Astro Tips: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुछ रंग बच्चों के मानसिक विकास और एकाग्रता पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। खासकर काला और नीला रंग जिन्हें बच्चों के लिए अशुभ माना गया है। ऐसा माना जाता है कि ये रंग नकारात्मक ऊर्जा से जुड़े होते हैं जो बच्चों की एकाग्रता, आत्मविश्वास और सीखने की क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। इस कारण से बच्चा पढ़ाई में रुचि नहीं ले पाता और उसका मन इधर-उधर भटकने लगता है।
इसलिए, ज्योतिष शास्त्र यह सुझाव देता है कि बच्चों के स्कूल बैग ऐसे रंगों में खरीदे जाएं जो सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा दें, जैसे – लाल, पीला, नारंगी आदि।
सही रंग का चुनाव बच्चों के मनोबल, एकाग्रता और व्यक्तित्व विकास में भी सहायक हो सकता है।
काला रंग क्यों न चुनें?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, काले रंग का संबंध शनि ग्रह से होता है जो कठोरता, अवरोध और आलस्य का प्रतीक माना जाता है। काला रंग न केवल बच्चों के मूड को प्रभावित कर सकता है, बल्कि अवसाद और चिड़चिड़ापन भी बढ़ा सकता है।
इसलिए बच्चों के स्कूल बैग के लिए काले रंग से बचना ही बेहतर होता है।
नीला रंग क्यों है हानिकारक?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, नीला रंग गुरु और शनि—दोनों ग्रहों से जुड़ा होता है। अगर बच्चा पहले से ही सोचने में अधिक समय लगाता है या ज्यादा भावुक है तो नीला रंग उसकी मानसिक गति को और धीमा कर सकता है। यह बच्चों में आलस्य, अनिश्चितता और निष्क्रियता की भावना बढ़ा सकता है, जिससे पढ़ाई में रुचि कम हो जाती है।
तो कैसा हो बच्चों के बैग का रंग?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, आपके बच्चे के स्कूल बैग का रंग ऐसा होना चाहिए जो ऊर्जा, आत्मविश्वास और उत्साह को बढ़ावा दे जैसे-
- लाल रंग ऊर्जा और सक्रियता का प्रतीक है।
- पीला रंग बुद्धिमत्ता और सकारात्मकता का प्रतीक है।
- नारंगी रंग आत्मविश्वास और रचनात्मकता को बढ़ावा देता है।
ये भी पढ़ें- गाय को बचा हुआ खाना खिलाने से क्या पाप लगता है? जानें
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है
Astro Tips: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुछ रंग बच्चों के मानसिक विकास और एकाग्रता पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। खासकर काला और नीला रंग जिन्हें बच्चों के लिए अशुभ माना गया है। ऐसा माना जाता है कि ये रंग नकारात्मक ऊर्जा से जुड़े होते हैं जो बच्चों की एकाग्रता, आत्मविश्वास और सीखने की क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। इस कारण से बच्चा पढ़ाई में रुचि नहीं ले पाता और उसका मन इधर-उधर भटकने लगता है।
इसलिए, ज्योतिष शास्त्र यह सुझाव देता है कि बच्चों के स्कूल बैग ऐसे रंगों में खरीदे जाएं जो सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा दें, जैसे – लाल, पीला, नारंगी आदि।
सही रंग का चुनाव बच्चों के मनोबल, एकाग्रता और व्यक्तित्व विकास में भी सहायक हो सकता है।
काला रंग क्यों न चुनें?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, काले रंग का संबंध शनि ग्रह से होता है जो कठोरता, अवरोध और आलस्य का प्रतीक माना जाता है। काला रंग न केवल बच्चों के मूड को प्रभावित कर सकता है, बल्कि अवसाद और चिड़चिड़ापन भी बढ़ा सकता है।
इसलिए बच्चों के स्कूल बैग के लिए काले रंग से बचना ही बेहतर होता है।
नीला रंग क्यों है हानिकारक?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, नीला रंग गुरु और शनि—दोनों ग्रहों से जुड़ा होता है। अगर बच्चा पहले से ही सोचने में अधिक समय लगाता है या ज्यादा भावुक है तो नीला रंग उसकी मानसिक गति को और धीमा कर सकता है। यह बच्चों में आलस्य, अनिश्चितता और निष्क्रियता की भावना बढ़ा सकता है, जिससे पढ़ाई में रुचि कम हो जाती है।
तो कैसा हो बच्चों के बैग का रंग?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, आपके बच्चे के स्कूल बैग का रंग ऐसा होना चाहिए जो ऊर्जा, आत्मविश्वास और उत्साह को बढ़ावा दे जैसे-
- लाल रंग ऊर्जा और सक्रियता का प्रतीक है।
- पीला रंग बुद्धिमत्ता और सकारात्मकता का प्रतीक है।
- नारंगी रंग आत्मविश्वास और रचनात्मकता को बढ़ावा देता है।
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है