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व्यक्ति पर ‘माता’ क्यों आती है? जानें धार्मिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण

Sharir Mai Mata Kab Aati Hai: क्या आपने भी कभी किसी व्यक्ति पर 'माता' व 'देवी' को आते हुए देखा या सुना है? अगर हां, तो क्या कभी आपने इसके पीछे के कारण के बारे में जानने का प्रयास नहीं किया? चलिए विस्तार से जानते हैं व्यक्ति पर 'माता' आने के धार्मिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बारे में.

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Sharir Mai Mata Kyu Aati Hai: कभी न कभी आपने लोगों को ये कहते हुए सुना होगा कि उस व्यक्ति पर ‘माता’ आ गई है या ‘माता’ आती है. खासतौर पर मंदिरों, जागरणों या चौकी के दौरान ऐसा दृश्य देखने को मिलता है. ऐसे में व्यक्ति भजनों में लीन होकर झूमने लगता है. उसे अपने आसपास की सुध-बुध नहीं रहती है, जिसके कारण उसका व्यवहार सामान्य से अलग लगता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसके पीछे की असल वजह क्या है?

शरीर में ‘माता’ आना क्या केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा अनुभव है या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक कारण भी छिपा है? आइए जानते हैं व्यक्ति पर ‘माता’ आने के धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों दृष्टिकोण के बारे में.

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‘माता’ आने का धार्मिक दृष्टिकोण

धार्मिक मान्यता के अनुसार, व्यक्ति पर ‘माता’ तब आती है, जब वो पूरी तरह से भक्ति में डूब जाता है. इस स्थिति में उसके शरीर में दैवीय शक्ति का प्रवेश होता है. ये एक गहरा आध्यात्मिक अनुभव है, जो व्यक्ति की आस्था से जुड़ा है. इस दौरान व्यक्ति कुछ सोच या समझ नहीं पाता है, बल्कि भक्ति में पूरी तरह से लीन हो जाता है.

कुछ लोग कहते हैं कि जब भी किसी व्यक्ति पर ‘माता’ आती है तो उसके पीछे कोई कारण होता है. माता रानी व्यक्ति के शरीर में प्रवेश करने के माध्यम से भविष्य में होने वाली शुभ व अशुभ घटनाओं का संकेत देती हैं. इसके अलावा इस दौरान व्यक्ति से पूछी गई चीजों का जवाब सही मिलता है.

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‘माता’ आने का वैज्ञानिक दृष्टिकोण

कुछ मनोवैज्ञानिक ‘माता’ आने को एक मानसिक बीमारी मानते हैं. ये एक ऐसी मानसिक प्रक्रिया होती है, जिसमें व्यक्ति अपनी सामान्य चेतना (सचेत होने की अवस्था) को खोकर किसी और अद्भुत शक्ति के वश में होने का अनुभव करता है. वहीं, कई वैज्ञानिक इसे भ्रम व मल्टीपल पर्सनैलिटी डिसऑर्डर, सम्मोहन व डिल्यूशनल डिसऑर्डर मानते हैं. इस अवस्था में व्यक्ति का दिमाग व दिल काम नहीं करता है और वो असामान्य प्रतिक्रियाएं देने लगता है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Jan 05, 2026 09:42 AM

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About the Author

Nidhi Jain

निधि की पढ़ने और लिखने में हमेशा से रुचि रही है. इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में न्यूज राइटिंग से की थी, जिसके बाद देश-विदेश, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों पर व्यापक अध्ययन किया. अब पिछले 4 साल से वह डिजिटल मीडिया से जुड़ी हुई हैं. वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन में काम कर रही हैं.

📧 Email: nidhi.jain@bagconvergence.in

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