Narmada Jayanti 2026: पंचांग के अनुसार, माघ माह की शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि को नर्मदा जयंती मनाई जाती है. यह तिथि 25 जनवरी को है ऐसे में इस दिन मां नर्मदा का प्राकट्योत्सव मनाया जाएगा. हिंदू धर्म में नर्मदा नदी का खास धार्मिक महत्व है. इसे बेहद पवित्र नदी माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि, इस नदी में स्नान करने नहीं बल्कि, स्नान मात्र से सारे पाप धुल जाते हैं. नर्मदा जयंती के अवसर पर जानते हैं कि, इस नदी का क्या महत्व है और ऐसी मान्यता क्यों है?
नर्मदा नदी के दर्शन से मिट जाते हैं पाप
प्राचीन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गंगा में एक बार स्नान करने, यमुना में तीन बार स्नान, सरस्वती नदी में सात बार स्नान से जो लाभ मिलता है वह लाभ नर्मदा नदी के मात्र दर्शन करने से मिलता है. नर्मदा नदी में स्नान करना और भी लाभकारी होता है. आप नर्मदा जयंती के पर्व पर पवित्र नदी में स्नान कर सकते हैं. इसके साथ ही मां नर्मदा की पूजा करने से सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है.
ये भी पढ़ें - Ratha Saptami 2026: कल या परसों कब है रथ सप्तमी? जानें सूर्य पूजा का महत्व, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
दर्शन से पाप मिटने की मान्यता के पीछे कथा
नर्मदा नदी में दर्शन करने से पाप मिटते हैं इसके पीछे एक पौराणिक मान्यता है. मान्यताओं के अनुसार, एक बार शिव जी अमरकंटक में कठोर तपस्या में लीन थे. उनके पसीने से नर्मदा का जन्म हुआ. इसका अर्थ सुख प्रदान करने से है. भगवान शिव ने मां नर्मदा को वरदान दिया था कि, युगों-युगों तक तुम्हारा जल पवित्र रहेगा और तुम्हारे दर्शन मात्र से लोगों को पापों से मुक्ति मिलेगी. नर्मदा को शिव की पुत्री होने के कारण 'शंकर स्वरूपा' माना जाता है और यह साक्षात मोक्षदायिनी हैं.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
Narmada Jayanti 2026: पंचांग के अनुसार, माघ माह की शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि को नर्मदा जयंती मनाई जाती है. यह तिथि 25 जनवरी को है ऐसे में इस दिन मां नर्मदा का प्राकट्योत्सव मनाया जाएगा. हिंदू धर्म में नर्मदा नदी का खास धार्मिक महत्व है. इसे बेहद पवित्र नदी माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि, इस नदी में स्नान करने नहीं बल्कि, स्नान मात्र से सारे पाप धुल जाते हैं. नर्मदा जयंती के अवसर पर जानते हैं कि, इस नदी का क्या महत्व है और ऐसी मान्यता क्यों है?
नर्मदा नदी के दर्शन से मिट जाते हैं पाप
प्राचीन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गंगा में एक बार स्नान करने, यमुना में तीन बार स्नान, सरस्वती नदी में सात बार स्नान से जो लाभ मिलता है वह लाभ नर्मदा नदी के मात्र दर्शन करने से मिलता है. नर्मदा नदी में स्नान करना और भी लाभकारी होता है. आप नर्मदा जयंती के पर्व पर पवित्र नदी में स्नान कर सकते हैं. इसके साथ ही मां नर्मदा की पूजा करने से सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है.
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दर्शन से पाप मिटने की मान्यता के पीछे कथा
नर्मदा नदी में दर्शन करने से पाप मिटते हैं इसके पीछे एक पौराणिक मान्यता है. मान्यताओं के अनुसार, एक बार शिव जी अमरकंटक में कठोर तपस्या में लीन थे. उनके पसीने से नर्मदा का जन्म हुआ. इसका अर्थ सुख प्रदान करने से है. भगवान शिव ने मां नर्मदा को वरदान दिया था कि, युगों-युगों तक तुम्हारा जल पवित्र रहेगा और तुम्हारे दर्शन मात्र से लोगों को पापों से मुक्ति मिलेगी. नर्मदा को शिव की पुत्री होने के कारण ‘शंकर स्वरूपा’ माना जाता है और यह साक्षात मोक्षदायिनी हैं.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.