हिंदी न्यूज़/Religion/Kaalchakra: सत्यनारायण की कथा पढ़ने सुनने और घर में कराने से होता है महालाभ, पंडित सुरेश पांडेय से जानें महत्व
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Kaalchakra: सत्यनारायण की कथा पढ़ने-सुनने और घर में कराने से होता है महालाभ, पंडित सुरेश पांडेय से जानें महत्व
Kaalchakra Today: कभी न कभी आपने सत्यनारायण की कथा की महिमा के बारे में तो जरूर सुना होगा. मान्यता है कि सत्यनारायण की कथा करने, सुनने व कराने से हजार साल तक किए गए यज्ञ के समान फल मिलता है. यहां पर आप सत्यनारायण की कथा के महत्व, लाभ और नियमों के बारे में विस्तार से जान सकते हैं.
Kaalchakra Today 22 January 2026: सनातन धर्म के लोगों के लिए जगत के पालनहार भगवान विष्णु की पूजा का खास महत्व है, जिनकी उपासना विभिन्न रूपों में की जाती है. सत्यनारायण भी विष्णु जी का एक रूप हैं, जिनका पूजन 'सत्य के स्वामी' व 'सत्य के अवतार' के रूप में किया जाता है. भगवान विष्णु के इस रूप को प्रसन्न करने के लिए सत्यनारायण की कथा कराई व सुनी जाती है. सत्यनारायण की कथा 170 श्लोकों में बताई गई है, जो कि 5 अध्यायों में है. हालांकि, इसमें दो विषय भी हैं. इनकी पूजा में गौरी-गणेश, नवग्रह और समस्त दिक्पाल (दिशाओं के संरक्षक) भी शामिल होते हैं.
आज 22 जनवरी 2026 के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको सत्यनारायण की कथा के महत्व, लाभ और नियम आदि के बारे में विस्तार से बताएंगे.
कब करानी चाहिए सत्यनारायण की कथा?
किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले या किसी खास मनोकामना की पूर्ति के लिए सत्यनारायण की कथा घर में कराई जा सकती है.
ये कथा जल्दी विवाह के लिए व सुखद वैवाहिक जीवन के लिए करानी लाभकारी होती है.
ये कथा संतान के जन्म के अवसर पर और संतान से जुड़े अनुष्ठानों पर करानी बहुत लाभकारी होती है.
विवाह के पहले और बाद में सत्यनारायण की पूजा कराने से शुभ फल मिलता है.
घर में किसी की मृत्यु हो गई है तो सभी संस्कार पूर्ण करने के बाद सत्यनारायण की कथा कराने से लाभ होता है.
मुंडन संस्कार के दौरान भी सत्यनारायण की कथा कराना शुभ होता है.
संतान सुख पाने के लिए भी सत्यनारायण का व्रत किया जाता है.
सत्यनारायण की कथा से होने वाले लाभ
सत्यनारायण की कथा सुनने से सौभाग्य में वृद्धि होती है. साथ ही गृह शांति और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है.
सत्यनारायण की कथा करने से मोक्ष मिलता है. साथ ही दुर्भाग्य का अंत होता है और पूर्वजों को शांति मिलती है.
इस कथा को ध्यानपूर्वक करने से मन पर नियंत्रण स्थापित हो सकता है.
सत्यनारायण की कथा सुनने और पढ़ने से मन शांत होता है. साथ ही शत्रुओं का नाश होता है और विजय की प्राप्ति होती है.
इस कथा के पाठ से निर्धन व्यक्ति धनी, जिज्ञासु व्यक्ति बुद्धिमान और भयभीत व्यक्ति को अभय की प्राप्ति होती है.
https://www.youtube.com/watch?v=FrpU23qj3Wc
यदि आप जानना चाहते हैं कि सत्यनारायण की कथा कैसे की जाती है और इससे जुड़े नियम क्या हैं तो उसके लिए ये वीडियो देखें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
Kaalchakra Today 22 January 2026: सनातन धर्म के लोगों के लिए जगत के पालनहार भगवान विष्णु की पूजा का खास महत्व है, जिनकी उपासना विभिन्न रूपों में की जाती है. सत्यनारायण भी विष्णु जी का एक रूप हैं, जिनका पूजन ‘सत्य के स्वामी’ व ‘सत्य के अवतार’ के रूप में किया जाता है. भगवान विष्णु के इस रूप को प्रसन्न करने के लिए सत्यनारायण की कथा कराई व सुनी जाती है. सत्यनारायण की कथा 170 श्लोकों में बताई गई है, जो कि 5 अध्यायों में है. हालांकि, इसमें दो विषय भी हैं. इनकी पूजा में गौरी-गणेश, नवग्रह और समस्त दिक्पाल (दिशाओं के संरक्षक) भी शामिल होते हैं.
आज 22 जनवरी 2026 के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको सत्यनारायण की कथा के महत्व, लाभ और नियम आदि के बारे में विस्तार से बताएंगे.
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कब करानी चाहिए सत्यनारायण की कथा?
किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले या किसी खास मनोकामना की पूर्ति के लिए सत्यनारायण की कथा घर में कराई जा सकती है.
ये कथा जल्दी विवाह के लिए व सुखद वैवाहिक जीवन के लिए करानी लाभकारी होती है.
ये कथा संतान के जन्म के अवसर पर और संतान से जुड़े अनुष्ठानों पर करानी बहुत लाभकारी होती है.
विवाह के पहले और बाद में सत्यनारायण की पूजा कराने से शुभ फल मिलता है.
घर में किसी की मृत्यु हो गई है तो सभी संस्कार पूर्ण करने के बाद सत्यनारायण की कथा कराने से लाभ होता है.
मुंडन संस्कार के दौरान भी सत्यनारायण की कथा कराना शुभ होता है.
संतान सुख पाने के लिए भी सत्यनारायण का व्रत किया जाता है.
सत्यनारायण की कथा से होने वाले लाभ
सत्यनारायण की कथा सुनने से सौभाग्य में वृद्धि होती है. साथ ही गृह शांति और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है.
सत्यनारायण की कथा करने से मोक्ष मिलता है. साथ ही दुर्भाग्य का अंत होता है और पूर्वजों को शांति मिलती है.
इस कथा को ध्यानपूर्वक करने से मन पर नियंत्रण स्थापित हो सकता है.
सत्यनारायण की कथा सुनने और पढ़ने से मन शांत होता है. साथ ही शत्रुओं का नाश होता है और विजय की प्राप्ति होती है.
इस कथा के पाठ से निर्धन व्यक्ति धनी, जिज्ञासु व्यक्ति बुद्धिमान और भयभीत व्यक्ति को अभय की प्राप्ति होती है.
यदि आप जानना चाहते हैं कि सत्यनारायण की कथा कैसे की जाती है और इससे जुड़े नियम क्या हैं तो उसके लिए ये वीडियो देखें.