुमान जी को आम, केले, अमरूद और सेब अर्पित करें। इन सब उपायों से कुंडली में ग्रहों की स्थिति ठीक होगी और जीवन में खुशियों का आगमन होगा।

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रोजाना पाठ नहीं कर सकते तो किस दिन करना शुभ?

यदि आप रोजाना सुंदरकांड का पाठ नहीं कर सकते हैं तो मंगलवार के दिन इसे जरूर पढ़ें। इस दिन सुंदरकांड का पाठ करते समय इमली की 7 पत्तियों को हनुमान जी के सामने रखकर पूजा करें। पाठ पूरा होने के बाद इमली की पत्तियां बच्चों की किताबों में रखें। इससे बच्चों की बुद्धि का विकास होगा। बता दें कि घर के मुखिया द्वारा पाठ करना ज्यादा अच्छा रहता है।

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इन परिस्थितियों में जरूर करें पाठ

  • किसी दुख, दर्द या चुनौतियों से मुक्ति पाने के लिए सुंदरकांड का पाठ जरूर करें।
  • विद्यार्थियों को सुंदरकांड को जरूर पढ़ना चाहिए। इससे उनकी बुद्धि का विकास होगा और परीक्षा से डर नहीं लगेगा।
  • जो बच्चे बहुत छोटे हैं, उनके माता-पिता सुंदरकांड पढ़ें और बच्चों को सुनाएं।
  • प्रमोशन के लिए मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ करना शुभ होता है।
  • आर्थिक संकट से मुक्ति के लिए ऊँ हं हनुमते नम: मंत्र का जाप करें और फिर सुंदरकांड का पाठ करें।

सुंदरकांड पढ़ने के लाभ

  • मोक्ष की प्राप्ति होती है।
  • संकल्प और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
  • चिंता और तनाव कम होता है।
  • डिप्रेशन दूर होता है।
  • गृह क्लेश दूर होता है।
  • घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है।
  • वास्तु दोष खत्म होता है।
  • बुरे सपनों से मुक्ति मिलती है।
  • डर नहीं लगता है।
  • मंगल ग्रह की स्थिति मजबूत होती है।

यदि आप सुंदरकांड के पाठ से जुड़े अन्य नियमों और लाभ के बारे में जानना चाहते हैं तो इसके लिए ऊपर दिए गए वीडियो को देखें।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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