Ganesh Chaturthi 2025: गणेश चतुर्थी पर जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, क्या है पूजा विधान?

Ganesh Chaturthi 2025: हर साल भाद्रपद माह की शुक्‍ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाता है, जिसका उत्सव 10 दिन तक चलता है। इस दौरान बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य के देवता भगवान गणेश की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है। चलिए जानते हैं गणेश चतुर्थी की सही तिथि और पूजा के शुभ मुहूर्त के बारे में।

Ganesh Chaturthi 2025

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Ganesh Chaturthi 2025: हर साल देशभर में बड़े ही धूमधाम से गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाता है। खासकर महाराष्ट्र में गणेश चतुर्थी के पर्व की अलग ही धूम देखने को मिलती है। पौराणिक कथा के अनुसार, प्राचीन काल में भाद्रपद महीने की शुक्‍ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को भगवान गणेश का जन्‍म हुआ था। इसलिए इस दिन से गणेश चतुर्थी पर्व का आरंभ होता है, जिसका समापन 10 दिन बाद भाद्रपद माह की शुक्‍ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि यानी अनन्त चतुर्दशी को होता है। अनन्त चतुर्दशी को गणेश विसर्जन के नाम से भी जाना जाता है।

पहले दिन भक्तजन गणेश जी की मूर्ति को अपने घर लेकर आते हैं और पूरे विधि-विधान से मूर्ति की स्थापना करते हैं, जबकि 10 दिन बाद श्रद्धालुगण सड़क पर जुलूस निकालते हुए भगवान गणेश की प्रतिमा को किसी पवित्र नदी में विसर्जित करते हैं। चलिए जानते हैं साल 2025 में किस दिन गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाएगा। साथ ही आपको गणेश जी की पूजा का शुभ मुहूर्त जानने को मिलेगा।

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गणेश चतुर्थी 2025 में कब है?

द्रिक पंचांग के अनुसार, साल 2025 में भाद्रपद माह की शुक्‍ल पक्ष की चतुर्थी तिथि का आरंभ 26 अगस्त को दोपहर 01 बजकर 54 मिनट से हो रहा है, जिसका समापन अगले दिन 27 अगस्त को दोपहर 03 बजकर 44 मिनट पर होगा। उदयातिथि के आधार पर इस बार 27 अगस्त 2025, वार बुधवार को गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाएगा।

गणेश चतुर्थी की पूजा का शुभ मुहूर्त

मान्यता है कि भगवान गणेश का जन्म मध्याह्न काल यानी दोपहर में हुआ था। इसीलिए हर साल गणेश चतुर्थी की पूजा दोपहर में की जाती है। 27 अगस्त 2025 को मध्याह्न (दोपहर) में गणेश जी की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 05 मिनट से लेकर दोपहर 01 बजकर 40 मिनट तक है।

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गणेश चतुर्थी पर चंद्र दर्शन क्यों वर्जित है?

बता दें कि गणेश चतुर्थी के दिन चंद्र यानी चंद्रमा के दर्शन करना वर्जित होता है। यदि इस दिन भक्त चंद्र देव के दर्शन करते हैं तो उन्हें मिथ्या दोष का सामना करना पड़ता है। मिथ्या दोष के प्रभाव से व्यक्ति को चोरी का झूठा आरोप सहना पड़ता है। 26 जून 2025 को वर्जित चंद्र दर्शन का समय दोपहर 01 बजकर 54 मिनट से लेकर रात 08 बजकर 29 मिनट तक है। जबकि 27 अगस्त 2025 को सुबह 09 बजकर 28 मिनट से लेकर रात 08 बजकर 57 मिनट तक वर्जित चंद्र दर्शन का समय है।

गणेश मूर्ति विसर्जन 2025 में कब होगा?

गणेश चतुर्थी के 10 दिन बाद भाद्रपद माह की शुक्‍ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि यानी अनन्त चतुर्दशी को गणेश विसर्जन होगा। इस बार 6 सितंबर 2025, वार शनिवार को गणेश विसर्जन यानी अनन्त चतुर्दशी मनाई जाएगी।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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