Samudrik Shastra: केवल हाथ नहीं पैरों की रेखा भी जगाती है नसीब, पांव की पद्म रेखा बताती है कितने लकी हैं आप!

Samudrik Shastra: सामुद्रिक शास्त्र में केवल हाथ की ही नहीं बल्कि पैरों की रेखाओं का भी अध्ययन कर भविष्यकथन किया जाता है। यहां चर्चा पांव के निशान पद्म रेखा की है, जो यह बताती है कि आप कितने लकी हैं? आइए जानते हैं, पांव में यह रेखा कहां होती है और यह क्या-क्या संकेत देती है?

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हाल के वर्षों में फूट रीडिंग का चलन बढ़ा है।

Samudrik Shastra: सामुद्रिक शास्त्र में शरीर के प्रत्येक अंग और वहां बने चिह्नों का बारीकी से अध्ययन कर उसके मायने और निष्कर्ष निकाले जाते हैं। ज्योतिष शास्त्र, हस्तरेखा शास्त्र और अंक ज्योतिष की तरह यह भी एक विलक्षण विद्या है। इस अद्भुत विद्या के एक्सपर्ट्स शरीर के विभिन्न अंगों और उन पर बने चिह्नों के माध्यम से पर्सनालिटी, भाग्य और भविष्य के बारे में काफी सटीक जानकारी प्रदान करते हैं।

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लेकिन क्या आप जानते हैं, इस शास्त्र में केवल हाथ की ही नहीं बल्कि पैरों की रेखाओं की भी स्टडी की जाती है। अनेक लोग यह भी मानते हैं कि हाथ के रेखाओं से अधिक विश्वसनीय पांव की रेखाएं होती हैं। यहां चर्चा पांव के एक ऐसे रेखा की हो रही है, जिसे ‘पद्म रेखा’ कहते हैं। सामुद्रिक शास्त्र में के विद्वानों के अनुसार, जिन व्यक्तियों के पैरों में यह रेखा होती है, वे बेहद लकी माने जाते हैं। आइए जानते हैं, पांव में यह रेखा कहां होती है और जीवन और भाग्य पर इसका असर होता है?

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यहां होती है पांव में पद्म रेखा

पद्म का मतलब होता है कमल। पांव के तलवे पर पद्म रेखा थोड़ी-थोड़ी कमल के फूल जैसी देखती है। पद्म यानी कमल का संबंध धन और सौभाग्य से है। पद्म धन की देवी लक्ष्मी का आसन है। पांव में यह रेखा पैर के अंगूठे और तर्जनी के नीचे स्थित होती है और एड़ी की चली जाती है। मान्यता है कि यह रेखा जितनी गहरी और स्पष्ट होती है, व्यक्ति का भाग्य उतना बढ़िया होता है।

पद्म रेखा के प्रकार

पद्म रेखा के कई प्रकार होते हैं, जिनमें से प्रत्येक का अलग-अलग अर्थ होता है।

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स्पष्ट और गहरी रेखा: यह सबसे शुभ मानी जाती है और व्यक्ति को जीवन में काफी सफलता मिलती है।

हल्की रेखा: यह भी शुभ मानी जाती है, लेकिन व्यक्ति को थोड़ी अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है।

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टूटी हुई रेखा: यह अशुभ मानी जाती है और व्यक्ति को जीवन में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

पांव में पद्म रेखा के मायने

1- यदि किसी व्यक्ति के पांव की पद्म रेखा एड़ी के निचले भाग से शुरू होकर अंगूठे तक जाती है तो व्यक्ति खूब प्रसिद्धि और धन हासिल करता है।

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2- जिन व्यक्तियों के पांवों के बीच से निकलकर तीन रेखा एक साथ आगे बढ़ती है और उसमें से एक रेखा अंगूठे और दूसरी ऊंगली के बीच ऊपर तक पहुंचती है, तो व्यक्ति को हर क्षेत्र में सफलता हासिल होती है।

3- अगर पैरों के मध्य भाग से निकलकर एक खड़ी रेखा सीधा ऊंगुलियों तक पहुंचे तो माना जाता है कि ऐसा व्यक्ति भाग्यशाली होता है।

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4- यदि पैरों के मध्य भाग से निकलकर एक रेखा अनामिका ऊंगुली तक जाती है, तो व्यक्ति आलसी स्वभाव का हो सकता है।

5- जिन व्यक्तियों के के पैरों के अंगूठे के नीचे कोई खड़ी रेखा मौजूद होती है, वे तेजस्वी और धनवान होते हैं। उन्हें काफी शोहरत भी मिलती है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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