Kaalchakra: 13 अध्याय और 700 श्लोक, कैसे करें दुर्गा सप्तशती का पाठ? पंडित सुरेश पांडेय से जानें नियम

Kaalchakra News24 Today: शारदीय नवरात्रि का आरंभ 03 अक्टूबर 2024 से हो गया है। इस दौरान माता की पूजा करने के साथ-साथ श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ करना शुभ होता है। चलिए पंडित सुरेश पांडेय से जानते हैं इसी ग्रन्थ से जुड़े नियम और पाठ करने के लाभ के बारे में।

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जानें दुर्गा सप्तशती पाठ के लाभ...

Kaalchakra News24 Today, Pandit Suresh Pandey: नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है। इस दौरान माता दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा करने के साथ-साथ व्रत रखना शुभ होता है। नवरात्रि के 9 दिनों के दौरान जो लोग सच्चे मन से माता की आराधना करते हैं, उनके घर में सदा खुशहाली बनी रहती है। इसके अलावा इन शुभ दिन श्री दुर्गा सप्तशती ग्रंथ का पाठ करना भी शुभ होता है। श्री दुर्गा सप्तशती के हर अध्याय और हर श्लोक का विशेष महत्व है, जिसका पाठ करने से साधक को चमत्कारी फल की प्राप्ति होती है। साथ ही मानसिक शांति मिलती है। लेकिन श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ करते समय कुछ विशेष नियमों का पालन जरूर करना चाहिए। नहीं तो पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलता है। आज के कालचक्र में पंडित सुरेश पांडेय आपको श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ करने के नियम और लाभ के बारे में बताने जा रहे हैं।

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श्री दुर्गा सप्तशती पाठ का महत्व

श्री दुर्गा सप्तशती में कुल 13 अध्याय और 700 श्लोक हैं, जिनका अपना महत्व है। श्री दुर्गा सप्तशती के पहले अध्याय का पाठ करने से सभी प्रकार की चिंताओं से मुक्ति मिलती है। जबकि दूसरे अध्याय का पाठ करने से शत्रु व बाधा दूर होते हैं और मुकदमे में विजय प्राप्त होती है।

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जो लोग नवरात्रि के दौरान इस ग्रन्थ के तीसरे अध्याय का पाठ करते हैं, उन्हें शत्रुओं से मुक्ति मिलती है, जबकि चौथे अध्याय का पाठ करने से मां जगदंबे की विशेष कृपा प्राप्त होती है। नियमित रूप से श्री दुर्गा सप्तशती के 5वें अध्याय का पाठ करने से भक्ति, शक्ति और देवी दर्शन का आशीर्वाद मिलता है। साथ ही दुख और भय से मुक्ति मिलती है।

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श्री दुर्गा सप्तशती पाठ करने के नियम

  • जिस जगह पर बैठकर आप श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ कर रहे हैं, वहां साफ-सफाई रखें।
  • पाठ करते समय सूती कपड़े पहनने चाहिए।
  • पाठ के बीच में अपनी जगह से नहीं उठना चाहिए। इसलिए पहले ही सभी काम कर लें।
  • पाठ कभी भी जोर-जोर से नहीं करना चाहिए।
  • जो लोग श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ नियमित रूप से नवरात्रि के दौरान कर रहे हैं, उन्हें अष्टमी व नवमी तिथि पर कन्या पूजन जरूर करना चाहिए। तभी पूजा का पूर्ण फल मिलता है। यदि किसी कारणवश कन्या पूजन नहीं कर पा रहे हैं, तो छोटी कन्याओं को कोई उपहार जरूर दें।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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