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Magh Gupt Navratri 2026: आज गुप्त नवरात्रि का दूसरा दिन, द्विपुष्कर योग में करें मां तारा की पूजा, मिलेगा धन-ऐश्वर्य का आशीर्वाद

Magh Gupt Navratri 2026: माघ मास की गुप्त नवरात्रि साधना और सिद्धि का विशेष काल मानी जाती है. आज गुप्त नवरात्रि का दूसरा दिन है और इस दौरान द्विपुष्कर योग का शुभ संयोग बन रहा है. इस योग में मां तारा की पूजा करने से धन, ऐश्वर्य और मानसिक शक्ति की प्राप्ति मानी जाती है.

Author Written By: Shyamnandan Updated: Jan 20, 2026 01:50
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Magh Gupt Navratri 2026: माघ मास की गुप्त नवरात्रि साधना, सिद्धि और शक्ति का विशेष समय मानी जाती है. आज गुप्त नवरात्रि का दूसरा दिन है और इस दिन द्विपुष्कर योग का दुर्लभ संयोग भी बन रहा है. यह योग पूजा, मंत्र जाप और साधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. आज मां तारा की आराधना करने से धन, ऐश्वर्य और मानसिक बल की प्राप्ति का योग बनता है. तंत्र साधना और गुप्त उपासना में विश्वास रखने वाले साधकों के लिए यह दिन बहुत खास है.

गुप्त नवरात्रि का महत्व

गुप्त नवरात्रि वर्ष में दो बार आती है. इसमें मां दुर्गा की दस महाविद्याओं की साधना की जाती है. यह साधना गुप्त रूप से की जाती है, इसलिए इसे गुप्त नवरात्रि कहा जाता है. मान्यता के अनुसार इस दौरान की गई पूजा शीघ्र फल देती है. जीवन के संकट, आर्थिक परेशानी और मानसिक तनाव दूर करने में यह काल सहायक माना जाता है.

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आज होगी मां तारा की पूजा

माघ गुप्त नवरात्रि के दूसरे दिन मां तारा की उपासना श्रेष्ठ मानी गई है. मां तारा दस महाविद्याओं में दूसरा स्थान रखती है. शास्त्रों के अनुसार वह करुणा, ज्ञान और शक्ति की देवी है. बौद्ध परंपरा में भी मां तारा का विशेष महत्व है. साधक उनकी कृपा से भय, दरिद्रता और बाधाओं से मुक्ति पाते है.

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बन रहा है द्विपुष्कर योग का शुभ संयोग

आज द्विपुष्कर योग बन रहा है. यह योग दोहरा फल देने वाला माना जाता है. इस योग में किया गया जप, दान और पूजा कई गुना फल देती है. ज्योतिष के अनुसार इस समय मां तारा की पूजा करने से धन लाभ, कार्य सिद्धि और सौभाग्य में वृद्धि होती है. नया कार्य आरंभ करने या विशेष संकल्प लेने के लिए भी यह समय अनुकूल है.

ऐसे करें मां तारा की पूजा

मां तारा की पूजा रात्रि काल में करना श्रेष्ठ माना गया है. पूजा एकांत स्थान पर करें. देवी को नीले रंग के वस्त्र, नीले पुष्प और धूप अर्पित करें. प्रसाद के रूप में आम या मौसमी फल चढाएं. दीपक जलाकर मां तारा के मंत्र का जप करें. संध्या आरती में कपूर और लवंग का प्रयोग करने से वातावरण शुद्ध होता है.

धन, वैभव और ऐश्वर्य की देवी हैं मां तारा

मां तारा को धन, वैभव और ऐश्वर्य प्रदान करने वाली देवी कहा जाता है. उनकी साधना से साधक को आत्मविश्वास, वाणी की शक्ति और आध्यात्मिक उन्नति मिलती है. गुप्त नवरात्रि का यह दूसरा दिन साधना के लिए एक विशेष अवसर माना जाता है. द्विपुष्कर योग में की गई भक्ति जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली मानी जाती है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Jan 20, 2026 01:50 AM

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