होली के पर्व पर होलिका दहन के दौरान होली की अग्नि में जौं-गेहूं की बालियां की आहूति दी जाती है. जौं-गेहूं की आहूति नई फसल के अच्छे होने की कामना के लिए दी जाती है. लोग अग्नि को पवित्र मानकर फसल उन्हें समर्पित करते हैं. यह सुख-समृद्धि का प्रतीक मानी जाती है.
Holika Dahan 2026, Shubh Muhrat Live Updates: होली से पहले होलिका दहन का पर्व मनाया जाता है, जिस दिन शाम के समय लकड़ी से पवित्र अग्नि जलाई जाती है और उसकी पूजा होती है. हालांकि, इस बार भद्रा काल और चंद्र ग्रहण के कारण होलिका दहन की सही तिथि और शुभ मुहूर्त को लेकर लोगों के मन में असमंजस की स्थिति है. जहां कुछ लोग आज 2 मार्च 2026 को होलिका दहन का पर्व मना रहे हैं, वहीं कई लोग कल 3 मार्च 2026 को भी होलिका की पूजा करेंगे. ऐसे में पिछले साल की तरह इस बार भी दो तिथियों का संयोग बन रहा है.
Holika Dahan 2026 Date and Time: When Is Holika Dahan Today? (आज या कल, कब है होलिका दहन?)
द्रिक पंचांग के अनुसार, आज 2 मार्च 2026 को होलिका दहन का पर्व मनाया जा सकता है, लेकिन पूजा का शुभ मुहूर्त देर रात में ही है.
Holika Dahan Shubh Muhurat 2026: Exact Timing to Perform Puja (होलिका दहन की पूजा का शुभ मुहूर्त)
जो लोग आज 2 मार्च 2026 को होलिका दहन का पर्व मना रहे हैं, वो भद्रा पुच्छ में होलिका जला सकते हैं. दरअसल, आज शाम 5 बजकर 18 मिनट से लेकर कल 3 मार्च की सुबह 4 बजकर 56 मिनट तक भद्रा रहेगी. ऐसे में भद्रा पुच्छ में होलिका दहन कर सकते हैं, जो कि भद्रा काल का अंतिम चरण होता है. इसमें मांगलिक कार्यों को करना उचित माना गया है. आज 2 मार्च की रात 11 बजकर 53 मिनट से लेकर कल 3 मार्च की सुबह 1 बजकर 26 मिनट तक भद्रा पुच्छ रहेगी.
होलिका दहन की पूजा विधि, कथा, पूर्णिमा तिथि, उपाय, मंत्र, आरती और अन्य जानकारी के लिए बने रहें News24 के साथ…
ॐ जय होलिका माता मैया जय होलिका माता
जो जन तुझको पूजे सुख सारे पाता
ॐ जय होलिका माता
महाऋषि कश्यप की पुत्री तुम माता
मैया पुत्री तुम माता हिरण्य कश्यप भ्राता
ॐ जय होलिका माता
शिव भक्ति से तुमने ऐसा वर पाया
मैया ऐसा वर पाया अग्नि जला न पाए
अग्नि जला न पाए तेरी ये काया
ॐ जय होलिका माता
वरदानी ये दुशाला शीश पे जब ओढ़े
मैया शीश पे जब ओढ़े शिवजी की कृपा से
शिवजी की कृपा से अग्नि भी मुख मोड
ॐ जय होलिका माता
ऋषि श्राप के बंधन सारे सत्य हुए
मैया सारे सत्य हुए अग्नि बिच में जल के
अग्नि बिच में जल के दोषी वो भस्म हुए
ॐ जय होलिका माता
पान सुपारी नारियल जो तुझे दान करे
मैया जो तुझे दान करे धन वैभव सुख सारे
धन वैभव सुख सारे तू प्रदान करे
ॐ जय होलिका माता
गेंहू चने की बाली चढ़े सरसो के फूल
मैया चढ़े सरसो के फूल उस जन के दुःख हारती
उस जन के दुःख हारती ग्रह रहे अनुकूल
ॐ जय होलिका माता
होली दहन के समय जो परिक्रमा करते
मैया परिक्रमा करते होलिका माँ की कृपा से
होलिका माँ की कृपा से काज सफल होते
ॐ जय होलिका माता
बड़ गुल्ले गोबर के होली में दहन करे
मैया होली में दहन करे अन्न धन से भंडारे
अन्न धन से भंडारे होलिका मात भरे
ॐ जय होलिका माता
होलिका माई की आरती जो भी जन गावे
मैया जो भी जन गावे सुख संतान की खुशियां
सुख संतान की खुशियां मैया से पाए
ॐ जय होलिका माता
ॐ जय होलिका माता मैया जय होलिका माता
वैरागी माँ तेरे नित नित गुण गाता
ॐ जय होलिका माता
ॐ जय होलिका माता मैया जय होलिका माता
जो जन तुझको पूजे सुख सारे पाता
ॐ जय होलिका माता
द्रिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन महीने की पूर्णिमा आज 2 मार्च 2026 को शाम 5:55 बजे प्रारंभ होगी और 3 मार्च को शाम 5:09 बजे समाप्त होगी।
साथ ही, भद्रा का साया आज शाम 5:55 बजे से शुरू होकर कल 3 मार्च को सुबह 5:28 बजे तक रहेगा। इस साल भद्रा भूलोक में और सिंह राशि में मानी जा रही है। इस समय दान-पुण्य करने का शुभ अवसर है।
- ओम होलिकायै नम:
- ओम नृम नरसिंहाय शत्रुबल विदीर्नाय नमः
- ओम नमों भगवते वासुदेवाय नम:
- अहकूटा भयत्रस्तै: कृता त्वं होलि बालिशै:,
अतस्वां पूजयिष्यामि भूति-भूति प्रदायिनीम
- वंदितासि सुरेन्द्रेण ब्रह्मणा शंकरेण च।
अतस्त्वं पाहि मां देवी! भूति भूतिप्रदा भव।।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.











