हिंदी न्यूज़/Religion/Kaalchakra: नीलम पहनना किसके लिए शुभ और किसके लिए अशुभ? जानें पंडित सुरेश पांडेय से
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Kaalchakra: नीलम पहनना किसके लिए शुभ और किसके लिए अशुभ? जानें पंडित सुरेश पांडेय से
Kaalchakra Today: नीलम एक बहुत ही शक्तिशाली व प्रभावशाली रत्न है, जिसे धारण करने के बाद व्यक्ति रंक से राजा बन सकता है. चलिए प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय से जानते हैं कि किन लोगों को नीलम रत्न पहनना चाहिए और किन्हें इसे धारण करने से बचना चाहिए. साथ ही आपको इसे धारण करने के बाद होने वाले लाभ के बारे में पता चलेगा.
Kaalchakra Today 7 February 2026: जब कड़ी मेहनत करने के बाद भी सफलता नहीं मिलती है तो व्यक्ति अक्सर ज्योतिष की ओर रुख करता है. ज्योतिष शास्त्र की मानें तो कुंडली में ग्रहों की स्थिति का गहरा प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर पड़ता है, जिस कारण उसके साथ शुभ व अशुभ घटनाएं घटती हैं. हालांकि, हाथ की उंगली में कुछ विशेष रत्नों को धारण करके ग्रहों के अशुभ प्रभाव से बचा जा सकता है. रत्न शास्त्र में 80 से अधिक रत्नों का उल्लेख किया गया है, जिन सभी का अपना महत्व और खासियत है.
आज 7 फरवरी 2026 के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय से आपको नीलम रत्न के बारे में जानने को मिलेगा, जिसका संबंध कर्मफल दाता शनि से है.
कब धारण करना चाहिए नीलम?
कुंडली में शनि किसी मुख्य भाव का कारक है तो उस भाव को मजबूत करने के लिए नीलम पहनना चाहिए.
ऑफिस में अगर लोग आप पर हमेशा हावी रहते हैं, जिस कारण आपका दिमाग काम करना बंद हो गया है तो ऐसी परिस्थिति में नीलम रत्न पहनना चाहिए.
जिन लोगों का कारोबार शनि से जुड़ा है, उन्हें नीलम पहनने से लाभ जरूर होता है.
नीलम रत्न पहनने के बाद व्यक्ति हर काम गंभीरता से करता है.
नीलम को पहनने से मन में तीव्रता आती है और व्यवहार बदलता है.
शनि का रत्न नीलम मन को शांत करता है.
रिसर्च के काम में व्यक्ति अच्छा प्रदर्शन करता है.
नीलम में एल्युमीनियम ऑक्साइड और क्रोमियम होता है, जो दिमाग को तेज करता है.
जिन लोगों को नीलम सूट करता है, उनके धन, संपत्ति, सुख, यश, मान-सम्मान, आयु, बुद्धि, और वंश आदि में वृद्धि होती है.
रोग और दरिद्रता से मुक्ति मिलती है.
मुख की कांति और आंखों की रोशनी बढ़ती है.
नौकरी में स्थिरता आती है.
रोगों से जल्दी मुक्ति मिलती है.
राजनीति में सफलता मिलती है.
किन्हें नीलन पहनना चाहिए और किन्हें नहीं?
वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुंभ लग्न वालों के लिए नीलम धारण करना शुभ होता है, जबकि मेष, कर्क, सिंह, धनु, वृश्चिक और मीन लग्न वालों को विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही नीलम रत्न पहनना चाहिए. हालांकि, नीलम को पहनने से पहले उसे जांचना जरूर चाहिए. इसके लिए आप शनिवार के दिन शुक्ल पक्ष के दौरान अपने दाहिने हाथ में नीलम को रखकर मुट्ठी बंद कर लें. 1 घंटे तक नीलम को अपने हाथ में ही रखें. यदि इस दौरान आपको कोई खुशखबरी सुनने को मिलती है या आपका मन खुश रहता है तो समझ जाइए कि नीलम आपको सूट कर रहा है.
