Samudrik Shastra: व्यक्ति के चेहरे पर अलग-अलग जगह तिल होने का अलग-अलग अर्थ होता है. इंसान के शरीर पर मौजूद तिलों से उसके भाव, भविष्य, गुण और भाग्य के बारे में जान सकते हैं. चेहरे पर किस जगह तिल होना कैसा होता है इसके बारे में सामुद्रिक शास्त्र के जरिए जान सकते हैं. इसके साथ ही काले, लाल और भूरे तिल का अलग अर्थ होता है. इन तिलों से कई गहरे राज खुलते हैं. सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, शरीर के कई अंगों पर तिल बेहद भाग्यशाली माना जाता है.
काला, भूरा या लाल तिल?
तिल का रंग, स्थान और आकार बदलने से इसका असर भी बदलता है. काले तिल की तुलना में लाल तिल और भूरे तिल अधिक भाग्यशाली माने जाते हैं. छोटे तिल को कम प्रभावी माना जाता है जबकि मोटे और स्पष्ट दिखने वाले तिल अधिक प्रभाव डालते हैं. पुरुष के शरीर के दाईं हिस्से में तिल अच्छा माने जाते हैं जबकि, महिलाओं के शरीर के बाईं हिस्से पर तिल शुभ माने जाते हैं.
माथे पर तिल होना भाग्य और बुद्धिमता को दर्शाता है. यह लोग शांत स्वभाव के और भाग्यशाली होते हैं. माथे पर तिल वाले लोग मेहनती होते हैं यह मेहनत के दम पर जीवन में आगे बढ़ते हैं.
अगर होंठ पर तिल होता है तो यह बेहद अच्छा माना जाता है. यह सुंदरता बढ़ाता है. होंठ पर तिल वाले लोग अक्सर बातूनी स्वभाव के होते हैं. यह लोग खाने के शौकीन होते हैं. यह लाइफ पार्टनर से खूब प्यार करते हैं.
किसी के नाक पर तिल होता है तो यह सौभाग्य की निशानी होता है. इन लोगों को भाग्य का साथ मिलता है. नाक पर तिल वाले लोग जीवन में तरक्की करते हैं और इन्हें सफलता हासिल होती है.
गाल पर तिल होने वाले लोग अक्सर हंसमुख और मनमौजी स्वभाव के होते हैं. इन लोगों का वैवाहिक जीवन अच्छा होता है. इन लोगों सोच अच्छी होती है. गाल पर तिल होना इन लोगों की सुंदरता भी बढ़ाता है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.