वहीं, अगर आपका मन बेचैन हो, शरीर में इचिंग हो या कोई अशुभ खबर सुनने को मिले तो समझ जाइए कि नीलम आपको सूट नहीं कर रहा है.
यदि आप नीलम से जुड़ी अन्य जरूरी बातों के बारे में जानना चाहते हैं तो उसके लिए ऊपर दिए गए वीडियो को जरूर देखें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी रत्न शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
Kaalchakra Today 7 February 2026: जब कड़ी मेहनत करने के बाद भी सफलता नहीं मिलती है तो व्यक्ति अक्सर ज्योतिष की ओर रुख करता है. ज्योतिष शास्त्र की मानें तो कुंडली में ग्रहों की स्थिति का गहरा प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर पड़ता है, जिस कारण उसके साथ शुभ व अशुभ घटनाएं घटती हैं. हालांकि, हाथ की उंगली में कुछ विशेष रत्नों को धारण करके ग्रहों के अशुभ प्रभाव से बचा जा सकता है. रत्न शास्त्र में 80 से अधिक रत्नों का उल्लेख किया गया है, जिन सभी का अपना महत्व और खासियत है.
आज 7 फरवरी 2026 के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय से आपको नीलम रत्न के बारे में जानने को मिलेगा, जिसका संबंध कर्मफल दाता शनि से है.
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कब धारण करना चाहिए नीलम?
कुंडली में शनि किसी मुख्य भाव का कारक है तो उस भाव को मजबूत करने के लिए नीलम पहनना चाहिए.
ऑफिस में अगर लोग आप पर हमेशा हावी रहते हैं, जिस कारण आपका दिमाग काम करना बंद हो गया है तो ऐसी परिस्थिति में नीलम रत्न पहनना चाहिए.
जिन लोगों का कारोबार शनि से जुड़ा है, उन्हें नीलम पहनने से लाभ जरूर होता है.
नीलम रत्न पहनने के बाद व्यक्ति हर काम गंभीरता से करता है.
नीलम को पहनने से मन में तीव्रता आती है और व्यवहार बदलता है.
शनि का रत्न नीलम मन को शांत करता है.
रिसर्च के काम में व्यक्ति अच्छा प्रदर्शन करता है.
नीलम में एल्युमीनियम ऑक्साइड और क्रोमियम होता है, जो दिमाग को तेज करता है.
जिन लोगों को नीलम सूट करता है, उनके धन, संपत्ति, सुख, यश, मान-सम्मान, आयु, बुद्धि, और वंश आदि में वृद्धि होती है.
रोग और दरिद्रता से मुक्ति मिलती है.
मुख की कांति और आंखों की रोशनी बढ़ती है.
नौकरी में स्थिरता आती है.
रोगों से जल्दी मुक्ति मिलती है.
राजनीति में सफलता मिलती है.
किन्हें नीलन पहनना चाहिए और किन्हें नहीं?
वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुंभ लग्न वालों के लिए नीलम धारण करना शुभ होता है, जबकि मेष, कर्क, सिंह, धनु, वृश्चिक और मीन लग्न वालों को विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही नीलम रत्न पहनना चाहिए. हालांकि, नीलम को पहनने से पहले उसे जांचना जरूर चाहिए. इसके लिए आप शनिवार के दिन शुक्ल पक्ष के दौरान अपने दाहिने हाथ में नीलम को रखकर मुट्ठी बंद कर लें. 1 घंटे तक नीलम को अपने हाथ में ही रखें. यदि इस दौरान आपको कोई खुशखबरी सुनने को मिलती है या आपका मन खुश रहता है तो समझ जाइए कि नीलम आपको सूट कर रहा है.
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वहीं, अगर आपका मन बेचैन हो, शरीर में इचिंग हो या कोई अशुभ खबर सुनने को मिले तो समझ जाइए कि नीलम आपको सूट नहीं कर रहा है.
यदि आप नीलम से जुड़ी अन्य जरूरी बातों के बारे में जानना चाहते हैं तो उसके लिए ऊपर दिए गए वीडियो को जरूर देखें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी रत्न शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.